पर्यावरण दिवसः GLA प्रबंधन ने लिया पेड़ बचाने और लगाने का संकल्प
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‘प्रकृति मानव जीवन के लिए एक अनमोल धरोहर है, जिसकी रक्षा करना प्रत्येक मनुष्य का कर्तव्य है। लेकिन आज की भाग-दौड भरी जिंदगी में मनुष्य न केवल इस ओर अनदेखी कर रहा है बल्कि प्रकृति का दोहन भी कर रहा है। जिसके चलते आये दिन प्राकृतिक आपदा देखने को मिलती है। अतः प्रकृति को बचाने के लिए हम सभी को मिलकर ठोस कदम उठाने चाहिए और अधिक से अधिक वृक्षारोपण करना चाहिए।‘
यह विचार जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा के कुलाधिपति श्री नारायणदास अग्रवाल ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर विश्वविद्यालय में वृक्षारोपण करते हुए व्यक्त किए। उन्होंने सभी उपस्थित विद्यार्थियों एवं शिक्षकों से संकल्प करवाया कि वह पर्यावरण बचाने में अपनी महती भूमिका निभायेंगे और जितना संभव हो सकेगा समय-समय पर अधिक से अधिक वृक्षारोपण करेंगे।
जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा (उ.प्र.) सदैव ही समाज को जागरूक करने के लिए समय-समय पर विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम आयोजित करता है जिसमें वृक्षारोपण प्रमुख है। प्रति वर्ष की भांति इस बार भी विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर में विभिन्न स्थानों पर भिन्न-भिन्न प्रकार के पौधे नीम, गुलदावरी, अशोक, कदम्ब, गुलमोहर, गुलाब आदि रोपे गए। इस अवसर पर कुलपति प्रो. दुर्ग सिंह चैहान ने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस वैश्विक स्तर पर सामाजिक जागृति लाने के उद्देश्य से सन् 1973 से मनाया जा रहा है।
उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि विद्यार्थी राष्ट्रीय पर्व तथा महत्त्वपूर्ण तिथियों पर जरूर पौधे रोपें विद्यार्थी एक संस्था में जितने वर्ष अध्ययन करते हैं,उतने पौधे वहाँ लगायें और उनकी देखभाल करें। ये आपके कई अनावश्यक खर्चों में तो कमी लायेंगे ही, बल्कि पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी भी निभाने की आत्मसंतुष्टि भी देंगे।
वर्षगांठ मनाने से अच्छी होगी देखभाल
निदेशक प्रो. अनूप कुमार गुप्ता तथा कुलसचिव अशोक कुमार सिंह ने कहा कि जिस प्रकार से हम औद्योगिक विकास और भौतिक समृद्धि की और बढे चले जा रहे है, वह पर्यावरण संतुलन के लिए हानिकारक है। अनेकानेक उद्योग-धंधों, वाहनों तथा मशीनी उपकरणों द्वारा हम हर घडी जल और वायु को प्रदूषित करते रहते है, इसे हमें रोकने के लिए आगे आना चाहिए। इस अवसर पर दीपक गौर, धर्मेन्द्र कुलश्रेष्ठ, तपेश भारद्वाज, राहुल चैधरी, ज्ञानेश्वर शर्मा, अशोक कुमार, प्रशांत लाहा, फैजुल हसन, उत्तम गोस्वामी, अजय गौतम, श्याम सिंह, अरूण द्विवेदी सहित अन्य कर्मचारीगण भी उपस्थित रहे।
जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा के हॉर्टीकल्चर ऑफीसर श्री बीएल पचैरी ने कहा कि यदि हम वृक्ष लगाने के साथ-साथ लगाए गए वृक्षों की वर्षगांठभी मनाएं तो पुराने लगे वृक्षों की देखभाल अच्छी होगी। उन्होंने ब्रज संस्कृति के अनुरूप वृक्षों को लगाने एवं उनकी औशधीय एवं पर्यावरण सबंधी जानकारी देते हुए इस पर्यावरण दिवस पर 2000 से अधिक वृक्ष लगवाने का संकल्प लिया है।