फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   big disclosure in CAG report regarding the universities of Uttarakhand 

उत्तराखंड के विश्वविद्यालयों को लेकर CAG की रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा

Wed, 03 May 2017 11:31 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Wed, 03 May 2017 11:31 PM IST
विज्ञापन
big disclosure in CAG report regarding the universities of Uttarakhand 

प्रदेश में नए विश्वविद्यालय खोलने की होड़ में न तो मानकों की जांच की गई और न ही सरकार के फैसलों को अधिनियमों का हिस्सा बनाया गया। 11 में से 10 विश्वविद्यालय ऐसे खोले गए हैं, जिनमें नियमों की पूरी प्रक्रिया अमल में नहीं लाई गई है। भारत के नियंत्रक-महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रिपोर्ट में यह चिंताजनक तथ्य सामने आया है।

विज्ञापन


रिपोर्ट के मुताबिक, निजी विवि की स्थापना के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समिति प्रस्ताव का अनुमोदन करती है। इसके बाद राज्य सरकार प्रायोजित संस्था एक आशय पत्र जारी करती है। इस पत्र में निजी विवि की स्थापना के लिए सभी शर्तें शामिल होती हैं।
विज्ञापन


इसकी आख्या आने के बाद उच्च स्तरीय समिति इसकी जांच करती है और इसके बाद राज्य सरकार को आख्या भेजती है। लेकिन पड़ताल में सामने आया है कि केवल एक निजी विवि के मामले में दिशा निर्देशों का पूर्ण अनुपालन किया गया है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

शिक्षक हैं और न ही इन्फ्रास्ट्रक्चर

big disclosure in CAG report regarding the universities of Uttarakhand 

​शेष 10 निजी विवि के मामले में विभाग ने मूल्यांकन नहीं किया कि आशय पत्र के शर्तों का पालन हुआ या नहीं। तीन विवि के पास अपेक्षित भूमि नहीं होने के बावजूद उनका अधिनियम पास कर दिया गया।

एक विवि के पास न तो शिक्षक हैं और न ही इन्फ्रास्ट्रक्चर। एक विवि के लिए सरकार ने फैसला लिया था कि दस प्रतिशत आरक्षण प्रदेश के स्थायी निवासी छात्रों को दिया जाएगा। लेकिन इसके अधिनियम में यह शामिल नहीं किया गया।

एक अन्य निजि विवि में राज्य के स्थायी निवासियों को 25 प्रतिशत आरक्षण के साथ ही प्रवेश परीक्षा के लिए निशुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम सरकार ने तय किया था। लेकिन विवि के अधिनियम में यह शामिल नहीं किया गया।

कई निजी विवि ने प्रदेश के युवाओं के लिए 40 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने, शुल्क में 26 प्रतिशत छूट देने, समूह ग व घ के पदों पर केवल उत्तराखंड मूल निवासियों को रोजगार देने के दावे किए हैं, लेकिन सरकार या विभाग ने अभी तक इसकी कोई जांच पड़ताल या कार्रवाई नहीं की।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed