उत्तराखंड में हुए इस खुलासे के बाद, देशभर में पड़ेंगे आयकर विभाग के छापे
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उत्तराखंड में आयकर विभाग के छापे के बाद देशभर में उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण निगम (यूपीआरएनएन) द्वारा किए जा रहे कार्यों की पड़ताल शुरू करने की तैयारी है।
इसके लिए जल्द ही देहरादून स्थित जांच कार्यालय की ओर से केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) को पत्र लिखकर इस बाबत तमाम जानकारियां दी जाएंगी। इसके लिए सभी राज्यों से यूपीआरएनएन को दिए जाने वाले ठेकों का हिसाब-किताब तलब किया जाएगा। जल्द ही यह सूचनाएं उत्तराखंड शासन से भी मांगी जाएंगी।
बीते दिनों आयकर विभाग के संयुक्त आयकर निदेशक प्रदीप कुमार के नेतृत्व में यूपीआरएनएन में ठेकेदारी करने वाले ऋषिकेश निवासी अमित शर्मा के हरिद्वार बाईपास के अलावा ऋषिकेश स्थित तमाम परिसरों में छापेमारी की थी। इसके अलावा यूपीआरएनएन के महाप्रबंधक शिव आसरे शर्मा के ढकरानी स्थिति आवास समेत तमाम परिसरों की भी पड़ताल की गई थी।
फॉर्म हाउस में करीब सौ करोड़ रुपये के निवेश होने की बात प्राथमिक जांच में सामने आई है।
काली कमाई से अचल संपत्तियां खरीदने की भी सूचना
इसके अलावा शर्मा के गाजियाबाद और नोएडा में काली कमाई से अचल संपत्तियां खरीदने की भी सूचना पर छानबीन शुरू हो गई है। आयकर विभाग के सूत्रों की मानें तो तमाम राज्यों में कार्यदायी संस्था के तौर पर काम करने वाली यूपीआरएनएन में उत्तराखंड में ठेकेदारों द्वारा मोटा कमीशन देकर तमाम बड़े काम हथियाने की जानकारी आयकर अफसरों को मिली है।
इसे देखते हुए शासन से बीते कुछ वर्षों में यूपीआरएनएन से कराए गए कार्यों का पूरा ब्यौरा तलब किया जा रहा है। इस आधार पर संबंधित ठेकेदारों की ओर से दाखिल आयकर रिटर्न का मिलान किया जाएगा, जिससे कर चोरी पकड़ में आएगी। उत्तराखंड के अलावा देश भर में जहां भी यूपीआरएनएन काम कर रही है, वहां यही कवायद की जाएगी। इस बाबत केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड को भी पत्र लिखा जाएगा।
शर्मा के निलंबन के पीछे भी कहानी
यूपीआरएनएन के महाप्रबंधक आरए शर्मा को निलंबित किए जाने के पीछे भी बड़ा खेल होने की बात कही जा रही है। कहा जा रहा है कि ऊपर के अफसरों तक आंच आने से रोकने के शर्मा को ताबड़तोड़ निलंबित कर दिया गया।
दूर के रिश्तेदार भी हैं काफी नजदीक
महाप्रबंधक आरए शर्मा के तमाम दूर के रिश्तेदार भी उनके काफी नजदीकी बताए जाते हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि उनके नाम पर तमाम संपत्तियां खरीदी जाने की बात आयकर विभाग के सामने आई है। छापे के दौरान अफसरों ने शर्मा के रिश्तेदारों की जानकारी भी ली है। रजिस्ट्री विभाग से भी इन नामों के आधार पर संपत्तियों की रजिस्ट्री की सूचना भी ली जाएगी। इसके बाद सभी को नोटिस देकर संपत्तियों को खरीदने के लिए आई रकम का श्रोत पूछा जाएगा।
मर्सिडीज बेंज बनी अहम सुराग
बीते दिनों एसए शर्मा के बेटे शशांक राय ने एक करोड़ से ज्यादा कीमत की मर्सिडीज बेंज कार खरीदी थी। इस कार की सूचना रुटीन तौर पर आयकर विभाग को मिली।
2020 नंबर की इस कार की जानकारी की गई तो उसका रजिस्ट्रेशन व खरीदने वाले का पता मिल गया। इसके बाद गुपचुप तौर पर पड़ताल शुरू हुई और टीम ढकरानी स्थित फॉर्म हाउस जा पहुंची। काली कमाई का बड़ा खेल सामने आने के बाद पूरी तैयारी से छापेमारी की गई।
दो साल में बेटे को 15 करोड़ का ठेका
नियमानुसार किसी भी विभागीय कर्मचारी या अधिकारी के रिश्तेदार को ठेका आवंटन पर मनाही होने के बावजूद यूपीआरएनएम के महाप्रबंधक एसए शर्मा ने अपने बेटे को धड़ल्ले से ठेके दिए।
सूत्रों के मुताबिक यूपीआरएनएन में पंजीकरण के वक्त शर्मा के बेटे शशांक राय ने अपनी फर्म राय मेटल एंड एलॉयस ने देहरादून यूनिवर्सिटी की कैंटीन बिल्डिंग, अल्मोड़ा की पॉलीटेक्निक, पिथौरागढ़ में टीबी हॉस्पिटल और गंगोत्री की आर्ट गैलरी बनाने की बात कही है। इस आधार पर वर्ष 14-15 में 3 करोड़ 17 लाख रुपये के ठेके और 15-16 में 12 करोड़ के ठेके उसे दिए गए। वहीं ऋषिकेश के ठेकेदार को अरबों रुपये के ठेके वर्ष 13-14 से अब तक दिए जाने के प्रमाण भी विभाग को मिले हैं।