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'भगोड़े' माल्या की संपत्ति के लिए नहीं मिल रहे खरीददार, सता रहा कानून का डर

Fri, 31 Mar 2017 05:36 PM IST
amarujala.com- presented by: रोहित कुमार पोरवाल
amarujala.com- presented by: रोहित कुमार पोरवाल Updated Fri, 31 Mar 2017 05:36 PM IST
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Lenders get no takers for Vijay Mallya's properties again
बीच में व‌िजय माल्‍या - फोटो : file photo

बैंकों को करोड़ों का चूना लगाने वाले 'भगोड़े' विजय माल्या की कुर्क संपत्ति पर कोई हाथ नहीं डाल रहा है। खदीददारों को संपत्ति को लेकर भविष्य की संभावित मुकदमेबाजी की आशंकाएं सता रही हैं। कुर्क संपत्ति की नीलामी की कई कोशिशें की जा चुकी हैं, लेकिन वे नाकाम साबित हुईं। खरीददार ही नहीं मिल रहे हैं। माल्या को कर्ज देने वाले संस्थान बेसब्री से नीलामी के इंतजार में हैं। इकोनॉमिक टाइम्स की खबर के मुताबिक एक वरिष्ठ बैंक अधिकारी ने बताया कि मामला हाईप्रोफाइल है, एक ही संपत्ति पर कई दावे हैं, इसीलिए भविष्य की कानूनी झंझटों से बचने के लिए खरीददार संकोच कर रहे हैं।

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संपत्ति पर दावों की भी सही जानकारी न मिलने से भी खरीरदार दूरी बनाए हुए हैं। कई बैंक माल्या को दी गई लोन के लिए डिफॉल्ट कर चुके हैं। माल्या का संपत्ति में रियल एस्टेट, बंगले और महंगी कारें हैं।
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नीलामी के लिए संपत्ति के रिजर्व प्राइस भी घटाए गए। मुंबई स्थित माल्या के बहुमंजिला किंगफिशर हाउस को बेचने की मार्च के महीने में नाकाम और चौथी कोशिश की गई। रिजर्व प्राइस घटाकर 103.5 करोड़ रुपये रखा गया, लेकिन नतीजा सिफर निकला। इसी संपत्ति का पिछले साल दिसंबर में रिजर्व प्राइस 115 करोड़ रुपये रखा गया था। गोवा स्थित किंगफिशर विला को भी खरीददार नहीं मिले। इसका रिजर्व प्राइस भी 10 पर्सेंट घटाकर 73 करोड़ रुपये किया गया था।

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क्या है मामला?

Lenders get no takers for Vijay Mallya's properties again
विजय माल्या - फोटो : Getty
बता दें कि किंगफिशर एयरलाइन पर करीब 9000 हजार करोड़ रुपये का कर्ज बाकी है। भारतीय स्टेट बैंक की अगुवाई वाले 17 बैंकों ग्रुप ने माल्या को कर्ज दिया था। पिछले साल मार्च के महीने से माल्या भगोड़े चल रहे हैं। फिलहाल माल्या का ठिकाना ब्रिटेन में बताया जाता है। उनकी कुर्क संपत्ति की नीलामी कर्ज देने वालों की ओर से एसबीआई के कैप ट्रस्टियों के जिम्मे है।

इस मामले में माल्या से ईमेल के जरिए जवाब मांगे गए, लेकिन उन्होंने नहीं दिए। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक माल्या के अधिकारी ने बताया कि माल्या से इस बारे बातचीत ही नहीं की गई। नहीं तो बैंकों को उनका पैसा मिल गया होता। उन्होंने कहा कि सरकार अब माल्या को वापस लाने के लिए ज्यादा पैसे खर्च कर रही है।
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