ईज ऑफ डूइंग बिजनेसः टॉप 50 में आने की कोशिश, केंद्र ने राज्यों के बीच ऐसे की साझेदारी
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लालफीता शाही पर लगेगी लगाम
केंद्र सरकार का मकसद है कि इससे राज्यों के बीच लालफीताशाही पर लगाम लगेगी। केंद्र सरकार और वित्त मंत्रालय के आधीन काम करने वाले डिपार्टमेंट ऑफ इंडस्ट्रियल पॉलिसी एंड प्रमोशन (डीआईपीपी) के सचिव रमेश अभिषेक ने कहा कि इससे राज्यों के बीच रैंकिंग को सुधारने के लिए प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और कमजोर राज्यों में भी निवेशक बिजनेस शुरू करने के लिए आगे आएंगे।
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यह बनाया है प्लान
पिछले साल की रैंकिंग में टॉप पर आने वाले तेलंगाना को त्रिपुरा की मदद करने के लिए कहा गया है, जो 26वीं रैंक पर था। इसी तरह आंध्र प्रदेश को केरल की मदद करने के लिए कहा गया है। तीसरे नंबर पर आए गुजरात को केंद्र शासित प्रदेश दादरा-नागर हवेली व अंडमान-निकोबार की मदद करने को कहा गया है।
बदला गया रैंकिंग सिस्टम
इस साल डीआईपीपी ने अपने रैंकिंग सिस्टम में काफी बदलाव कर दिया है। अब इसे फीडबैक आधारित कर दिया गया है, जिसमें जिस कमजोर राज्य को बदलाव करने के लिए कहा गया है, उसकी जिम्मेदारी बढ़ गई है।
इसके साथ ही प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए राज्यों के साथ मिलकर भी कदम उठाए जा रहे हैं।
प्रॉपर्टी का रजिस्ट्रेशन करेंगे नगर निकाय, तहसील
उदाहरण के बिजनेस खोलने के लिए कोई कंपनी अगर प्रॉपर्टी खरीदती अथवा बनाती है तो उसका रजिस्ट्रेशन या फिर परमिट केवल तहसील, अथॉरिटी, नगर पालिका या फिर नगर निगम के द्वारा ही जारी किया जा सकता है।
इन पर बिजली, पानी, सीवर आदि के कनेक्शन देने के लिए जरूरी कार्यवाही को करना इनका काम है। इसको भी ऑनलाइन किया जा रहा है, ताकि कंपनियों को किसी तरह की कोई दिक्कत न हो।इसी तरह कई और काम हैं, जो बिजनेस शुरू करने के लिए केवल राज्य ही कर सकते हैं। अगले साल से दिल्ली-मुंबई के अलावा देश सभी राज्यों को भी इस रैंकिंग में शामिल किया जाएगा।