मौत का खेल बनते जा रहे ब्लू व्हेल गेम का ये राज नहीं जानते होंगे आप, जान लें नहीं तो पछताएंगे
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ब्लू व्हेल गेम अब मौत का खेल बनता जा रहा है। एक के बाद एक मामले सामने आ रहे हैं। लेकिन इसके बारे में एक राज आप नहीं जानते होंगे। आगे पढ़िए ये किस समय और किस तरह से बनाता है आपको शिकार...
यह एक ऑनलाइन गेम है, जो रूस में 2013 में बनाया गया था। अब तक रूस में ही इस ‘मौत का खेल’ से करीब 130 मौतें हो चुकी हैं। गेम एफ -57 नाम के डेथ ग्रुप से इसे सोशल साइट्स पर जोड़ा गया है। इसमें प्लेयर को बहुत सारे टास्क दिए जाते हैं। इसमें प्लेयर को 50 टास्क पार करने होते हैं और आखिरी टास्क में सुसाइड करना पड़ता है।
इसके बाद ही आप गेम को समाप्त कर सकते हैं। ब्लू व्हेल गेम को रूस के साइकोलॉजी के स्टूडेंट फि लिप बुदेकिन ने बनाया था। अब तक इस गेम से रूस, चीन, सऊदी अरब, ब्राजील, अर्जेंटीना, बुल्गारिया, चिली, इटली और भारत समेत कई देश प्रभावित हो चुके हैं।
ब्लू व्हेल गेम ऐसे बनाता है शिकार
1. गेम पूरी तरह से प्लेयर और एडमिन की रिलेशनशिप पर आधारित है।
2. गेम के टास्क सुबह 4:20 बजे से शुरू होते हैं।
3. टास्क पूरे होने के सबूत के तौर पर वीडियो, फोटो एडमिन को भेजना होता है।
4. गेम में रात को डरावने वीडियो और गाने सुनने के टास्क दिए जाते हैं।
5. इसमें 11 से 19 साल के युवाओं को शिकार बनाया जाता है।
6. गेम से प्लेयर का ब्रेन वाश कर उसे बहकाया जाता है।
7. गेम को छोड़ने पर आपको नैतिक उत्पीड़न, आपकी सूचना सार्वजनिक करने की धमकी दी जाती है।
8. एक बार गेम डाउनलोड करने पर यह प्लेयर के फोट को हिट कर उसकी सारी व्यक्तिगत जानकारियां प्राप्त कर लेता है, जिससे उन्हें बाद में धमकियां दी जाती हैं।
9. इसमें कोहनी पर ब्लेड से व्हेल का निशान बनाना, खुद को नुकसान पहुंचाने के टास्क मसलन नस काटने, जानवरों को मारने, हाथ पर ब्लेड से नाम लिखने, कार के सामने कूदने, छत से कूदकर खुदकुशी करने के लिए कहा जाता है।
‘ब्लू व्हेल चैलेंज’ पर सरकार सख्त
अब तक मुंबई में 14 साल के एक बच्चे के सातवीं मंजिल से कूदकर जान देने का मामला सामने आया है। इसके अलावा संदिग्ध रूप से केरल में 16 साल के बच्चे और इंदौर, बंगाल के बाद अब देहरादून के दो स्कूलों में इस तरह के मामले सामने आए हैं।
सेंटर फ ॉर डिजीज कंट्रोल अमेरिका ने दिसंबर-2016 के एक शोध में कहा कि 15 से 19 वर्ष की उम्र के बच्चों की आत्महत्या की संभावना अन्य उम्र के लोगों से चार गुना अधिक होती है।
इस ऑनलाइन गेम के कारण कई किशोरों की मौत के बाद सरकार ने गूगल, फेसबुक, व्हाट्सऐप, माइक्रोसॉफ्ट और इंस्टाग्राम जैसी दिग्गज टेक कंपनियों को ‘ब्लू व्हेल चैलेंज’ से जुड़े लिंक हटाने का निर्देश दिया है। टेक कंपनियों को लिखे गए पत्र में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्रालय ने कहा था, भारत में ‘ब्लू व्हेल चैलेंज’ गेम खेलते समय बच्चों के आत्महत्या कर लेने के मामले सामने आए हैं।
लिहाजा आपसे अनुरोध है कि इस गेम के नाम से मौजूद किसी भी इंटरनेट लिंक अथवा इसी तरह के दूसरे गेम को तत्काल अपने प्लेटफार्म से हटाना सुनिश्चित करें। निर्देश को केंद्र सरकार ने दिग्गज टेक कंपनियों बेहद गंभीरता से लेने की चेतावनी दी है। इसके अलावा महिला एवं बाल विकास मंत्री ने लोगों से अपने बच्चों पर नजर रखने की अपील की है।