होली पर मिला गिफ्ट, खत्म हुई कैश निकालने की सीमा
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केंद्र सरकार और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) की तरफ से होली का गिफ्ट लोगों को मिलने जा रहा है। हालांकि आरबीआई ने इसकी घोषणा फरवरी में ही कर दी थी।
अब बचत खाता धारक अपने अकाउंट से होली के दिन (13 मार्च) से जितना मर्जी चाहे उतना कैश निकाल सकेंगे। आरबीआई ने नोटबंदी के बाद अकाउंट और एटीएम से कैश निकालने पर लिमिट लगा दी थी। चालू खाता धारकों के लिए पहले ही इस लिमिट को खत्म किया जा चुका है।
8 फरवरी को दो फेज में की थी लिमिट हटाने की घोषणा
8 फरवरी को आरबीआई ने अकाउंट से पैसा निकालने की लिमिट को हटाने का फैसला किया था। इसको दो फेज में हटाने की घोषणा की गई थी। 3 फरवरी को वित्त मंत्रालय में आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास ने कहा था कि पुराने नोट के बदले नए नोट लाने की प्रक्रिया पूरी हो गई है।
इस समय सेविंग बैंक खातों से एक हफ्ते में 24,000 रुपये और महीने में 96,000 रुपये निकालने की अनुमति है। एटीएम से 1 दिन में वर्तमान में एक बार में ही 24 हजार रुपये निकाला जा सकता है।
8 फरवरी तक ये था नियम
RBI ने एटीएम से निकासी सीमा को बढ़ाकर 10,000 रुपए प्रति दिन कर दिया लेकिन बचत बैंक खातों के लिए 24,000 रुपए की साप्ताहिक निकासी सीमा को बनाए रखा है। वहीं करंट अकाउंट के लिए साप्ताहिक नकदी निकासी सीमा एक लाख रुपए पर बनाये रखी गयी। दास ने कहा कि यह पूरी तरह रिजर्व बैंक का फैसला होगा और वही हालात को ध्यान में रखते हुए कोई निर्णय करेगा।
20 फरवरी को की गई थी इसकी घोषणा
लोग अपने बचत खाते से हर सप्ताह 50,000 रुपये तक की निकासी कर सकेंगे। यह सुविधा सोमवार 20 फरवरी से लागू हो गई थी। भारतीय रिजर्व बैंक ने गत 8 फरवरी को जारी अपने नोटिफिकेशन में कहा था कि बचत खाते की साप्ताहिक निकासी सीमा 20 फरवरी से बढ़ाकर 50,000 रुपये कर दी जाएगी और 13 मार्च से निकासी पर लगी सीमा हटा ली जाएगी।
रिजर्व बैंक ने एक फरवरी को चालू खाते के लिए निकासी सीमा हटा ली थी, लेकिन बचत खाते के लिए साप्ताहिक निकासी की सीमा 24,000 रुपये पर यथावत छोड़ दी गई थी।
अगर की ज्वैलरी की नकद खरीदी तो देना होगा टैक्स
वहीं, आगामी एक अप्रैल से दो लाख रुपये से अधिक के आभूषणों की नकद खरीद आपको महंगी पड़ जाएगी। वित्त विधेयक 2017 यदि पारित हो जाता है तो आभूषण भी सामान्य वस्तुओं की श्रेणी में आ जाएगा और इसकी नकद खरीद पर आपको एक प्रतिशत का स्रोत पर कर यानी टीसीएस देना पड़ जाएगा। अभी तक इसकी मौजूदा सीमा पांच लाख रुपये है।
वित्त विधेयक में टीसीएस के लिए पांच लाख रुपये से अधिक के आभूषणों की नकद खरीद की सीमा को समाप्त करने का प्रस्ताव है। इसकी वजह यह है कि 2017-18 के बजट में तीन लाख रुपये से अधिक के नकद सौदों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके उल्लंघन में नकदी स्वीकार करने वाले व्यक्ति पर उतनी ही राशि का जुर्माना लगाने का प्रावधान है।
चूंकि आभूषणाें की खरीद के लिए कोई विशेष प्रावधान नहीं है इसलिए अब इसे सामान्य उत्पादाें के साथ मिला दिया गया है। इन वस्तुओं पर एक बार में दो लाख रुपये से अधिक की नकद खरीद पर एक प्रतिशत का टीसीएस लगता है। अब एक अप्रैल से इतने रुपये के आभूषणों पर भी टीसीएस लगाने का प्रावधान है।