उत्तर-पश्चिम पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में गुरुवार को दो विरोधी गुटों के बीच गोलीबारी में चार लोग मारे गए। डीएसपी शेख माल्टून टाउन ने बताया कि प्रांत के मर्दन जिले के गढ़ी कपूरा में दो समूहों के बीच बहस हो गई थी। कुछ ही देर बाद विवाद घातक गोलीबारी में बदल गया और मामला गोलीबारी तक पहुंच गया।
डेरा इस्माइल खान में सड़क हादसे में गई पांच की जान
इस बीच, डेरा इस्माइल खान जिले के चश्मा रोड पर भीषण सड़क दुर्घटना में पांच लोगों की मौत हो गई। यहां एक भारी ट्रेलर और एक कार की आमने-सामने की टक्कर हो गई थी। पुलिस ने बताया कि कार में सवार पांचों लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।
बलूचिस्तान में ग्रेनेड हमलों में पांच लोग घायल
वहीं, बलूचिस्तान के तुर्बत में अज्ञात हमलावरों ने एक घर पर ग्रेनेड से ताबड़तोड़ हमले किए। इस हमले में महिलाओं और बच्चों सहित पांच लोग घायल हो गए। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, तुर्बत के अबसार इलाके में मुहम्मद यूनिस के आवास पर मोटरसाइकिल पर अज्ञात हमलावरों ने इस हमले को अंजाम दिया।
दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति येओल की गिरफ्तारी को मंजूरी
मार्शल लॉ का आदेश देने वाले दक्षिण कोरिया के पूर्व राष्ट्रपति यून सूक येओल को गिरफ्तार किए जाने का रास्ता साफ हो गया है। एक अदालत ने विशेष अभियोजक की उस दलील को स्वीकार कर लिया कि येओल के कारण सबूतों को नष्ट किए जाने का खतरा है। इसी साल अप्रैल में देश के सांविधानिक न्यायालय ने महाभियोग को बरकरार रखने का फैसला सुनाया था। इसके बाद येओल को पद से हटा दिया गया। अब चार महीने बाद उन्हें सियोल के पास एक हिरासत केंद्र में रखा जाएगा। सियोल सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने जनवरी में उनकी गिरफ्तारी को रद्द कर दिया था। मार्च में हुई रिहाई के समय अदालत ने उन्हें हिरासत में लिए बिना विद्रोह का मुकदमा चलाने की अनुमति दी थी।
यूक्रेन को अमेरिका ने फिर से हथियार भेजने शुरू किए
अमेरिका ने यूक्रेन को कुछ हथियार भेजना फिर से शुरू कर दिया है। दो अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि यूक्रेन में भेजे जा रहे हथियारों में 155 मिमी के हथियार और सटीक-निर्देशित रॉकेट शामिल हैं। बता दें कि रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने पिछले हफ़्ते पेंटागन को अपने हथियारों के भंडार का आकलन करने का मौका देने के लिए इस रोक का निर्देश दिया था। इसके बाद ट्रंप ने हथियारों की सप्लाई दोबारा शुरू करने के निर्देश दिए थे।
नेपाल में विशेषज्ञों की बैठक में दक्षिण एशिया में आतंकवाद पर काबू पाने के लिए क्षेत्रीय सहयोग पर जोर
नेपाल की राजधानी में बुधवार को दक्षिण एशिया में आतंकवाद क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा के लिए चुनौतियां" विषय पर एक सेमिनार हुआ, जिसमें दक्षिण एशिया में बढ़ते आतंकवाद को लेकर गंभीर चर्चा हुई। यह कार्यक्रम नेपाल इंस्टीट्यूट फॉर इंटरनेशनल कोऑपरेशन एंड एंगेजमेंट (NIICE) द्वारा आयोजित किया गया था। पूर्व वाणिज्य मंत्री सुनील बहादुर थापा ने चेताया कि लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे पाकिस्तानी आतंकी संगठन नेपाल को ट्रांजिट रूट की तरह इस्तेमाल कर सकते हैं।
पूर्व महिला और बाल विकास मंत्री चंदा चौधरी ने मनी लॉन्ड्रिंग पर रोक लगाने को सीमा पार आतंकवादी गतिविधियों को रोकने का जरूरी कदम बताया। पूर्व विदेश सचिव दिनेश भट्टाराई ने पहलगाम हमले को हाल के वर्षों का सबसे खतरनाक हमला बताया, जिसमें धार्मिक पहचान के आधार पर लोगों की हत्या की गई। पूर्व विदेश मंत्री एनपी साउद ने कहा कि नेपाल आतंकवाद के सभी रूपों की कड़ी निंदा करता है और दक्षिण एशियाई देशों के बीच मजबूत सहयोग की जरूरत है।
दक्षिण अफ्रीका में पहले भारतीय श्रमिकों की याद में बन रहा स्मारक
दक्षिण अफ्रीका के डरबन शहर में 1860 में पहुंचे पहले भारतीय बंधुआ मजदूरों की याद में एक स्मारक का निर्माण शुरू हो गया है। इस विचार को पहली बार करीब 10 साल पहले रखा गया था, लेकिन अब जाकर यह योजना हकीकत बन रही है। यह स्मारक क्वाज़ूलू-नटाल प्रांत की सरकार द्वारा वित्त पोषित है, जहां दक्षिण अफ्रीका की लगभग 1.8 मिलियन भारतीय मूल की आबादी का बड़ा हिस्सा रहता है। इनमें से ज़्यादातर लोग उन्हीं श्रमिकों और व्यापारियों की संतानें हैं जो भारत से जहाजों के जरिए वहां पहुंचे थे।
पहले योजना थी कि स्मारक में घंटी वाला एक टावर बनाया जाएगा, जो खेतों में काम करने वाले श्रमिकों की सुबह से शाम तक की मेहनत और घंटी के साथ काम खत्म होने के प्रतीक के रूप में होगा। लेकिन स्थानीय भारतीय समुदाय में मतभेद के चलते अंत में एक कांस्य मूर्ति (एक पुरुष, महिला और बच्चा) लगाने का निर्णय लिया गया। यह स्मारक 16 नवंबर 2025 तक पूरा होने की उम्मीद है, जब एसएस ट्रूरो नामक जहाज से मद्रास (अब चेन्नई) से आए पहले श्रमिकों की 165वीं वर्षगांठ मनाई जाएगी।
इस्राइल-हमास संघर्ष: युद्धविराम से पहले मोराग कॉरिडोर बना अड़चन
इस्राइल और हमास के बीच 60 दिन के युद्धविराम को लेकर बातचीत आगे बढ़ रही है, लेकिन इस्राइल की एक शर्त के चलते समझौता अटक सकता है। इस्राइल चाहता है कि युद्धविराम के दौरान भी उसके सैनिक गाजा पट्टी के दक्षिणी हिस्से के एक इलाके, जिसे मोराग कॉरिडोर कहा जाता है, में तैनात रहें। इस्राइल का कहना है कि इस कॉरिडोर में सेना बनाए रखना उसकी रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत वह लाखों फिलिस्तीनियों को गाजा के दक्षिणी किनारे की ओर, मिस्र की सीमा के पास एक संकीर्ण इलाके में भेजना चाहता है, जिसे वह मानवीय शहर कहता है।
हालांकि आलोचकों का मानना है कि यह कदम गाजा के 20 लाख से ज्यादा लोगों को जबरन वहां से स्थायी रूप से हटाने की तैयारी का हिस्सा हो सकता है। दूसरी ओर, हमास इस मांग का सख्त विरोध कर रहा है और उसका कहना है कि युद्धविराम तभी संभव है जब इस्राइली सेना गाजा से पूरी तरह हटे। हमास अभी भी कई बंधकों को अपने कब्जे में रखे हुए है और इस्राइल की पूरी आत्मसमर्पण की मांग मानने को तैयार नहीं है।
यमन में भुखमरी का संकट गहराया, 1 मिलियन से ज्यादा बच्चे कुपोषण के शिकार
यमन में जारी युद्ध के बीच 1.7 करोड़ से ज्यादा लोग भूख से जूझ रहे हैं, जिनमें 5 साल से कम उम्र के 10 लाख से ज्यादा बच्चे गंभीर कुपोषण का शिकार हैं। यह जानकारी संयुक्त राष्ट्र के मानवीय प्रमुख टॉम फ्लेचर ने बुधवार को सुरक्षा परिषद में दी। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर हालात नहीं सुधरे, तो सितंबर तक यह संख्या बढ़कर 1.8 करोड़ से ज्यादा हो सकती है, और 2025 की शुरुआत तक 1.2 मिलियन बच्चे गंभीर कुपोषण की चपेट में आ सकते हैं, जिससे उनका शारीरिक और मानसिक विकास हमेशा के लिए प्रभावित हो सकता है।
फ्लेचर ने बताया कि यह स्थिति तब बिगड़ी है जब विश्व स्तर पर यमन के लिए मानवीय मदद घटती जा रही है। साल 2024 के लिए UN ने 2.5 बिलियन डॉलर की मदद की अपील की थी, लेकिन मई तक सिर्फ 9% यानी 222 मिलियन डॉलर ही मिले हैं। यमन में 2014 से गृहयुद्ध चल रहा है, जब ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने राजधानी सना पर कब्जा कर लिया, और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार को सऊदी अरब भागना पड़ा। इसके बाद सऊदी के नेतृत्व में गठबंधन सेना ने हूतियों के खिलाफ सैन्य अभियान शुरू किया।
ग्वाटेमाला में भूकंप का कहर: अब तक 4 लोगों की मौत, कई इलाके मलबे में दबे
ग्वाटेमाला में मंगलवार से लगातार आए भूकंपों के बाद बुधवार को अधिकारियों ने चौथी मौत की पुष्टि की है। अब तक आए 150 से ज्यादा झटकों की तीव्रता 3.0 से लेकर 5.7 तक रही है। राष्ट्रपति बेर्नार्डो अरेवालो ने सोशल मीडिया पर बताया कि राजधानी से दक्षिण की ओर मलबे में दबी एक महिला और उसके पालतू कुत्ते का शव बरामद किया गया है। उन्होंने पीड़ितों के परिवारों के प्रति शोक व्यक्त किया और भूकंप के केंद्र के पास एक कस्बे का दौरा किया।
वॉलंटियर फायरफाइटर्स ने पुष्टि की है कि 13 साल के एक लड़के का शव भी साकाटेपेकेज विभाग से बरामद किया गया है। बाकी दो पुरुषों की मौत तब हुई जब वे एक ट्रक में यात्रा कर रहे थे और उन पर पत्थर गिर पड़े। यह हादसा एस्क्विन्टला विभाग में हुआ। भूकंपों से कई सड़कें भूस्खलन के कारण बंद हो गई हैं और दीवारें गिरने की भी खबरें हैं। राहत कार्य जारी है और अधिकारियों ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
टिकटॉक हटाने से इन्कार पर पाकिस्तान में बेटी की हत्या
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में बुधवार को एक व्यक्ति ने अपनी बेटी की गोली मारकर इसलिए हत्या कर दी क्योंकि उसने टिकटॉक से अकाउंट हटाने से इन्कार कर दिया था। यह घटना रावलपिंडी जिले के ढोक चौधरियां तख्त परी इलाके में घटी। पुलिस ने कहा, आरोपी ने अपनी बेटी को कई बार टिकटॉक अकाउंट हटाने के लिए कहा था। बेटी के इन्कार पर गोली मारने के बाद उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
ईरानी राजदूत बोले- पश्चिम एशिया की शांति में भारत की अहम भूमिका
भारत में ईरानी राजदूत- इराज इलाही ने भारत से पश्चिम एशिया में क्षेत्रीय शांति को बढ़ावा देने में अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की अपील की है। बुधवार को उन्होंने यह टिप्पणी 'अंतरात्मा की आवाजें: फलस्तीन के लिए एकजुटता सभा' नाम से आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान की। राजधानी दिल्ली में मौजूद राजदूत इलाही ने कहा, एक बड़े देश के रूप में भारत इस क्षेत्र की शांति और स्थिरता के लिए अधिक प्रभावी भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा, 'हमारा मानना है कि अमेरिका और इस्राइल की एक बड़ी रणनीति है। वे विभिन्न कार्यों और योजनाओं के माध्यम से इस क्षेत्र के मानचित्र को बदलने जा रहे हैं, लेकिन इस इलाके में कोई भी परिवर्तन पूरे क्षेत्र के हित में नहीं होगा।' इलाही ने कहा, सभी देशों के पास प्रभाव और क्षमता है और उन्हें इस क्षेत्र की शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करना चाहिए। उन्होंने चाबहार बंदरगाह का भी उल्लेख किया और कहा कि ये भारत और ईरान के बीच सहयोग वाली परियोजना है।
सीरिया में कुर्द लड़ाकों और सरकार के बीच मतभेद
