GST: महंगी हो जाएंगी सेडान हाइब्रिड कारें, छोटी गाड़ियों पर बढ़ेगा सेस
जीएसटी के चलते अब ज्यादातर वाहनों की कैटेगिरी 28 फीसदी टैक्स के स्लैब में आ जाएंगे, इसमें अलग-अलग श्रेणी में वेरिएबल सेस किसी वाहन कटेगरी पर लगाया जाने का प्रावधान भी किया गया है।
सब फोर मीटर कटेगरी के पेट्रोल मॉडल पर अब 1 फीसदी(1200 सीसी से कम) का सेस लगेगा जबकि डीजल कारों पर 3 फीसदी अतिरिक्त सेस लगेगा।
इस बदलाव के बाद इन कारों के लिए जीएसटी की दरें कुल मिलाकर 29 व 31 फीसदी तक पहुंच जाएंगी। इसके चलते अब छोटी गाड़ियां थोड़ी सी महंगी हो जाएंगी।
मिड साइज और एसयूवी(जिसकी लंबाई 4 मीटर से ज्यादा और 1500 सीसी से कम इंजन) की कीमतों पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। ऐसी गाड़ियों पर अब तक लगभग 43 फीसदी तक का टैक्स लगता है।
कार सर्विसिंग पड़ेगी महंगी
बड़ी गाड़ियों के शौकीन हैं जिनका इंजन 1500 सीसी से ज्यादा है,वो अब 50 फीसदी के बजाए 43 फीसदी टैक्स के स्लैब में आ जाएंगी। जिसके चलते इनकी कीमतों में लगभग 7 फीसदी तक की कमी आएगी। इन कारों पर जीएसटी के अलावा 15 फीसदी का अतिरिक्त कर लगेगा।
इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री को बढ़ाने के लिए व इन्हें उत्साहित करने के लिए इन्हें 12 फीसदी के टैक्स बैंड में रखा गया है। लेकिन इसमें आश्चर्य की बात ये है कि हाइब्रिड कारों को इससे दूर रखा गया है।
इसके चलते हाइब्रिड कारों पर 28 फीसदी की जीएसटी व 15 फीसदी का अतिरिक्त कर लगेगा। इसका साफ मतलब है कि ये गाड़ियां अब खरीदनी महंगी पड़ेंगी।
इसका साफ मतलब है कि सरकार अब क्लीन व ग्रीन वातावरण रखने वाली गाड़ियों पर ज्यादा फोकस कर रही है। इसके चलते टोयोटा, लेक्सस व हुंडई को झटका लग सकता है जिन्होंने हाइब्रिड वाहनों के लिए भारीभरकम निवेश भारत में किया है।
एक गाड़ी को रखना अब महंगा पड़ेगा क्योंकि ऑटो पार्टस के साथ ये कटेगरी 28 फीसदी जीएसटी व तीन फीसदी अतिरिक्त कर वाले स्लैब में समाहित होगी। इसके अलावा सर्विस टैक्स इस पर 18 फीसदी लगेगा तो कुल मिलाकर गाड़ी की सर्विसिंग महंगी हो जाएगी।
किस पर कितना फर्क पड़ेगा
कारों का प्रकार जीएसटी रेट(% में) बदलाव
मिड साइज कार 43 बदलाव नहीं
छोटी कारें 29 महंगी
बड़ी कारें व एसयूवी 43 सस्ती
इलेक्ट्रिक वाहन 12 सस्ती
हाइब्रिड कारें 43 महंगी