फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   ..श्रावण के चौथे सोमवार पर भक्तों की भीड़

..श्रावण के चौथे सोमवार पर भक्तों की भीड़

Mon, 31 Jul 2017 10:46 PM IST
Updated Mon, 31 Jul 2017 10:46 PM IST
विज्ञापन
..श्रावण के चौथे सोमवार पर भक्तों की भीड़
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
पवित्र श्रावण मास के चौथे सोमवार को पौराणिक शिवालयों में भक्तों की भीड़ उमड़ी । श्रद्धालुओं ने षोडषोपचार पूजा कर भगवान भोलेनाथ की आराधना की। शिव के साथ-साथ देवी के मंदिरों में जाकर शक्ति साधना भी की गई। शिव और शक्ति के मिलन से ही यह संसार चलता है।
यूं तो समूचा श्रावण मास ही भगवान शिव का मास है, किंतु इस महीने सोमवारों का विशेष महत्व है। यह दिन शिव का ही नहीं, उनके मस्तक पर विराजमान चंद्रमा का भी है। चंद्रमा की कलाएं सोमवार को शक्ति प्राप्त करती हैं। भक्तों ने कनखल के दक्षेश्वर मंदिर, दरिद्रभंजन, दुखभंजन, तिलभांडेश्वर, हरिद्वार के गौरीशंकर, नीलेश्वर, बिल्वकेश्वर आदि जाकर आशुतोष का विभिन्न पदार्थों से अभिषेक किया। शिव को श्रावण में भांग, धतूरा खूब पसंद हैं। बिल्वपत्र के साथ-साथ गंगाजल भी शिव पर चढ़ाया गया।
विज्ञापन

श्रावण मास में चौथे सोमवार पर देवी के मंदिरों में भी पूजा की जाती है। शीतला माता मंदिर के साथ-साथ देवी के अन्य मंदिरों में भी विशेष सौभाग्य आरती उतारी गई। शीतला माता मंदिर में मेला भरा और बूढ़ी माता पर भक्तों ने जल चढ़ाया। जिस यज्ञकुंड में सती ने अपनी देह को दग्ध किया था, उसका भी श्रद्धालुओं ने दर्शन किया। इसके साथ- साथ पंचपुरी के तमाम मंदिरों में जलाभिषेक और महारुद्राभिषेक हुए। कनखल के दक्ष प्रांगण में हमेशा की तरह सोमवार का मेला भरा। जालेश्वर महादेव तथा जटिलेश्वर महादेव मंदिरों में सायंकाल भजन संध्या आयोजित की गई। पंडितों को बुलाकर शिव महापुराण की कथा श्रद्धालुओं ने सुनी।
विज्ञापन
विज्ञापन

चूंकि जल चढ़ जाने के बावजूद कांवड़िए अभी भी हजारों की संख्या में जल भरने पहुंच रहे हैं। कई कांवडिृयों ने अपनी कांवड़ कनखल के दक्षेश्वर और हरिद्वार के बिल्वकेश्वर मंदिर में चढ़ा दी। जनपद के अनेक भागों और समीपवर्ती जनपदों से भी वाहनों में सवार कांवड़िए शिव दर्शन को पहुंचे। अनेक श्रद्धालुओं ने श्रावण की गादली गंगा में स्नान किया। शिव से जुड़े सभी मंदिरों में छोटे बड़े भंडारे भी आयोजित किए गए।

शुरू हो गए श्रावण भोज
हरिद्वार। महीने भर शिवार्चन करने वाले भक्तों ने भंडारे भी शुरू कर दिए हैं। ऐसा ही भंडारा ज्वालापुर पांडेवाला के गोगावीर मंदिर में आयोजित किया गया। श्रावण के भंडारे कनखल के कई क्षेत्रों तथा शीतला माता मंदिर में भी हुए। श्रावण बीतने के बाद अनेक भंडारों का आयोजन भक्तों द्वारा धर्मनगरी में किया जाएगा।

अगले सोमवार को चूडामणी चंद्रग्रहण
हरिद्वार। श्रावण का समापन अगले सोमवार को श्रावणी के दिन हो जाएगा। यह संयोग ही है, कि श्रावण मास शुरू भी सोमवार को हुआ और संपन्न भी सोमवार को ही होगा। उसी दिन चूडामणी चंद्रग्रहण पड़ेगा, जो भारत सहित पूरे विश्व में दिखाई देगा। चूंकि चंद्रग्रहण का सूतक दोपहर करीब दो बजे लग जाएगा, अत: इस बार रक्षा बंधन का त्योेहार अगले सोमवार को दोपहर दो बजे तक ही मनाया जा सकेगा।


शिव सहस्त्रार्चन संपन्न
हरिद्वार। आध्यात्म चेतना संघ की ओर से ज्वालापुर के रामलीला मैदान में शिव के 1008 नामों के साथ विभिन्न पदार्थों से सिद्धि के लिए गर्भदेश्वर का जलाभिषेक किया गया। आचार्य करुणेश मिश्र एवं त्रिपुरा पीठाधीश्वर संत मुनि महाराज के सानिध्य में हुए इस सहस्त्रार्चन में करीब 120 परिवारों ने भाग लिया। सहस्त्रार्चन के बाद बैंड बाजों के साथ ज्वालापुर के विभिन्न बाजारों से होते हुए शिव शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा का जगह- जगह गुलाब तथा केवड़े के जल से पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। इस अवसर पर चेतना संघ के अध्यक्ष हरिकृष्ण वाधवा, सुनील बत्रा, शशिकांत गर्ग, अर्चना वर्मा, संगीता गुप्ता, विशाल शर्मा, जितेंद्र मिश्रा, आभा जोशी, अरुण पाठक, कन्हैया सिखौलचा, ताराचंद्र विरमानी, जगदीश विरमानी आदि उपस्थित थे। अध्यात्म चेतना संघ का यह 11 वां आयोजन था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed