बिहार में बाढ़ से हालात बद से बदतर, जायजा लेने पहुंचे सीएम नीतीश
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बिहार में बाढ़ का कहर लगातार 72 घंटों से जारी है और इस वजह से लाखों लोग प्रभावित हुए हैं। सीएम नीतीश कुमार आज यानि सोमवार को बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करने निकले हैं। इससे पहले उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री राजनाथ सिंह एवं रक्षा मंत्री अरूण जेटली से फोन पर बात की और उन्हें हालातों की जानकारी दी। साथ ही हर मदद उपलब्ध कराने का अनुरोध भी किया।
Bihar Chief Minister Nitish Kumar conducts aerial survey of flood affected areas pic.twitter.com/RLxcLqAfp3
— ANI (@ANI) August 14, 2017विज्ञापन
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बता दें कि बिहार के सीमांचल जिलों पूर्णिया, कटिहार, अररिया, किशनगंज में बाढ़ के हालात लगातार बने हुए हैं। इससे पहले मुख्यमंत्री ने पटना स्थित विद्यापति भवन में एक कार्यक्रम में कहा कि नेपाल में हो रही भारी बारिश तथा बिहार के कई जिलों में पिछले 24 घंटे से हो रही भारी वर्षा के कारण कई नदियां उफान पर हैं। चारों तरफ पानी ही पानी, गांवों में पानी भर गया है। उन्होंने कहा कि इस समस्या पर कल शाम से ही नजर रखी जा रही है।
कल शाम तथा आज सुबह से ही सभी इंतजामों पर मैं नजर रखे हुये हूं। एनडीआरएफ तथा एसडीआरएफ की कम्पनी जो बिहार में उपलब्ध थी, उन्हें प्रभावित क्षेत्रों में भेजा गया है। इसके अलावा अतिरिक्त एनडीआरएफ कम्पनी की मांग केन्द्र सरकार से की गयी है।
मुख्यमंत्री कुमार ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री, गृह मंत्री तथा रक्षा मंत्री से दूरभाष पर बात की है। सुबह से ही सभी अधिकारियों के साथ बैठक करके आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने इससे पूर्व अपने आवास पर भारी वर्षा के कारण उत्पन्न बाढ़ की स्थिति पर एक आपात बैठक की।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने केंद्र से एनडीआरएफ की 10 अतिरिक्त टुकड़ियों की मांग की है। साथ ही बचाव एवं राहत कार्य हेतु वायुसेना के हेलीकाप्टर की तैनाती का अनुरोध किया है। प्रधानमंत्री एवं गृहमंत्री ने मुख्यमंत्री को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने संबंधित जिलों के जनप्रतिनिधियों से भी बातचीत करके सम्पूर्ण स्थिति की जानकारी प्राप्त की।
इतना ही नहीं पूर्वोत्तर राज्यों में भी बाढ़ का कहर जारी है, जहां असम में हालात बेहद खराब हैं। बताया जा रहा है कि असम में पिछले तीन दशकों में का रिकॉर्ड टूट गया है। बीते 24 घंटों में बाढ़ से 10 लाख लोग बुरी तरह हुए प्रभावित हैं। वहीं राज्य के 21 जिलों में 15 लाख से ज्यादा प्रभावित हैं।
लगभग 3,000 ग्रामीणों को बचाया गया और राहत शिविरों में स्थानांतरित कर दिया गया। बाढ़ की वजह से काजीरंगा राष्ट्रीय पार्क काफी प्रभावित हुआ है।
18. लाख से ज्यादा प्रभावितों को 439 राहत शिविर में ठहराया गया है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के स्टेट प्रोजेक्ट कॉर्डिनेटर राजिब प्रकाश बरुआ ने कहा कि राहत बचाव के लिए सेना, इंडियन एयरफोर्स, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और एसडीआरएफ की टीम काम कर रही है।