बदलते बाजार में लुढ़कती ऑल्टो की बिक्री, फिर भी नंबर वन
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आम आदमी की कार का सपना पूरा करने वाली मारुति सुजुकी की ऑल्टो पिछले 13 साल से भारत की सबसे ज्यादा बिकने वाली कारों में शामिल है। इसके बावजूद इस कार को अब कड़ी चुनौती एक ऐसी कंपनी से मिल रही है जो भारत में बहुत पुरानी नहीं है।
हम बात कर रहे हैं रेनो की। रेनो ने मारुति के नक्शेकदम पर चलते हुए क्विड को लॉन्च किया और महज एक साल के अंदर देश की टॉप 10 कारों में शामिल हो गई। इसका असर ये हुआ कि ऑल्टो की बिक्री काफी नीचे आ गई। हालॉंकि इसके बावजूद अपनी लॉन्चिंग के बाद से लगातार 13वें साल 2016-17 वित्त वर्ष में 2.41 लाख यूनिट के साथ सबसे ज्यादा बिकने वाली कार बनी हुई है।
आपको बताते चलें कि अब तक रेनो ने भारतीय बाजार में लगभग 1 लाख 30 हजार क्विड की बिक्री की है। हाल ही में रेनो ने क्विड के कई वेरिएंट एड किए हैं जिससे माना जा रहा है कि मारुति ने ऑल्टो की रणनीति नहीं बदली तो क्विड कुछ ही सालों में सारे रिकॉर्ड तोड़ देगी।
पिछले साल बेची गईं 1.41 लाख यूनिट्स
मौजूदा समय में मारुति सुजुकी की कुल घरेलू बिक्री 1,443,641 यूनिट की है जिसमें ऑल्टो की हिस्सेदारी 17 फीसदी है। ऑल्टो की पिछले साल बेची गईं 1.41 लाख यूनिट्स में से 21,000 यूनिट श्रीलंका, चिली, फिलीपींस और उरुग्वे भी भेजी गईं थीं। महिंद्रा ऐंड महिंद्रा ने पिछले के पोर्टफोलियो का जिक्र करें तो उसने मार्च में 25,352 कारें और होंडा ने 18,634 कारें इस महीने बेचीं। होंडा ने होंडा सिटी और डब्ल्यूआर वी के नए मॉडल भी लॉन्च किए।
मारुति सुजुकी ऑल्टो को पहली बार वर्ष 2000 में लॉन्च किया। उसे मारुति सुजुकी 800 के विकल्प के तौर पर सामने लाया गया था, जो कि मारुति के नंबर 1 भारतीय ऑटोमेकर कंपनी बनने का सबसे बड़ी वजह थी। मारुति ऑल्टो को कई बार अपग्रेड कर चुकी है। इसके कई वर्जन जैसे ऑल्टो स्पिन, ऑल्टो के 10, ऑल्टो 800, नेक्स्ट जेन ऑल्टो के 10 आदि लॉन्च किए जा चुके हैं।
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