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GSTeffect: ईएमआई पर सामान लेना हुआ महंगा, 36 फीसदी ऐसे बढ़ गया टैक्स
amarujala.com- Presented By: अनंत पालीवाल
Updated Mon, 03 Jul 2017 04:00 PM IST
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GST के लागू होने के बाद से अगर आप क्रेडिट कार्ड के जरिए ईएमआई पर सामान लेते हैं तो ऐसा करना महंगा हो गया है। आपकी जेब पर हर महीने ईएमआई का बोझ बढ़ जाएगा, क्योंकि टैक्स रेट काफी बढ़ गया है।
सर्विस टैक्स खत्म तो जीएसटी में हुआ 3 फीसदी का इजाफा
केंद्र सरकार ने सर्विस टैक्स को खत्म करके जीएसटी को लागू कर दिया है। जुलाई से आप जितनी बार भी अपने क्रेडिट कार्ड से सामान खरीदेंगे, उतनी बार आपको 18 फीसदी के हिसाब से जीएसटी देना होगा। इसके अलावा हर महीने आने वाले बिल पर भी जीएसटी देना होगा।
ईएमआई पर सामान लेने पर 36 फीसदी देना होगा जीएसटी
ईएमआई पर सामान लेने वालों को दोहरी मार पड़ेगी। ऐसा इसलिए क्योंकि एक तरफ कंपनियों ने अपने इलेक्ट्रोनिक प्रॉडक्ट्स जैसे कि टीवी, फ्रिज,वाशिंग मशीन, एसी आदि के प्राइस में इजाफा कर दिया है, वहीं बैंकों ने भी कार्ड आदि से पेमेंट करने पर जीएसटी 3 फीसदी बढ़ाकर के 18 फीसदी कर दिया है।
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क्रेडिट कार्ड से भुगतान करने पर भी 18 फीसदी टैक्स हर महीने टोटल बिल में जुड़कर आएगा। इस हिसाबा से देखा जाए तो हर महीने 3 फीसदी अतिरिक्त के हिसाब से 36 फीसदी टैक्स का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
मान लिजिए आपने 200000 रुपये का सामान खरीदा तो पहले आप 15 फीसदी के हिसाब से 300 रुपये टैक्स देते थे। वहीं अब 18 फीसदी के हिसाब से 340 रुपये देने पड़ेंगे। इस हिसाब से हर महीने आपको 40 रुपये अतिरिक्त टैक्स के तौर पर देने होंगे।
होम लोन पर भी पड़ेगा असर
जीएसटी का असर केवल कंज्यूमर गुड्स की खरीद पर नहीं, बल्कि होम लोन की ईएमआई पर भी पड़ेगा। ऐसा इसलिए क्योंकि बैंक अपने इंटरेस्ट रेट को कम नहीं कर रहे हैं और आरबीआई ने भी फिलहाल अपने रेपो रेट को स्थिर रखा है। इससे कस्टमर को हर महीने ईएमआई पर ज्यादा टैक्स देना पड़ेगा, जिससे घर खरीदने के बजट पर असर पड़ेगा।
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सर्विस टैक्स खत्म तो जीएसटी में हुआ 3 फीसदी का इजाफा
केंद्र सरकार ने सर्विस टैक्स को खत्म करके जीएसटी को लागू कर दिया है। जुलाई से आप जितनी बार भी अपने क्रेडिट कार्ड से सामान खरीदेंगे, उतनी बार आपको 18 फीसदी के हिसाब से जीएसटी देना होगा। इसके अलावा हर महीने आने वाले बिल पर भी जीएसटी देना होगा।
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ईएमआई पर सामान लेने पर 36 फीसदी देना होगा जीएसटी
ईएमआई पर सामान लेने वालों को दोहरी मार पड़ेगी। ऐसा इसलिए क्योंकि एक तरफ कंपनियों ने अपने इलेक्ट्रोनिक प्रॉडक्ट्स जैसे कि टीवी, फ्रिज,वाशिंग मशीन, एसी आदि के प्राइस में इजाफा कर दिया है, वहीं बैंकों ने भी कार्ड आदि से पेमेंट करने पर जीएसटी 3 फीसदी बढ़ाकर के 18 फीसदी कर दिया है।
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क्रेडिट कार्ड से भुगतान करने पर भी 18 फीसदी टैक्स हर महीने टोटल बिल में जुड़कर आएगा। इस हिसाबा से देखा जाए तो हर महीने 3 फीसदी अतिरिक्त के हिसाब से 36 फीसदी टैक्स का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
मान लिजिए आपने 200000 रुपये का सामान खरीदा तो पहले आप 15 फीसदी के हिसाब से 300 रुपये टैक्स देते थे। वहीं अब 18 फीसदी के हिसाब से 340 रुपये देने पड़ेंगे। इस हिसाब से हर महीने आपको 40 रुपये अतिरिक्त टैक्स के तौर पर देने होंगे।
होम लोन पर भी पड़ेगा असर
जीएसटी का असर केवल कंज्यूमर गुड्स की खरीद पर नहीं, बल्कि होम लोन की ईएमआई पर भी पड़ेगा। ऐसा इसलिए क्योंकि बैंक अपने इंटरेस्ट रेट को कम नहीं कर रहे हैं और आरबीआई ने भी फिलहाल अपने रेपो रेट को स्थिर रखा है। इससे कस्टमर को हर महीने ईएमआई पर ज्यादा टैक्स देना पड़ेगा, जिससे घर खरीदने के बजट पर असर पड़ेगा।