{"_id":"593d994a4f1c1b290c9bea37","slug":"pay-five-thausand-and-get-information-of-chandigarh","type":"story","status":"publish","title_hn":"सिर्फ 5 हज़ार रुपये में होगा चंडीगढ़ के इतिहास का एहसास, जानें कैसे ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सिर्फ 5 हज़ार रुपये में होगा चंडीगढ़ के इतिहास का एहसास, जानें कैसे
संजीव पंगोत्रा/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 12 Jun 2017 09:16 AM IST
विज्ञापन
चंडीगढ़
- फोटो : File Photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शहर के शिल्पकार ली कार्बूजिए के साथ सिटी ब्युटीफुल को व्यवस्थित और खूबसूरत बनाने में उनके कजन पियरे जेनरे का भी अहम रोल रहा है। पियरे जेनरे ने चंडीगढ़ निर्माण के दौरान 1954 से 1965 तक लगभग 11 साल सेक्टर-5 के हाउस नंबर-57 में गुजारे थे।
जेनरे की 121 वीं जयंती पर उनके इस घर को म्यूजियम बना दिया गया है। म्यूजियम में तीन कमरे भी बनाए गए हैं। अब आप इन कमराें में एक दिन गुजर सकते है। इसके लिए एक कमरे की कीमत 5 हजार रुपये चुकानी होगी। हाल ही में पियरे जेनरे हाउस में बने म्यूजियम का उद्घाटन हो चुका हैं।
कुछ माह पहले जो जेनरे हाउस अनदेखी के कारण खंडहर जैसा दिखता था, अब वह एक खूबसूरत म्यूजियम का रूप ले चुका है। इस म्यूजियम को देखने के लिए कोई शुल्क नहीं रखा गया है। पर्यटक सुबह 10 से शाम 5 बजे तक म्यूजियम का दीदार करने काफी संख्या में पहुंच रहे हैं।
विज्ञापन
म्यूजियम में पर्यटकों के ठहरने की व्यवस्था रखी गई है। फर्स्ट फ्लोर पर गेस्ट हाउस बनाया गया है। खासकर रिसर्चर, आर्किटेक्ट, हेरिटेज आर्किटेक्ट में रुचि रखने वाले और विदेशी मेहमान यहां रुक सकते हैं। पर्यटन विभाग की वेबसाइट पर ही गेस्ट रूम बुक करवाने का लिंक उपलब्ध है।
विज्ञापन
जेनरे की 121 वीं जयंती पर उनके इस घर को म्यूजियम बना दिया गया है। म्यूजियम में तीन कमरे भी बनाए गए हैं। अब आप इन कमराें में एक दिन गुजर सकते है। इसके लिए एक कमरे की कीमत 5 हजार रुपये चुकानी होगी। हाल ही में पियरे जेनरे हाउस में बने म्यूजियम का उद्घाटन हो चुका हैं।
विज्ञापन
कुछ माह पहले जो जेनरे हाउस अनदेखी के कारण खंडहर जैसा दिखता था, अब वह एक खूबसूरत म्यूजियम का रूप ले चुका है। इस म्यूजियम को देखने के लिए कोई शुल्क नहीं रखा गया है। पर्यटक सुबह 10 से शाम 5 बजे तक म्यूजियम का दीदार करने काफी संख्या में पहुंच रहे हैं।
विज्ञापन
म्यूजियम में पर्यटकों के ठहरने की व्यवस्था रखी गई है। फर्स्ट फ्लोर पर गेस्ट हाउस बनाया गया है। खासकर रिसर्चर, आर्किटेक्ट, हेरिटेज आर्किटेक्ट में रुचि रखने वाले और विदेशी मेहमान यहां रुक सकते हैं। पर्यटन विभाग की वेबसाइट पर ही गेस्ट रूम बुक करवाने का लिंक उपलब्ध है।