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टैक्स डिपार्टमेंट के रडार पर हैं GST का फायदा ग्राहकों को न देने वाले रेस्टोरेंट्स
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 22 Nov 2017 02:55 PM IST
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वित्त मंत्रालय और टैक्स डिपार्टमेंट ऐसे रेस्टोरेंट मालिकों की अच्छे से खबर लेने जा रहा है, जिन्होंने जीएसटी घटने का फायदा अपने ग्राहकों को नहीं दिया है। इसके लिए टैक्स डिपार्टमेंट ने रेस्टोरेंट मालिकों के लिए चेतावनी भी जारी कर दी है।
लगेगा जुर्माना
एफएमसीजी कंपनियों को चेतावनी जारी करने के बाद अब डिपार्टमेंट की नजरें रेस्टोरेंट पर टेड़ी हो गई हैं। सेंट्रल बोर्ड ऑफ एक्साइज एंड कस्टम की चेयरपर्सन वंजना सर्ना ने कहा कि डिपार्टमेंट अब ऐसे रेस्टोरेंट्स को पत्र लिखकर बढ़े हुए दाम वापस लेने के लिए कहेगा। जो रेस्टोरेंट्स डिपार्टमेंट के आदेश का पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ जुर्माना लगाया जाएगा।
एफएमसीजी कंपनियों ने घटा दिए दाम
वित्त मंत्रालय के आदेश के बाद एफएमसीजी कंपनियों ने अपने प्रोडक्ट्स के दाम घटा दिए थे। इसकी शुरुआत डाबर ने की थी, इसके बाद इमामी और एचयूएल ने भी दाम घटाने की घोषणा कर दी थी।
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रेस्टोरेंट में मालिक तय करता है प्राइस
गौरतलब है कि अभी किसी भी रेस्टोरेंट में मिलने वाले खाने की कीमत तय करने का हक उसके मालिक के पास है। अब जबकि सरकार ने रेस्टोरेंट के बिल पर लगने वाली जीएसटी दर को कम कर दिया है तो इसका फायदा ग्राहकों को कम बिल के रूप में मिलना चाहिए। लेकिन देश के अधिकांश रेस्टोरेंट ऐसा नहीं कर रहे हैं।
जीएसटी की दर भले ही घट गई है, लेकिन रेस्टोरेंट मालिकों ने खाद्य पदार्थों की कीमत बढ़ा दी है, जिससे ग्राहकों को अभी भी ज्यादा कीमत चुकानी पड़ रही है। जबकि पांच फीसदी से जीएसटी लगने की वजह से बिल राशि कम होनी चाहिए थी।
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लगेगा जुर्माना
एफएमसीजी कंपनियों को चेतावनी जारी करने के बाद अब डिपार्टमेंट की नजरें रेस्टोरेंट पर टेड़ी हो गई हैं। सेंट्रल बोर्ड ऑफ एक्साइज एंड कस्टम की चेयरपर्सन वंजना सर्ना ने कहा कि डिपार्टमेंट अब ऐसे रेस्टोरेंट्स को पत्र लिखकर बढ़े हुए दाम वापस लेने के लिए कहेगा। जो रेस्टोरेंट्स डिपार्टमेंट के आदेश का पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ जुर्माना लगाया जाएगा।
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एफएमसीजी कंपनियों ने घटा दिए दाम
वित्त मंत्रालय के आदेश के बाद एफएमसीजी कंपनियों ने अपने प्रोडक्ट्स के दाम घटा दिए थे। इसकी शुरुआत डाबर ने की थी, इसके बाद इमामी और एचयूएल ने भी दाम घटाने की घोषणा कर दी थी।
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रेस्टोरेंट में मालिक तय करता है प्राइस
गौरतलब है कि अभी किसी भी रेस्टोरेंट में मिलने वाले खाने की कीमत तय करने का हक उसके मालिक के पास है। अब जबकि सरकार ने रेस्टोरेंट के बिल पर लगने वाली जीएसटी दर को कम कर दिया है तो इसका फायदा ग्राहकों को कम बिल के रूप में मिलना चाहिए। लेकिन देश के अधिकांश रेस्टोरेंट ऐसा नहीं कर रहे हैं।
जीएसटी की दर भले ही घट गई है, लेकिन रेस्टोरेंट मालिकों ने खाद्य पदार्थों की कीमत बढ़ा दी है, जिससे ग्राहकों को अभी भी ज्यादा कीमत चुकानी पड़ रही है। जबकि पांच फीसदी से जीएसटी लगने की वजह से बिल राशि कम होनी चाहिए थी।
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हो सकती है सजा
कई लोगों ने तो रेस्टोरेंट्स के बिल सोशल मीडिया पर पोस्ट कर अपना गुस्सा जाहिर किया है। इसके बाद McDonalds जैसे बड़ी रेस्टोरेंट चेन ने सफाई दी थी कि सरकार ने जीएसटी की दर कम करने के साथ ही इनपुट टैक्स क्रेडिट हटा दिया है जिसकी वजह से ऐसा करना पड़ा।
रेस्टोरेंट मालिकों की इस सफाई को वित्त मंत्रालय के एक सीनियर अधिकारी ने गलत बताया है। उन्होंने कहा कि अगर इनपुट टैक्स क्रेडिट के हटाने के वजह से ऐसा हो रहा है तो जब जीएसटी लागू हुआ था तब तो इनपुट टैक्स क्रेडिट नहीं हटाया गया था तो तब कीमत में कमी क्यों नहीं आई?
खबर के मुताबिक, अधिकारी ने यह भी कहा कि सरकार के पास अधिकार है कि वह किसी की शिकायत पर गौर करने के अलावा अपनी तरफ से भी किसी रेस्टोरेंट पर भारी जुर्माना लगा सकती है। उन्होंने बताया कि अगर कोई रेस्टोरेंट मुनाफाखोरी में शामिल पाया गया तो उसके खिलाफ ऐसा एक्शन होगा। बता दें कि केंद्र सरकार ने 211 प्रोडक्टस पर जीएसटी की दरों को कम किया है जिसमें एसी रेस्टोरेंट में खाना भी शामिल है।
रेस्टोरेंट मालिकों की इस सफाई को वित्त मंत्रालय के एक सीनियर अधिकारी ने गलत बताया है। उन्होंने कहा कि अगर इनपुट टैक्स क्रेडिट के हटाने के वजह से ऐसा हो रहा है तो जब जीएसटी लागू हुआ था तब तो इनपुट टैक्स क्रेडिट नहीं हटाया गया था तो तब कीमत में कमी क्यों नहीं आई?
खबर के मुताबिक, अधिकारी ने यह भी कहा कि सरकार के पास अधिकार है कि वह किसी की शिकायत पर गौर करने के अलावा अपनी तरफ से भी किसी रेस्टोरेंट पर भारी जुर्माना लगा सकती है। उन्होंने बताया कि अगर कोई रेस्टोरेंट मुनाफाखोरी में शामिल पाया गया तो उसके खिलाफ ऐसा एक्शन होगा। बता दें कि केंद्र सरकार ने 211 प्रोडक्टस पर जीएसटी की दरों को कम किया है जिसमें एसी रेस्टोरेंट में खाना भी शामिल है।