पकड़ा गया साइबर क्रिमिनल्स गैंग का सरगना कल्लू ठाकुर, हैरत में डाल देगा चोरी का तरीका
बैंक खातों से रकम को पलक झपकते ही उड़ा देने वाला साइबर क्रिमिनल्स गैंग का सरगना कल्लू ठाकुर पुलिस की गिरफ्त में आ गया है। लेकिन इसकी चोरी का तरीका जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे।
उड़ाने की ताबड़तोड़ घटनाओं के बीच दो माह पूर्व दर्ज धोखाधड़ी के मामलों में साइबर क्रिमिनल्स गैंग के सरगना को गिरफ्तार कर दून पुलिस को कुछ राहत मिली है।
एसटीएफ ने एटीएम का पिन पूछकर खातों से कैश उड़ाने वाले गैंग के सरगना कल्लू ठाकुर को झारखंड से गिरफ्तार किया है। एसटीएफ आज कल्लू ठाकुर को लेकर देहरादून पहुंच जाएगी।
एसटीएफ की एसएसपी रिधिम अग्रवाल ने बताया कि पिछले दो माह में साइबर थाने में खातों से कैश उड़ाने के 13 मुकदमे दर्ज हुए हैं। साइबर अपराधियों का गैंग खाताधारकों को फोन करता था।
खुद को बैंक अधिकारी बताकर खाते को आधार से लिंक कराने के बहाने एटीएम पिन और खाते की जानकारी पूछ लेता था। इसके बाद उनके खातों से कैश उड़ा लेता था।
इस तरह आया पकड़ में
एसएसपी के मुताबिक अधिकांश खाताधारकों को जिन नंबरों से फोन आए, उनकी लोकेशन झारखंड मिल रही थी। नंबरों की सीडीआर निकालने के बाद एसटीएफ की तीन टीमें आशुतोष, राजीव सेमवाल और मारुत शाह के नेतृत्व में झारखंड गई थीं। एसटीएफ ने कुछ नंबरों को सर्विलांस पर लगाया था।
इसकी मदद से पुलिस झारखंड (गिरीडीह) के बेंगाबाद में गैंग के सरगना कल्लू ठाकुर तक पहुंच गई। कल्लू को दबोचकर पूछताछ की गई। तब तक उसका साथी सूरज मंडल फरार होने में सफल हो गया।
टीमें झारखंड के चपुआडीह गांव में उन लोगों तक भी पहुंच गई, जिनके खातों में देहरादून के खाताधारकों का धोखाधड़ी से कैश ट्रांसफर कराया गया था। ये बैंक खाते अनपढ़ बुजुर्ग और महिलाएं के हैं।
उन्हें इस धोखाधड़ी की जानकारी नहीं है। प्रधानमंत्री जन-धन योजना में उनके खाते खुले हैं। इनके खातों में कैश ट्रांसफर होने के बाद कल्लू ठाकुर का गैंग पैसे निकाल लेता था। इसके एवज में खाताधारकों को भी कुछ पैसे दिया जाता था। धोखाधड़ी महीनों से चल रही थी।