चोरों के भी उस्ताद हैं यहां के बंदर, पलक झपकते ही गायब कर लेते हैं कपड़े...
बंदरों को खिलाने पिलाने का खर्च, घूमने के खर्च से कहीं ज्यादा...
ये बंदर उनका सामान तब तक वापस नहीं करते जब तक टूरिस्ट उन पर अच्छा खासा खर्च नहीं करते या उन्हें खाने के लिए कुछ स्पेशल नहीं देते। इंडोनिशिया के 'बाली मंदिर' के परिसर में इन बंदरों का जमावड़ा लगा रहता है। वहां टूरिस्ट आने से डरते हैं, क्योंकि उन्हें घूमने में जितना खर्छ नहीं करना पड़ता है उतना इन बंदरों को खिलाने पिलाने में खर्च करना पड़ जाता है।
घूमने आए लोगों का सामान लेकर कब लापता हो जाते हैं ये बंदर उन्हें पता तक नहीं चलता।
बंदर के रूप में इंसान..
खोजकर्ताओं का कहना है कि ये बंदर इंसान की तरह हैं, इनकी हर एक एक्टिविटी इंसान से मिलती जुलती है। इन्हें गुस्सा भी भयंकर आता है। अगर कोई टूरिस्ट खर्छ नहीं करता तो उन पर जानलेवा हमला भी कर देते हैं ये लुटेरे...