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गाड़ियों की टक्कर रोकने के लिए रेलवे लॉन्च करेगा नया सिग्नल सिस्टम, इतिहास बनेंगे डीजल इंजन

Wed, 22 Nov 2017 01:35 PM IST
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 22 Nov 2017 01:35 PM IST
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railways to launch new signal system, diesel engine to become history

आने वाले दिनों में ट्रेन का सफर यात्रियों के लिए और सुरक्षित होने जा रहा है। रेलवे एक ऐसा नया सिग्नल सिस्टम लॉन्च करने जा रहा है, जिससे एक ट्रेन पटरी पर खड़ी दूसरी ट्रेन से नहीं भिड़ेगी। ज्यादातर ट्रेनें, कोहरे और अन्य वजह से दूसरी ट्रेन से भिड़ जाती हैं, जिससे जान-माल को काफी नुकसान उठाना पड़ता है। इसके साथ ही रेलवे में डीजल इंजन का चलन अगले पांच साल में इतिहास बन जाएगा। 

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घने कोहरे में ड्राइवर को नहीं दिखती दूसरी ट्रेन
उत्तर भारत में सर्दियों के वक्त काफी घना कोहरा पड़ता है। इस दौरान पटरी पर खड़ी ट्रेन को दूर से पीछे से आ रही ट्रेन के ड्राइवर को नहीं दिखती है। ऐसे में टक्कर हो जाती है। अब ट्रेनों की टक्कर न हो, इसके लिए सभी प्रमुख रूटों पर सिग्नल प्रणाली को मैन्युल तरीके से हटाकर के ऑटोमेटिक किया जा रहा है। 
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पटरियों पर लगाए जाएंगे सेंसर
रेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि रेलवे अपने ट्रैक पर सेंसर प्रणाली का इस्तेमाल करने जा रही है, जिससे सिग्नल, ट्रैक सर्किट, एक्सल काउंटर और इंटरलॉकिंग व पॉवर सप्लाई सिस्टम को आसानी से मॉनिटर किया जाएगा।
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सिस्टम सभी प्रकार के डाटा को इकठ्ठा करके एक सेंट्रल सर्वर पर भेजेगा, जिससे रियल टाइम पर परेशानी का समाधान किया जा सकेगा। फिलहाल इसका ट्रायल गाजियाबाद-हावड़ा सेक्शन के पांच खंडों पर शुरू किया जाएगा। 

पांच साल में विदा होंगे डीजल इंजन

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वहीं रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि अगले पांच सालों में डीजल इंजन पूरी तरह से इतिहास बन जाएंगे। वो सभी रूट जहां पर अभी डीजल इंजन का प्रयोग होता है उनको इलेक्ट्रीफाई कर दिया जाएगा। इससे रेलवे को सालाना 10500 करोड़ रुपये की बचत होगी। डीजल इंजन की जगह केवल बिजली के इंजन का ऑपरेशन के लिए प्रयोग किया जाएगा। डीजल इंजन का इस्तेमाल केवल बैकअप के लिए किया जाएगा। 

पुराने कोच भी बनेंगे इतिहास 
रेल मंत्री ने यह भी कहा कि आने वाले सालों में यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर अभी ट्रेनों में लगे पुरानी तकनीक के आईसीएफ कोच भी इतिहास बन जाएंगे। सभी ट्रेनों में एलएचबी कोच लगाए जाएंगे। इसके लिए सभी रेल कोच फैक्ट्री और रायबरेली स्थित कोच फैक्ट्री को प्रोडक्शन बढ़ाने के लिए कहा गया है। 

यात्रियों की सुविधा के लिए लगेंगे एस्केलेटर्स
रेल मंत्री ने कहा कि यात्रियों की सुविधा के लिए अकेले मुंबई में 372 और देश भर के सभी प्रमुख स्टेशनों पर तीन हजार से अधिक एस्केलेटर्स लगाए जाएंगे। इससे यात्रियों को स्टेशन के अलावा प्लेटफॉर्म पर आने-जाने में सुविधा होगी और भीड़ के चलते होने वाली दुर्घटनाओं पर रोक लगेगी।     

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