मोहल्ला क्लीनिक को LG की हरी झंडी लेकिन रखीं ये शर्तें
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दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने दिल्ली सरकार के मोहल्ला क्लीनिक से जुड़े प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है। उपराज्यपाल ने प्रोजेक्ट को पारदर्शी बनाने के लिये सुरक्षा मानकों को अपनाने पर जोर दिया है।
इसमें खास जोर निगरानी तंत्र को मजबूत करने का है। इसके लिये छह महीने के भीतर आधार बेस्ड ऑन लाइन बॉयोमिट्रिक सिस्टम लगाना होगा। उपराज्यपाल का मानना है कि मोहल्ला क्लीनिक बनने से दिल्लीवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी।
मोहल्ला क्लीनिक के मंजूर प्रस्ताव में उपराज्यपाल ने कहा है कि इसकी जगह तय करने की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिये। निजी कैंपस में क्लीनिक खोलने के दौरान जगह के चुनाव व किराये का निर्धारण पीडब्ल्यूडी और सीपीडब्ल्यूडी के प्रचलित नियमों के आधार पर किया जाये।
उपराज्यपाल ने कहा है कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में कोई समझौता नहीं होना चाहिये। उन्होंने जोर दिया है कि क्लीनिक में डॉक्टर व स्टॉफ की तैनाती करने के दौरान मानक प्रक्रिया लागू की जाये।
'मरीजों की संख्या से जुड़े आकड़े ठीक तरीके से रखे जायें'
उपराज्यपाल का कहना है कि क्लीनिक में आने वाले मरीजों की संख्या से जुड़े आकड़े ठीक तरीके से रखे जायें। इसके लिये मोहल्ला क्लीनिक में छह महीने के भीतर ऑनलाइन आधार/बायामैट्रिक प्रक्रिया लागू की जाये। उन्होंने स्पष्ट किया है कि संबंधित विभाग डाटा की देखभाल और रोगियों की गोपनीयता सुनिश्चित करने के लिए प्रर्याप्त सुरक्षा उपायों को अपनाए।
अनिल बैजल ने कहा है कि मोहल्ला क्लीनिक पर दवा व उपकरणों और सेवाओं की अपूर्ति के लिए विभाग नियमों के पालन को सुनिश्चित करे। भूमि उपयोग और किसी भी स्थायी संरचना का निर्माण करने के लिए संबंधित जमीन के मालिक या एजेंसी द्वारा निर्धारित शर्तों का कड़ाई से पालन हो।
स्वास्थ्य विभाग किसी भी हालत में जमीन के पूरे या किसी भी हिस्से के स्वामित्व में बदलाव नहीं कर सकता। बेहद जरूरी होने पर स्थानीय निकाय व विभागों से मंजूरी लेनी होगी। उपराज्यपाल ने कहा है कि स्वास्थ्य विभाग क्लीनिकों के कामकाज की नियमित रूप से जांच करेगा।