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मानवाधिकार हनन के आरोपी आईजी कल्लूरी की नौ महीने बाद पोस्टिंग, अब पुलिस को देंगे ट्रेनिंग
amarujala.com, Presented by: अमर शर्मा
Updated Sat, 11 Nov 2017 08:06 PM IST
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शिवराम प्रसाद कल्लूरी
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छत्तीसगढ़ में मानवाधिकार हनन के लिए विवादों में रहे आईजी शिवराम प्रसाद कल्लूरी को करीब नौ महीने बाद पुलिस मुख्यालय में कोई जिम्मेदारी दी गई है। कल्लूरी को पुलिस महानिरीक्षक (प्रशिक्षण) बनाया गया है। वे एडीजी, प्रशासन और ट्रेनिंग, संजय पिल्ले के मातहत काम करेंगे। कल्लूरी 1994 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं।
छत्तीसगढ़ सरकार ने एक फरवरी को एसआरपी कल्लूरी को तीन महीने की जबरन छुट्टी पर भेजा दिया था। कल्लूरी बतौर बस्तर आईजी तैनात थे। राज्य सरकार का दावा था कि कल्लूरी को स्वास्थ्यगत कारणों से बस्तर से हटाया गया है। कल्लूरी पर बस्तर में पत्रकारों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को धमकी देने के आरोप हैं। फर्जी मुठभेड़ और मानवाधिकार हनन के मामलों पर केंद्रीय मानवाधिकार आयोग ने कल्लूरी को फटकार लगाई थी। डीजीपी ने भी कल्लूरी को अनुशासनहीनता के लिए दो कारण बताओ नोटिस और एक वार्निंग लेटर जारी किया था।
डीजीपी उपाध्याय कल्लूरी की तैनाती के लिए कई बार मुख्यमंत्री रमन सिंह से मिलते रहे हैं। उपाध्याय उन्हें आईजी सीएएफ या सरगुजा में तैनात करना चाहते थे। लेकिन सरकार कल्लूरी से जुड़े विवादों की वजह से उन्हें फील्ड में तैनात करने से बचना चाहती थी।
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छत्तीसगढ़ सरकार ने एक फरवरी को एसआरपी कल्लूरी को तीन महीने की जबरन छुट्टी पर भेजा दिया था। कल्लूरी बतौर बस्तर आईजी तैनात थे। राज्य सरकार का दावा था कि कल्लूरी को स्वास्थ्यगत कारणों से बस्तर से हटाया गया है। कल्लूरी पर बस्तर में पत्रकारों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को धमकी देने के आरोप हैं। फर्जी मुठभेड़ और मानवाधिकार हनन के मामलों पर केंद्रीय मानवाधिकार आयोग ने कल्लूरी को फटकार लगाई थी। डीजीपी ने भी कल्लूरी को अनुशासनहीनता के लिए दो कारण बताओ नोटिस और एक वार्निंग लेटर जारी किया था।
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डीजीपी उपाध्याय कल्लूरी की तैनाती के लिए कई बार मुख्यमंत्री रमन सिंह से मिलते रहे हैं। उपाध्याय उन्हें आईजी सीएएफ या सरगुजा में तैनात करना चाहते थे। लेकिन सरकार कल्लूरी से जुड़े विवादों की वजह से उन्हें फील्ड में तैनात करने से बचना चाहती थी।
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