नकली दवा मामले में सामने आए कई बड़ी कंपनियों के नाम, पांच पर मुकदमा दर्ज
नकली दवाओं के कारोबार में कई बड़ी कंपनियों के नाम सामने आए हैं। इसके चलते अभी पांच आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
जानकारी के मुताबिक इसमें लिंकर फार्मा के मालिक और अल्ट्रामेड लाइफ साइंस कंपनी के चार पार्टनर शामिल हैं। इनमें से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश के लिए दबिश दी जा रही है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार कुछ अन्य फार्मा कंपनियों पर भी जल्द ही कार्रवाई की जा सकती है।
शनिवार को ड्रग इंस्पेक्टर नीरज कुमार और ड्रग इंस्पेक्टर सुधीर कुमार के नेतृत्व में गठित टीम ने अल्ट्रामेड लाइफ साइंस कंपनी में छापेमारी की थी। इस दौरान अनाधिकृत रूप से दवाओं का भंडारण और अनाधिकृत रूप से दवा बनाने का मामला सामने आया था। पूछताछ के बाद टीम ने मौके से दो आरोपियों को हिरासत में लेकर पुलिस के हवाले किया था।
इनमें भुवनचंद पाठक (निवासी अलीगंज लखनऊ) शामिल हैं। फिलहाल ये देहरादून स्थित चंद्रबनी रोड में रहते हैं। इसके अलावा मूलरूप से गोरखपुर निवासी राजेश मिश्रा को भी गिरफ्तार किया गया। यह फिलहाल भगवानपुर क्षेत्र के रायपुर इंडस्ट्रियल एरिया में रहते हैं। मामले में भुवनचंद पाठक की पत्नी सीमा पाठक और दिग्विजय सिंह को भी आरोपी बनाया गया है।
इसके अलावा लिंकर फार्मा के मालिक विपिन भटनागर निवासी मोहम्मदपुर जट गुरुकुल नारसन के खिलाफ भी ड्रग इंस्पेक्टर की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया है, जबकि इससे पहले मकान मालिक और ट्रांसपोर्टर के खिलाफ केस दर्ज कराया गया था। लेकिन मुख्य आरोपी को तहरीर में शामिल नहीं किया गया था।
क्या है मामला
ड्रग इंस्पेक्टर नीरज कुमार के अनुसार मामला काफी बड़ा और गंभीर है। इसकी जांच चल रही है, इसमें जिसका भी नाम आएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में कई और दवा कंपनियों में इस तरह की शिकायतें आ रही हैं। जिनके खिलाफ जल्द कार्रवाई की जा सकती है। दूसरी ओर भगवानपुर एसओ भगवान मेहर का कहना है कि ड्रग विभाग की ओर से पांच आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
नकली दवाओं की पेटियां बरामद
शनिवार शाम ड्रग विभाग की ओर से अल्ट्रामेड लाइफ साइंसेज कंपनी में छापेमारी के दौरान 59 पेटियां नकली दवाएं बरामद की गई हैं, जिन्हें कब्जे में लेकर विभागीय टीम ने पुलिस को सौंप दिया है। इसके अलावा गोदाम में मिले दवा के जखीरे को भी सील कर दिया गया है।
क्या है मामला
राजस्थान के जयपुर में डेढ़ करोड़ रुपये की नकली दवाएं पकड़ी गईं थी। जिसके तार भगवानपुर क्षेत्र की दवा कंपनियों से जुड़े हैं। जांच में यह बात सामने आई है कि नकली दवाओं का निर्माण और कारोबार भगवानपुर से ही राजस्थान सहित कई अन्य राज्यों में किया जा रहा है। जांच के बाद राजस्थान ड्रग विभाग की टीम ने भगवानपुर क्षेत्र के मक्खनपुर में लिंकर फार्मा कंपनी पर छापेमारी की थी, जहां एक गोदाम में नकली दवाओं का जखीरा बरामद किया गया था, हालांकि तब कंपनी के मालिक विपिन भटनागर के खिलाफ केस दर्ज नहीं कराया गया था। जिसको लेकर और रातोंरात मशीनें गायब होने के बाद ड्रग विभाग की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े हुए थे। इसके बाद खेत में दवाओं का जखीरा बरामद होने पर एकबार फिर ड्रग विभाग की टीम हरकत में आ गई है।