{"_id":"591c98a34f1c1bd520f2373d","slug":"chandigarh-s-industry-is-not-safe-for-cyber-attack","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"'वसूली वायरस' से सेफ नहीं है चंडीगढ़ की इंडस्ट्री, पहले भी हो चुका है अटैक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
'वसूली वायरस' से सेफ नहीं है चंडीगढ़ की इंडस्ट्री, पहले भी हो चुका है अटैक
कुलदीप शुक्ला/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 18 May 2017 09:16 AM IST
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- फोटो : File Photo
साफ्टवेयर वायरस से महफूज नहीं है चंडीगढ़ के उद्योग। भारत समेत दुनिया के करीब सौ देशों में होने वाले अब तक का सबसे बड़े साइबर हमला का ट्रेलर चंडीगढ़ में करीब नौ माह पहले सामने आ चुका था। ‘रैन्समवेयर’ वायरस के माध्यम से चंडीगढ़ के व्यापारी से ‘फिरौती’ मांगने की वारदात 6 माह पहले हो चुकी है। पीड़ित व्यापारी ने इसकी शिकायत साइबर सेल में दी थी। मामले की जांच जारी है।
बीते साल 26 अगस्त को अज्ञात हैकर ने मनीमाजरा में प्लाई व क्रॉकरी के व्यापारी अमित जैन का डाटा हैक करके फाइलें लॉक कर दी। व्यापारी जैन ने बताया कि आईटी एक्सपर्ट ने जब कंप्यूटर की जांच की तो सामने आया कि रैन्समवेयर, क्राइसिस शब्द की एक मेल आईडी आई थी। उसको खोलने पर उनके कंप्यूटर का डाटा हैक होने की जानकारी के साथ खोलने के एवज में 2.4 बिटकॉइंस (करीब डेढ़ लाख रुपये) फिरौती मांगी थी। इसके बाद पीड़ित ने शिकायत चंडीगढ़ साइबर सेल विभाग को दी। मामले की जांच के बाद साइबर सेल विभाग ने बताया था कि हैकर सभी कार्रवाई यूएसए के आईपी एड्रेस से मानीटर कर रहा था।
वहीं, पीड़ित व्यापारी अमित जैन ने बताया कि पुलिस ने कार्रवाई के नाम पर एक बार उनके बयान दर्ज किए थे। इसके बाद पुलिस की तरफ से किसी तरह का जवाब नहीं मिला। उधर, इस मामले में साइबर सेल के अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच चल रही है। अब तक कोई सुराग नहीं मिला है।
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बीते साल 26 अगस्त को अज्ञात हैकर ने मनीमाजरा में प्लाई व क्रॉकरी के व्यापारी अमित जैन का डाटा हैक करके फाइलें लॉक कर दी। व्यापारी जैन ने बताया कि आईटी एक्सपर्ट ने जब कंप्यूटर की जांच की तो सामने आया कि रैन्समवेयर, क्राइसिस शब्द की एक मेल आईडी आई थी। उसको खोलने पर उनके कंप्यूटर का डाटा हैक होने की जानकारी के साथ खोलने के एवज में 2.4 बिटकॉइंस (करीब डेढ़ लाख रुपये) फिरौती मांगी थी। इसके बाद पीड़ित ने शिकायत चंडीगढ़ साइबर सेल विभाग को दी। मामले की जांच के बाद साइबर सेल विभाग ने बताया था कि हैकर सभी कार्रवाई यूएसए के आईपी एड्रेस से मानीटर कर रहा था।
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वहीं, पीड़ित व्यापारी अमित जैन ने बताया कि पुलिस ने कार्रवाई के नाम पर एक बार उनके बयान दर्ज किए थे। इसके बाद पुलिस की तरफ से किसी तरह का जवाब नहीं मिला। उधर, इस मामले में साइबर सेल के अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच चल रही है। अब तक कोई सुराग नहीं मिला है।
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फिरौती का आखिरी तारीख कंप्यूटर स्क्रीन पर
Cyber Attack
- फोटो : Demo Pic
फिरौती का आखिरी तारीख कंप्यूटर स्क्रीन पर
व्यापारी के जिन महत्वपूर्ण कंप्यूटर पर साइबर अटैक हुआ था उन पर पॉप-अप संदेश में एक काउंट-डाउन भी आ रहा है। इसमें फिरौती के लिए हैकर्स ने अगले 22 दिन का समय दे रखा था।
हाल में हुए साइबर अटैक से बचने के लिए सतर्कता बरतते हुए अज्ञात संदिग्ध मेल मेल, एक्सफाइल नहीं खोलेे। कंप्यूटर में आई किसी भी फाइल के बारे में पूरी जानकारी होने के बाद ही छेड़े। -ध्रूव पांडे, आईटी, एक्सपर्ट
इंडस्ट्री से जुड़े लगभग सभी काम, महत्वपूर्ण जानकारी कंप्यूटर पर होती है। चंडीगढ़ की इंडस्ट्री इस वायरस अटैक को लेकर पूरी तरह से सतर्कता बरत रही है। -कृष्ण कुमार गुलाटी, उद्यमी, चंडीगढ़
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