फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Astrology ›   Predictions ›   reason of remarriage according to astrology

जानें किन ग्रहों का खेल है पुनर्विवाह

Sat, 05 Mar 2016 09:34 PM IST
राकेश झा/अमर उजाला, नई दिल्ली
राकेश झा/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sat, 05 Mar 2016 09:34 PM IST
विज्ञापन
reason of remarriage according to astrology
व‌िवाह - फोटो : marriage
पिछले कुछ दशक तक समाज में पुनर्विवाह का चलन कम था लेकिन जिस तरह से समाज का स्वरूप बदल रहा है उसमें पुनर्विवाह करने वालों की संख्या बढ़ी है। पहले लोग विवाह को ईश्वर की नियति मानकर हर हाल में अपने वैवाहिक जीवन को बचाने की कोशिश करते थे लेकिन अब परिस्थितियां बदलती जा रही है। पुरूष और स्त्री दोनों की एक्पेक्टेशंस काफी बढ़ गयी है।
विज्ञापन


पिछले दिनों एक मेट्रीमोनी साईट के सर्वे में भी हमारी सोसाइटी का यही रुझान सामने आया है। वे वैवाहिक जीवन को खुश रहने का एक साधन मानने लगे हैं अगर दांपत्य जीवन में आपसी तालमेल की कमी हो गयी है तो रिश्ते को समाप्त कर देना ही अच्छा समझते हैं। अलगाव के बाद कुछ लोगों का पुनर्विवाह हो जाता है लेकिन कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जिनका पुनर्विवाह नहीं हो पाता है। आइए इसके ज्योतिष से जुड़े पहलूओं पर नजर डालें।
विज्ञापन


दूसरी शादी के विषय में हस्त रेखा विज्ञान का कहना है कि हथेली के अंतिम सिरे से जो रेखाएं चलकर छोटी उंगली के अंतिम सिरे की ओर आती है वे विवाह रेखाएँ कहलाती है। ये रेखाएँ जितनी अधिक होती हैं व्यक्ति की उतनी ही शादियां भी होती हैं। इनमें महीन रेखाओं को नहीं गिना जाता है। जो रेखा गहरी और स्पष्ट होती है वही विवाह रेखा कहलाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


ज्योतिषशास्त्र के अनुसार जिस प्रकार प्रथम विवाह का स्थान कुण्डली का सातवां घर होता है उसी प्रकार दूसरी शादी का घर नवम भाव होता है। इसलिए जिनकी कुण्डली में सातवां भाव अशुभ ग्रहों के प्रभाव में होता है अथवा शुभ ग्रहों की अच्छी स्थिति नहीं होती, उनकी पहली शादी सुखद नहीं रहती है और पति-पत्नी में अलगाव की संभावना बढ़ जाती है। जिनकी कुण्डली में नवम भाव शुभ होता है उनकी दूसरी शादी हो जाती है और वह सफल भी रहती है।

जिस व्यक्ति की कुण्डली में सातवें घर में गुरू नीच या अस्त होता है या सातवें में मंगल होता है उन्हें 30 वर्ष के बाद शादी करनी चाहिए। जिस व्यक्ति की इस उम्र से पहले शादी हो जाती है उनके दांपत्य जीवन में काफी ज्यादा परेशानियां रहती हैं और उनकी पहली शादी टूटने की संभावना भी बढ़ जाती है।

सातवें घर में मौजूद शुक्र और सूर्य भी दांपत्य जीवन में बाधा उत्पन्न करते हैं। ऐसे लोगों की कुण्डली में अगर सातवें घर पर शुभ ग्रहों का प्रभाव नहीं हो तो इनकी पहली शादी कामयाब नहीं हो पाती है। दूसरी शादी करके ही यह सुखी हो पाते हैं।


सूर्य यदि सप्तम हो तो तलाक होकर पुनर्विवाह होता है और जीवन साथी के साथ सदा अनबन रहती है। शुक्र के सप्तम होने पर व्यक्ति के विपरित लिंगियो से संबंध बढ़ते हैं जो तलाक का कारण बन जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Astrology News in Hindi related to daily horoscope, tarot readings, birth chart report in Hindi etc. Stay updated with us for all breaking news from Astro and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed