फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शी जिनपिंग की यात्रा को रद्द कर सकते हैं जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे, जानें वजह

Sat, 04 Jul 2020 03:22 PM IST
Sneha Baluni वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, टोक्यो
विज्ञापन
शी जिनपिंग-शिंजो आबे - फोटो : SCMP
विज्ञापन

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग जापान के दौरे पर जाने वाले हैं। पहले यह यात्रा अप्रैल में होने वाली थी लेकिन इसे वैश्विक महामारी कोरोना वायरस की वजह से स्थगित कर दिया गया था। माना जा रहा है कि जिनपिंग का यह दौरा रद्द हो सकता है क्योंकि प्रधानमंत्री शिंजो आबे की सत्तारूढ़ लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (एलडीपी) के भीतर इसे लेकर जोरदार विरोध हो रहा है।

विज्ञापन

2008 के बाद जापान के दौरे पर जाने वाले शी जिनपिंग पहले राष्ट्रपति बनेंगे। चीन और जापान के बीच पिछले कुछ समय से तनाव चल रहा है लेकिन हाल ही में एलडीपी के सांसदों ने सरकार को औपचारिक तौर पर शी की यात्रा पर पुनर्विचार करने के लिए कहा है। ऐसा उन्होंने हांगकांग में चीन द्वारा राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लागू करने के बाद कहा है।


जापानी सांसदों को हांगकांग में चीन के दबदबे की चिंता है। जापान को डर है कि इस हफ्ते लागू हुए चीनी सुरक्षा कानून से हांगकांग में जापानी लोगों और कंपनियों के अधिकारों का हनन होगा। जापान ने अपनी आक्रामक कूटनीति को आगे बढ़ाने और हांगकांग पर अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए चीन पर कोरोना वायरस महामारी का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें- चीनी घुसपैठ के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं लद्दाखी, नजरअंदाज करना पड़ेगा महंगा: राहुल

हांगकांग एक वैश्विक वित्तीय केंद्र है जहां जापान के हित महत्वपूर्ण हैं। लगभग 1,400 जापानी कंपनियों की हांगकांग में मौजूदगी है, जो जापानी कृषि वस्तुओं की दुनिया की सबसे बड़ी आयातक हैं। जापानी व्यवसाय समुदाय चिंतित है कि चीनी राष्ट्रीय सुरक्षा कानून हांगकांग की नींव हिला देगा।
विज्ञापन


जापान ने चीन के इस कदम की कड़ी आलोचना की है। उसका कहना है कि यह हांगकांग की स्वतंत्रता को नष्ट कर देगा और पूर्व ब्रिटिश कॉलोनी को 1997 में चीन कौ सौंपते समय 50 सालों तक स्वायत्त रखने के किए वादे के खिलाफ है। विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी ने उस कानून पर खेद व्यक्त करते हुए बयान जारी किया जिसमें उन्होंने चीन से हांगकांग में संचालित जापानी लोगों और कंपनियों के अधिकारों का सम्मान करने का आग्रह किया था।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें