आखिर हाईसिक्योरिटी तिहाड़ जेल में क्यों परेशान है बाहुबली शहाबुद्दीन
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बिहार में आतंक मचा चुका बाहुबली व पूर्व सांसद शहाबुद्दीन को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद दिल्ली की इस जेल में लाया गया है जहां आकर वो काफी परेशान है।
एक दिन पहले आरजेडी का बाहुबली बिहार से दिल्ली तिहाड़ जेल लाया गया और हाईसिक्योरिटी जेल में अधिकारियों की देखरेख में है लेकिन शहाबुद्दीन की परेशानी की वजह कुछ और ही है।
तिहाड़ जेल में बाहुबली व पूर्व सांसद शहाबुद्दीन को अंडर वर्ल्ड डॉन छोटा राजन की तरह सुरक्षा घेरा में रखा गया है। सेल में उसपर दस सीसीटीवी कैमरे से निगरानी रखी जा रही है।
साथ ही छोटा राजन की तरह ही करीब डेढ़ दर्जन अधिकारी और वार्डर उनकी हर हरकत पर नजर रख रहे हैं। शहाबुद्दीन को सेल से निकलने की इजाजत नहीं है। वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए ही शहाबुद्दीन के मामले की सुनवाई की जाएगी।
हाईसिक्यूरिटी सेल से बाहर नहीं निकलने की इजाजत
जेल सूत्रों का कहना है कि हाईसिक्यूरिटी सेल से बाहर नहीं निकलने की इजाजत की वजह से शहाबुद्दीन काफी परेशान है। वह दूसरे सेल में शिफ्ट होना चाहता है।
अधिकारिक सूत्रों का कहना है कि शहाबुद्दीन को ठीक उसी तरह की सुरक्षा दी गयी है जिस तरह की सुरक्षा अंडर डॉन छोटा राजन को मिली हुई है। जेल नंबर दो में दो ब्लॉक बने हुए हैं। जिसमें दोनों तरफ दस दस सेल बने हुए हैं।
एक तरफ की हाईसिक्यूरिटी सेल में छोटा राजन बंद है। वहीं दूसरी ओर के एक सेल में शहाबुद्दीन को रखा गया है। सूत्रों के मुताबिक छोटा राजन की तरह ही शहाबुद्दीन की सुरक्षा में एक डिप्टी सुपरीटेंडेंट, चार असिस्टेंट सुपरीटेंडेंट और 12 वार्डर को लगाया गया है। दोनों का खाना अलग अलग रसोईया बनाता है।
शहाबुद्दीन को जेल में डालने की प्रक्रिया पूरी की फिर अन्य कैदी बाहर आए
जेल में रहने के दौरान इन दोनों की मुलाकात संभव नहीं है। यहां तक कि दोनों एक दूसरे को देख भी नहीं सकते हैं। सूत्रों का कहना है कि इनकी सुरक्षा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि रविवार सुबह शहाबुद्दीन के जेल में पहुंचने पर जेल नंबर दो में बंद सभी कैदियों को उनके सेल के भीतर कर दिया गया।
आमतौर पर उस समय कैदी नाश्ता करने के बाद जेल के बाहर होते हैं। शहाबुद्दीन के सेल में भेजने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही कैदियों को उनके सेल से बाहर निकाला गया।
अधिकारिक सूत्रों का कहना है कि सेल में भेजने से पहले ही जेल प्रशासन ने शहाबुद्दीन के एक दो मुलाकाती के नाम ले लिए हैं। जिनके आने पर उन्हें शहाबुद्दीन के सेल तक ले जाया जाएगा और उनकी मुलाकात करवायी जाएगी।