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संस्कृत विवि में वेद के लिए कोई स्थान नहीं
Updated Fri, 03 Nov 2017 10:06 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
संस्कृत और वेदों का ज्ञान बांटने वाले उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय में वेद विभाग के लिए कोई कक्ष तक नहीं है। वहीं पत्रकारिता और ज्योतिष जैसे विभाग एक-एक शिक्षक के ही भरोसे चल रहे हैं।
संस्कृत विश्वविद्यालय में पर्याप्त शिक्षक और संसाधन नहीं मिल पा रहे हैं। विवि में वेद विभाग के लिए कोई कक्ष तक निर्धारित नहीं हैं। छात्रों को अन्य विभागों के कक्षों में बैठकर जैसे-तैसे काम चलाया जा रहा है। पत्रकारिता विभाग में बीजे और एमजे पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। जबकि ज्योतिष विभाग में आचार्य, पीजी डिप्लोमा ज्योतिष और छह माह का सर्टिफिकेट कोर्स चलाया जा रहा है। दोनों ही विभागों में एक-एक शिक्षक होने से करीब दो महीनों से छात्रों की पर्याप्त कक्षाएं तक संचालित नहीं हो पा रही हैं। बीलिब और एमलिब पाठ्यक्रम में शिक्षकों की कमी के चलते पूरी कक्षाएं नहीं चल पा रही हैं। अतिथि व्यख्याताओं की नियुक्ति मांग को लेकर छात्रसंघ कईं बार कुलपति को ज्ञापन दे चुके हैं, बावजूद इसके कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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एबीवीपी के छात्रसंघ अध्यक्ष रविंद्र नौटियाल ने बताया कि अतिथि व्यख्याताओं की नियुक्ति की मांग सहित 20 सूत्री ज्ञापन कईं बार विवि प्रशासन को दिया जा चुका है। छात्रों की मांग के बावजूद अतिथि व्यख्याताओं की नियुक्ति नहीं की जा रही है। 13 नवंबर तक छात्रों की मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन किया जाएगा। रविंद्र नौटियाल से बताया कि इस संबंध में शुक्रवार को फिर से कुलसविच और कुलपति को ज्ञापन देकर अवगत करा दिया गया है।
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