रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के लिए नई चुनौती बन चुका प्रिगोझिन येवगेनी किसी समय पुतिन का खानसामा कहलाता था। पुतिन की ही शह पर वह न केवल रूस में प्रमुख कारोबारी बना, बल्कि अपनी निजी सेना भी तैयार कर ली।
ऐसे हुआ राष्ट्रपति पुतिन से संपर्क
पुतिन को उसके रेस्त्रां न्यू आईलैंड का खाना अच्छा लगता था। अप्रैल 2000 में जापान के तत्कालीन प्रधानमंत्री योशिरो मोरी को पुतिन जब वहां ले गए, येवगेनी खुद मेहमानों के लिए प्लेट लगा रहा था, तभी पुतिन से उसकी औपचारिक मुलाकात हुई। 2003 में पुतिन ने अपना जन्मदिन भी न्यू आईलैंड पर मनाया। कुछ वर्ष बाद येवगेनी की कंपनी कॉनकॉर्ड को क्रेमलिन (रूसी राष्ट्रपति का कार्य-आवास) में भोजन सप्लाई का अनुबंध मिला। इससे येवगेनी को पुतिन का खानसामा की पहचान मिली। रूसी सेना से लेकर स्कूलों तक में खाना सप्लाई का अनुबंध मिलने लगा।
सेना बनाई, 2022 तक माना नहीं
2016 के अमेरिकी चुनाव में दखल
2016 के अमेरिकी चुनाव में सोशल मीडिया की कमजोरियों का फायदा उठा येवगेनी ने जबरदस्त दखल दिया। उसकी इंटरनेट रिसर्च एजेंसी की 'ट्रोल आर्मी व बॉट फैक्ट्री' ने मतदाताओं को प्रभावित करने, ट्रंप का समर्थन बढ़ाने और हिलेरी क्लिंटन के खिलाफ भड़काने के अभियान चलाए। उसने 2023 में स्वीकारा कि ये काम उसी ने करवाए थे।
यूक्रेन युद्ध के लिए सजायाफ्ता मुजरिमों पर दांव
यूक्रेन युद्ध में वैगनर में नई भर्ती के लिए येवगेनी ने सजायाफ्ता मुजरिमों से संपर्क किया। कहा, अगर वे यूक्रेन से लड़ते हुए 6 महीने तक जीवित रहते हैं, तो सजा माफ कर उन्हें घर लौटने दिया जाएगा। जनवरी, 2023 में अपराधियों को सेना में भर्ती करने से रूस ने रोकना शुरू कर दिया, इससे येवगेनी के रूसी रक्षा विभाग से रिश्ते बिगड़ने लगे।