नींव खुदाई से लेकर घर बनवाने तक जानें क्या है सही वास्तु
घर का निर्माण करवाते समय अक्सर हम नींव मुहूर्त और घर का नक्शा वास्तु के अनुसार करवा तो लेते हैं, लेकिन इसके बावजूद भी घर में वास्तु दोष रह जाता है। जिसके बाद समझ नहीं आता कि गलती कहां रह गई। सब कुछ सही करने के बावजूद भी वास्तु दोष रहने का कारण है नींव मुहूर्त से लेकर घर बनवाने तक का तरीका। मतलब घर बनवाने का तरीका सही नहीं होने पर प्रभाव विपरीत होता हैं। जानें क्या है घर बनवाने का सही तरीका
- आपकी जमीन चाहे किसी भी दिशा में हो, लेकिन नींव की खुदाई उत्तर पूर्व से शुरू करके उत्तर-पश्चिम और दक्षिण- पूर्व की तरफ लाएं। इसके बाद उत्तर- पश्चिम और दक्षिण- पूर्व से शुरू करके दक्षिण- पश्चिम तक साथ साथ करके खत्म करें।
- भूमि पूजन हमेशा उत्तर पूर्व दिशा में ही करें। इसके बाद वाटर टैंक को कहीं पर भी ना बनवा करके पूर्व, उत्तर- पूर्व या उत्तर दिशा में ही बनवाए।
- घर बनने के बाद दक्षिण- पश्चिम में मंदिर में बनवाए।
- दीवार बनाते समय नींव की भराई वाला ही क्रम रखें। दिन का काम पूरा होने के बाद ध्यान रखें कि पूर्व, उत्तर व दक्षिण पूर्व की दीवारों की ऊंचाई व मोटाई दक्षिण, पश्चिम व दक्षिण-पश्चिम की दीवारों से अधिक ना हो।
- आपके घर का बरामद और कमरें के फर्श को इस प्रकार बनवाएं कि सफाई करते समय जो पानी दक्षिण, पश्चिम या दक्षिण-पूर्व की ओर से उत्तर, पूर्व या उत्तर- पूर्व की तरफ ना बहे।
- घर बनवाने के लिए खरीदा गया सामान जैसे सीमेंट, ईंट, पत्थर आदि को प्लॉट के दक्षिण, पश्चिम या दक्षिण- पूर्व दिशा में रखें। अगर हो सके तो सामग्री को प्लॉट के बिल्कुल पास ना रखकर सड़क के दूसरी तरफ रखें।
-घर के बेडरूम में फर्श बनवाते समय ध्यान रखे कि दक्षिण- पश्चिम में फर्श का ढ़लान ऊंचा, दक्षिण- पूर्व में नीचा रहे।