डोकलाम के बाद भारत सतर्क, चीन बॉर्डर पर करेगा सुरक्षा की समीक्षा
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भारत और चीन के बीच डोकलाम विवाद के बाद अब भारत सतर्क हो गया है। इसके चलते अब केंद्र सरकार बॉर्डर पर सुरक्षा के लिए बड़ा कदम उठाने जा रही है।
केंद्र सरकार चीन सीमा से लगे राज्यों के लिए एक उच्च स्तरीय स्टडी ग्रुप बनाने जा रही है। इस समूह का मकसद यहां के लोगों को देश की मुख्य धारा से जोड़ना होगा। इसके अलावा सुरक्षा मुद्दे पर भी नए सिरे से विचार किया जाएगा।
चीन सीमा से लगने वाले राज्यों की सरकारों से भी बातचीत की जाएगी। इन पर विचार करने के बाद रिपोर्ट तैयार कर गृह मंत्रालय को सौंपी जाएगी। गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने पिछले हफ्ते चीन की सीमा से लगे राज्यों का दौरा किया था। राजनाथ उत्तराखंड के उस इलाके में भी गए थे जहां कुछ महीने पहले चीन के सैनिकों ने घुसपैठ की थी।
राजनाथ ने कहा कि जो स्टडी ग्रुप सरकार बनाने जा रही है वह ये भी बताएगा कि इन राज्यों में सड़कें बनाने का काम जल्द कैसे पूरा किया जाए। स्टडी ग्रुप रिपोर्ट में इन राज्यों में सुरक्षा पैटर्न को भी परखेगा। सुरक्षा और रक्षा तंत्र को बेहतर बनाने के तरीके भी सुझाएगा।
उन्होंने कहा यह ग्रुप पांच राज्यों में फैली 4,000 किलोमीटर लंबी इस सीमा पर उन सभी पहलुओं का अध्ययन करेगा, जिनसे चुनौती है और सुधार की जरूरत है।
बता दें कि, हाल ही में राजनाथ सिंह उत्तराखंड दौरे पर आए थे। इस दौरान उन्होंने आईटीबीपी के जवानों के साथ दशहरा मनाया। इस दौरान उनका कहना था कि बॉर्डर से लगे गांव के लोग ही सीमा पर देश की आंख और कान होते हैं। ऐसे में उनका पलायन सही नहीं है। उन्हें मुख्यधारा में शामिल कर पलायन भी रोका जाएगा और इससे चीन के साथ चुनौतियों के विषय पर अध्ययन भी हो सकेगा।
जवानों से मुलाकात में राजनाथ ने कहा कि इन राज्यों में रहने वाले लोग देश के लिए ‘स्ट्रैटेजिक एसेट्स’ यानी रणनीतिक संपदा हैं। इसलिए इन्हें ज्यादा महत्व दिए जाने की जरूरत है। पीएम भी इस बात को कई बार साफ तौर पर कह चुके हैं।