यमन में अफ्रीका के प्रवासियों को रखने वाली जेल पर अमेरिकी हमले में 68 लोगों की मौत हुई है। हूती विद्रोहियों ने एयर स्ट्राइक के आरोप लगाए हैं। हवाई आक्रमण में 47 अन्य लोग घायल भी हुए हैं। गौरतलब है कि अमेरिकी विमानवाहक पोत लाल सागर व अरब सागर से यमन पर हमले के लिए तैनात हैं।
यमन के हूती विद्रोहियों ने सोमवार को दावा किया कि अमेरिका के हवाई हमले की वजह से अफ्रीकी प्रवासियों को रखने वाली जेल में 68 लोगों की मौत हो गई। हमले में 47 अन्य घायल बताए जा रहे हैं। अमेरिकी सेना ने सादा प्रांत पर हमला बोला। बताया गया कि घटनास्थल पर करीब 115 कैदी बंद थे। हूतियों के अल-मसीरा सैटेलाइट न्यूज चैनल की ओर से प्रसारित ग्राफिक फुटेज में घटनास्थल पर शव और अन्य घायल दिखाई दे रहे थे।
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यमन में हूती विद्रोहियों के ठिकानों पर 800 से ज्यादा हमले
इससे पहले अमेरिका ने बीती रात ऑपरेशन रफ राइडर के तहत यमन की राजधानी सना में हवाई हमले किए। हूती विद्रोहियों का कहना है कि इस हमले में आठ लोग मारे गए। वहीं अमेरिकी सेना ने बताया है कि बीते एक माह में उन्होंने यमन में हूती विद्रोहियों के ठिकानों पर 800 से ज्यादा हमले किए हैं।
हवाई हमले में कई हूती लड़ाके और हूती नेता मारे गए
अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड ने बयान जारी कर बताया कि ऑपरेशन रफ राइडर के तहत हूती विद्रोहियों के ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिनमें कई हूती लड़ाके और हूती नेता मारे गए हैं। मारे गए हूतियों में उनके मिसाइल और ड्रोन प्रोग्राम से जुड़े लोग भी शामिल हैं। हालांकि, अमेरिका ने हमलों में मारे गए हूतियों की ज्यादा जानकारी नहीं दी है।
ईरान पर दबाव बनाने की रणनीति के तहत यमन में अमेरिकी हवाई हमले
बता दें कि अमेरिका द्वारा लगातार हूतियों को निशाना बनाया जा रहा है। ट्रंप प्रशासन में बीती 15 मार्च से अमेरिका ने हूतियों पर हमले शुरू किए थे। हूतियों को ईरान का समर्थन है। ऐसे में माना जा रहा है कि ईरान पर दबाव बनाने की रणनीति के तहत अमेरिका यमन में हवाई हमले कर रहा है। अमेरिका परमाणु समझौते पर लेकर ईरान से बात कर रहा है।