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Hindi News ›   Business ›   TCS and JLR CEOs could be strong contenders for chairman of Tata Sons

मिस्त्री को गुड बॉय बोल टाटा ने उतारे दो दिग्गज

Wed, 26 Oct 2016 12:34 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 26 Oct 2016 12:34 PM IST
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TCS and JLR CEOs could be strong contenders for chairman of Tata Sons
टाटा
टाटा संस के चेयरमैन पद से सायरस मिस्त्री को हटाए जाने के बाद नए चेयरमैन की खोज शुरू हो गई है। इसकी होड़ में  टाटा कंसल्टेंसी सर्विस (टीसीएस) के एन चंद्रशेखर और जगुआर लैंड रोवर (जेएलआर) के रॉल्फ स्पेथ का नाम सबसे ऊपर शामिल है। रतन टाटा ने इन दोनों को डायरेक्टर बनाया है।
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53 साल के चंद्रशेखर को लोग 'चंद्रा' के नाम से जानते हैं। वह भारतीय बाजार में सबसे बड़ी निजी क्षेत्र की कंपनी टीसीएस के एमडी और सीईओ हैं। वहीं, 61 साल के रॉल्फ वैश्विक स्तर पर सबसे ज्यादा मान्यता प्राप्त ऑटोमोबाइल कंपनी जेएलआर के  सीईओ हैं।
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इन दोनों की नियुक्तियों के बाद से टाटा संस के बोर्ड में अब 11 सदस्य हैं। टाटा संस के अंतरिम चेयरमैन रतन टाटा ने कहा कि इन दोनों अधिकारियों की पदोन्नति उनके बेहतरीन नेतृत्व क्षमता को देखते हुए की गई है। टीसीएस और जेएलआर, चंद्रा और स्पेथ की देखरेख में मजबूत होते गए और बड़ी मात्रा में राजस्व पैदा करने के साथ-साथ अपने समूह को 100 बिलियन डॉलर से ज्यादा फायदा कमाया। वास्तव में टीसीएस और जेएलआर इस विशाल समूह के दो चमकते हुए सितारे हैं। इन्होंने गुप के फायदे को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 
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टाटा के अधिकारियों को तवज्जो दे रहे हैं रतन टाटा

TCS and JLR CEOs could be strong contenders for chairman of Tata Sons
टाटा एंड मिस्ट्री
अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, चंद्रा और स्पेथ की नियुक्ति यह इशारा करती है कि रतन टाटा, टाटा के अधिकारियों को ही ज्यादा तवज्जो दे रहे हैं। बताते चलें कि उन्होंने इससे पहले सायरस मिस्त्री को बोर्ड चेयरमैन बनाया था जिन्होंन हार्वर्ड बिजनेस स्कूल के डीन नितिन नोहरिया और रणनीतिकार फरीदा खंबाटा जैसे लोगों को बोर्ड में शामिल किया था। इसमें सिर्फ इशात हुसैन ही टाटा के पुराने साथी थे जो साइरस की 9 सदस्यी बोर्ड में शामिल थे।

टाटा ने वैश्विक संकट की ऊंचाई पर जेएलआर को 2.3 बिलियन डॉलर की कीमत पर वैश्विक ऑटोमोबाइल दिग्गज कंपनी फोर्ड से  साल 2008 में अर्जित किया था। वहीं, सॉफ्टवेयर कंपनी टीसीएस साल 2004 में जुड़ी थी। 

जानें दोनों ने अपनी कंपनियों को कितना बढ़ाया

TCS and JLR CEOs could be strong contenders for chairman of Tata Sons
रतन टाटा
फरवरी 2010 से स्पेथ के नेतृत्व में जेएलआर का राजस्व लगभग तीन गुना बढ़ गया। जो राजस्व वित्त वर्ष 2010 में 6.5 बिलियन पाउंड्स था। वह वित्त वर्ष 2016 में 22.2 बिलियन पाउंड्स पहुंच गया। वहीं, शुद्ध लाभ 1.3 मिलियन पाउंड्स से  23 मिलियन पाउंड्स पहुंच गया। 

वहीं, चंद्रा के नेतृत्व में टीसीएस की शुद्ध बिक्री तीन गुनी  बढ़ गई। यह वित्तवर्ष 2010 में जहां 30,029 करोड़ था वहीं  वित्तवर्ष 2016 में 1.09 लाख करोड़ हो गया। चंद्रा की अक्टूबर 2009 में टीसीएस के एमडी पर पदोन्नति हुई थी। 46 साल की उम्र में वह टाटा ग्रुप के सबसे यंग सीईओ थे।  
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