इस वजह से सरकार ने घटाई पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी
पेट्रोल-डीजल के रोजाना बढ़ते दाम से जनता को राहत देने के लिए वित्त मंत्रालय ने मंगलवार शाम को एक्साइज ड्यूटी दो रुपये प्रति लीटर घटाने की घोषणा कर दी थी। इससे इनके दामों में क्रमशः 2.50 रुपये और 2.25 रुपये की कटौती हो गई है।
ये बनी कटौती की बड़ी वजह
केंद्र सरकार के तमाम प्रयासों और पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के आश्वासन के बावजूद पेट्रोल-डीजल के दाम लगातार बढ़ते जा रहे थे। रुपये के मुकाबले डॉलर लगातार मजबूत होता जा रहा है। इसके साथ इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल के दाम भी बढ़ते जा रहे हैं। अमेरिका में तूफान इरमा के चलते कच्चे तेल का प्रॉडक्शन बंद है, जिससे कीमतों में इजाफा हुआ है। इसका असर पूरे विश्व में देखने को मिल रहा था।
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बढ़ती महंगाई पर काबू पाने के लिए उठाया कदम
महंगाई दर फिलहाल अपने उच्चतम स्तर पर है। इसमें एक बड़ा कारण पेट्रोल-डीजल भी है। सरकार काफी दिनों से प्रयास कर रही थी कि इसे काबू में किया जाए। वित्त मंत्रालय से मिली जानकारी के मुताबिक, इस फैसले से सरकार को करीब 26,000 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना होगा।
चूंकि यह चार अक्तूबर से लागू हो गया है, इसलिए सरकार को 13,000 करोड़ रुपये का नुकसान होने की संभावना है। सरकार के इस फैसले से आम जनता के साथ-साथ तेल कंपनियों को भी राहत पहुंचेगी।
दिल्ली में डीजल ने तोड़ा था 2002 का रिकॉर्ड
देश की राजधानी दिल्ली में डीजल की कीमत 2002 के बाद अब अपने सबसे उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थी। वहीं कोलकाता में यह तीन साल के रिकॉर्ड पर थी। इससे पहले अगस्त 2014 में डीजल की कीमतें देश के तीन बड़े महानगरों मुंबई, कोलकाता और चेन्नई में सबसे ज्यादा थी।
दाम बढ़ने के लिए अमेरिका का हरीकेन जिम्मेदार
केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने हाल में ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी के लिए अमेरिका में आए तूफान हरीकेन को जिम्मेदार ठहराया है। प्रधान ने भरोसा दिया था कि अगले कुछ दिनों में ईंधन की कीमतों में कमी आएगी। लेकिन इसके बावजूद कीमतें कम होने का नाम नहीं ले रही थीं।