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उत्तराखंड में बूचड़खानों पर हुई छापेमारी तो सामने आया कड़वा सच...

Mon, 10 Apr 2017 12:27 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Mon, 10 Apr 2017 12:27 PM IST
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seven illegal slaughterhouses seized in dehradun
बूचड़खानों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई - फोटो : file photo

उत्तर प्रदेश के बाद अब उत्तराखंड में भी अवैध बूचड़खानों पर गाज गिरनी शुरू हो गई है। यहां देहरादून में बूचड़खानों में छापेमारी की गई तो चौंकाने वाला सच सामने आया।

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पुलिस और प्रशासन ने देहरादून में छापे मारकर सात अवैध बूचड़खानों को बंद करा दिया। कार्रवाई के दौरान संचालक किसी तरह का लाइसेंस नहीं दिखा सके। 

खाद्य विभाग की ओर से नोटिस जारी कर सभी पर दो-दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि अब अवैध कटान पकड़ा गया तो उन्हें सील करने की कार्रवाई की जाएगी। शहर के बाद अब देहात क्षेत्र में अवैध बूचड़खानों पर कार्रवाई होगी।

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इनामुल्ला बिल्डिंग पहुंची टीम

seven illegal slaughterhouses seized in dehradun
बूचड़खानों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई

प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने अवैध रूप से संचालित बूचड़खानों के विरुद्ध मुहिम छेड़ दी है। शनिवार तड़के चार बजे अपर जिलाधिकारी प्रशासन हरबीर सिंह, पुलिस अधीक्षक नगर अजय सिंह की अगुवाई में नगर निगम, पशु चिकित्साधिकारी, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम इनामुल्ला बिल्डिंग पहुंची।

यहां चार अवैध बूचड़खाने पाए गए, जहां अवैध रूप से पशुओं का कटान किया जा रहा था। अचानक हुई इस कार्रवाई से कटान कर रहे लोगों में अफरातफरी मच गई। यहां बूचड़खाना संचालक अब्दुल सलाम, नौशाद, शहजाद कुरैशी और इरफान कुरैशी को नोटिस देकर उनका चालान किया गया।

कार्रवाई के दौरान ये लोग लाइसेंस संबंधी कागजात नहीं दिखा पाए। दूसरी कार्रवाई चुक्खूवाला में विकास सोनकर के यहां हुई। वहां भी बिना लाइसेंस के पशुओं का कटान हो रहा था। एएसपी सदर लोकेश्वर सिंह के नेतृत्व में मुस्लिम बस्ती कारगी ग्रांट में दो बूचड़खानों पर छापा मारा गया। यहां अवैध मांस बरामद हुआ। मांस को मौके पर ही नष्ट कर चालान की कार्रवाई की गई।

अवैध बूचड़खानों के संचालकों के खिलाफ फूड एंड सेफ्टी एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। शहर और ग्रामीण इलाकों में यह कार्रवाई जारी रहेगी।
अजय सिंह, पुलिस अधीक्षक नगर

इन्हें दिए गए नोटिस

seven illegal slaughterhouses seized in dehradun

इन्हें दिए गए नोटिस
इनामुल्ला बिल्डिंग - अब्दुल सलाम, नौशाद, शहजाद कुरैशी, इरफान कुरैशी
चुक्खूवाला - विकास सोनकर
मुस्लिम बस्ती कारगी ग्रांट - गुलफाम, मुस्तकीम अहमद

बूचड़खाने का लाइसेंस लेने को तैयार
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई पर महबूब कुरैशी और आफताब कुरैशी का कहना है कि कार्रवाई में पूरा सहयोग किया गया है। वह पहले ही लाइसेंस के लिए आवेदन कर चुके है, लेकिन लाइसेंस नहीं मिल पाया। वह भी नियमाें के तहत काम के पक्षधर हैं। सरकार से अनुरोध है कि उन्हें जल्द से जल्द लाइसेंस निर्गत किए जाए, क्योंकि इस काम से सैकड़ों लोगाें की रोजी-रोटी जुड़ी है।

लाइसेंस की शर्त पूरी नहीं करते कोई बूचड़खाने
आप यह सुनकर चौक जाएंगे कि शहर में एक भी वैध बूचड़खाना नहीं है। इन्हीं अवैध बूचड़खानों के सहारे सैकड़ों दुकानें संचालित हो रही हैं। एसपी सिटी अजय सिंह ने दावा किया कि नए नियमाें के तहत शहर क्षेत्र में चलने वाले एक भी बूचड़खाने वैध नहीं हैं और न ही उनमें से कोई लाइसेंस की शर्तों को पूरा नहीं करता है। ऐसे में एक भी बूचड़खाना नहीं चल पाएगा।

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छह माह की कैद और पांच लाख के जुर्माने का प्रावधान

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कोर्ट - फोटो : Pintrest

धारा 31/63 के प्रावधान
अवैध स्लॉटर हाउस के खिलाफ फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड एक्ट की धारा 31/63 के आधार पर कार्रवाई की गई है। धारा 31 के अनुसार, बिना लाइसेंस के स्लॉटर हाउस का संचालन करने पर छह माह की कैद और पांच लाख के जुर्माने का प्रावधान है। अस्वास्थ्यकर (स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं) परिस्थितियों में खाद्य पदार्थों को तैयार करने के उल्लंघन में दो लाख रुपये तक के अर्थदंड का नियम है।

फीस कम, मानक कड़े
स्लॉटर हाउस की लाइसेंस फीस महज तीन हजार रुपये प्रतिवर्ष है। लेकिन इसके मानक बेहद कड़े हैं। जिला अभिहीत अधिकारी अनोज कुमार थपलियाल ने बताया कि आवासीय क्षेत्रों में किसी भी दशा में स्लॉटर हाउस का संचालन नहीं किया जा सकता है।

इसके अलावा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, नगर निगम समेत तमाम एजेंसियों से एनओसी लेनी होती है। स्लॉटर हाउस में साफ-सफाई और वेस्ट मैनेजमेंट की पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए। अस्वास्थ्यकर परिस्थितियों में स्लॉटर हाउस का संचालन नहीं किया जा सकता है।

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