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प्रतिबंध के बावजूद इन देशों से हो रहा है ई सिगरेट का इंपोर्ट, मेट्रो शहर बने मुख्य हब

Mon, 20 Nov 2017 03:36 PM IST
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 20 Nov 2017 03:36 PM IST
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despite restriction e cigarettes import from japan and china on rise
cigarette

भारतीय बाजार में बिक रहे ई सिगरेट पर चीन और जापान हावी हैं। दोनों देशों से भारी मात्रा में ई सिगरेट भारत भेजा जा रहा है। बड़ी बात यह कि अभी तक इसकी मॉनिटरिंग को लेकर भारत सरकार के पास कोई विकल्प नहीं है। खुद तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम से जुड़े अधिकारी भी इस कारोबार को रोक पाने में असमर्थ हैं। 

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उधर, दिल्ली स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त निदेशक डा. एसके अरोड़ा का कहना है कि दिल्ली में ई सिगरेट की बिक्री पर प्रतिबंध नहीं लगा है। लेकिन बाहरी देशों से माल आना जरूर बंद करवा दिया गया है। ताकि एक समय बाद माल खुद ब खुद दुकानों से खत्म हो जाए। लेकिन ऐसा हो नहीं रहा है।
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आमदनी का नहीं है हिसाब
ई सिगरेट के बिजनेस का दिल्ली सहित पूरे देश में आमदनी का कोई हिसाब नहीं है। अनुमान है कि करोड़ों रुपये का बिजनेस है। आमतौर पर एक सिगरेट 150 से 200 रुपये में मिलती है। सूत्र बताते हैं कि चीन और जापान से हुक्का, ई सिगरेट लगातार भारत भेजी जा रही हैं।
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दिल्ली, मुंबई और चेन्नई जैसे मेट्रो शहर इस कारोबार के मुख्य बिंदु हैं। यहीं से पूरे देश में माल सप्लाई होता है। लेकिन दिल्ली में ई सिगरेट का माल जब्त होने के बाद कारोबारियों ने मुंबई और चेन्नई की तरफ रुख कर लिया है। हालांकि सूत्र यह भी बता रहे हैं कि दिल्ली में सड़क मार्ग के जरिये माल अभी भी पहुंच रहा है।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दिल्ली सहित पूरे देश में चीन और जापान से ई सिगरेट का माल आता है। यहां से पंजाब, हरियाणा, यूपी और मध्यप्रदेश तक भेजा जाता है। चूंकि ई सिगरेट पर प्रतिबंध को लेकर केंद्र सरकार की ओर से नियम नहीं है। यही कारण है कि इसका बिजनेस बढ़ता जा रहा है। 

2014 में हुई थी कवायद, आज तक अधूरी 

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वर्ष 2014 में तत्कालीन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डा. हर्षवर्धन के नेतृत्व में एफडीए, स्वास्थ्य मंत्रालय, कस्टम आदि के शीर्ष अधिकारियों की मीटिंग हुई थी। इस दौरान ई सिगरेट के व्यापार पर रोक लगाने पर चर्चा की गई। ई सिगरेट की बिक्री, आयात और अन्य राज्यों में सप्लाई पर पूर्ण रूप से बैन लगाने का प्रस्ताव भी तैयार हुआ। लेकिन इसके बाद से यह ठंडे बस्ते में है। 

राज्यों को एडवाइजरी जारी करेगा मंत्रालय 
स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ई सिगरेट और हुक्का पर तंबाकू एवं अन्य उत्पाद अधिनियम 2003 के तहत प्रतिबंध लगने के बावजूद कई राज्यों द्वारा अब तक इस पर सख्ती से पालना नहीं की जा रही है।

जबकि स्वास्थ्य के नजरिये से यह सिगरेट से भी ज्यादा हानि पहुंचाता है। इसलिए मंत्रालय जल्द ही एडवाइजरी जारी करने वाला है। सूत्र बताते हैं कि इससे पहले भी मंत्रालय तीन बार राज्यों को निर्देश दे चुका है। 
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