सीरिया की सरकार और कुर्द लड़ाकों के बीच सेनाओं के विलय को लेकर मतभेद बरकरार हैं। तुर्किये में अमेरिकी राजदूत टॉम बैरक को सीरिया में भी विशेष दूत के रूप में नियुक्त किया गया है। उन्होंने कहा है कि सीरिया की केंद्रीय सरकार और कुर्दों के बीच लंबी बातचीत के बावजूद गतिरोध खत्म नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि वार्ता के बाद भी सेनाओं के विलय की योजना को लेकर मतभेद बने हुए हैं। उन्होंने कुर्द नेतृत्व वाली सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्सेज के प्रमुख मजलूम आब्दी और सीरिया के अंतरिम राष्ट्रपति अहमद अल-शरा के साथ बैठक के बाद यह बात कही। बता दें कि इसी साल मार्च में अमेरिका समर्थित कुर्द लड़ाकों के नेतृत्व वाली सीरियाई डेमोक्रेटिक फोर्सेस (SDF) और देश की सरकार के बीच ऐतिहासिक समझौते हुए थे। समझौते के तहत, एसडीएफ बलों का नई राष्ट्रीय सेना में विलय कर दिया जाएगा और वर्ष के अंत तक इसके लागू हो जाने की उम्मीद है। समझौता लागू होने के बाद इराक और तुर्किये से लगी सभी सीमा चौकियां, पूर्वोत्तर में हवाई अड्डे और तेल क्षेत्र भी केंद्र सरकार के नियंत्रण में आ जाएंगे। आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (IS) समूह के हजारों संदिग्ध सदस्यों को रखने वाले हिरासत केंद्र भी सरकार के नियंत्रण में आ जाएंगे। क्या एसडीएफ नई सेना में एक एकीकृत इकाई बनकर रहेगा या इसे भंग कर सदस्यों को व्यक्तिगत रूप से नई सेना में शामिल किया जाएगा? इस सवाल पर सीरिया की राजधानी दमिश्क में बैठकों के बाद बैरक ने कहा, यह प्रश्न दोनों पक्षों के बीच 'एक बड़ा मुद्दा' बना हुआ है।
रूस ने यूक्रेन पर किया हमला
रूस ने यूक्रेन की राजधानी पर गुरुवार रात को बड़ा मिसाइल और ड्रोन हमला किया। इससे शहर के कई इलाकों में आग लग गई और दो लोगों की मौत हो गई। कीव क्षेत्रीय प्रशासन के प्रमुख तैमूर तकाचेंको ने कहा कि इन लोगों की हत्या रूसियों ने की। यह एक बहुत बड़ी क्षति है। मेरी संवेदनाएं उनके परिवारों और प्रियजनों के साथ हैं। कम से कम 13 लोग घायल हुए हैं। वहीं पांच अन्य जिलों में आवासीय भवनों, कारों, गोदामों, कार्यालयों और अन्य गैर-आवासीय संरचनाओं में आग लग गई।
दक्षिण कोरिया के पूर्व राष्ट्रपति यून सुक योल गिरफ्तार, बगावत के मुकदमे में पहली बार सुनवाई से नदारद
दक्षिण कोरिया के पूर्व राष्ट्रपति यून सुक योल के खिलाफ चल रहे विद्रोह (बगावत) के मुकदमे में बड़ा मोड़ आया है। यून को सैन्य शासन लागू करने की नाकाम कोशिश के आरोप में तड़के गिरफ्तार किया गया, जिसके कुछ ही घंटों बाद गुरुवार को उनकी सुनवाई होनी थी। लेकिन पहली बार वे कोर्ट में पेश नहीं हुए। उनके वकीलों ने उनकी गैरहाजिरी की वजह स्वास्थ्य कारणों को बताया है।
यून की गिरफ्तारी गुरुवार तड़के करीब 3 बजे सियोल के पास स्थित यूईवांग के डिटेंशन सेंटर में की गई। गिरफ्तारी के कुछ ही घंटे बाद सियोल सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में सुनवाई होनी थी। लेकिन यून पेश नहीं हुए। कोर्ट की बेंच को उनके वकीलों ने एक लिखित पत्र दिया, जिसमें स्वास्थ्य संबंधी कारणों का हवाला देकर उपस्थिति से छूट मांगी गई। कोर्ट ने इसे पहली बार माना कि यून किसी सुनवाई में शामिल नहीं हुए हैं।
यून सुक योल पर आरोप है कि उन्होंने तीन दिसंबर को सिर्फ कुछ चुनिंदा मंत्रियों की मौजूदगी में आपातकाल की योजना बनाई थी और मार्शल लॉ (सैन्य शासन) लागू करने का प्रयास किया था। यह योजना नाकाम रही, लेकिन इसे सत्ता का दुरुपयोग और विद्रोह की साजिश माना जा रहा है। अगर यून दोषी पाए जाते हैं, तो उन्हें उम्रकैद या मौत की सजा तक हो सकती है।
अमेरिकी टैरिफ को लेकर विपक्ष ने श्रीलंकाई सरकार को घेरा
श्रीलंका के मुख्य विपक्षी दल ने सभी आयातों पर अमेरिका द्वारा लगाए गए 30 प्रतिशत टैरिफ को लेकर सरकार की आलोचना की और इसे खराब वार्ता का परिणाम बताया। मुख्य विपक्षी नेता सजीथ प्रेमदासा ने कहा कि 30 प्रतिशत की दर पर्याप्त नहीं है और यह खराब वार्ता की कीमत है जो हम चुका रहे हैं। श्रीलंका ने नये टैरिफ पर बातचीत के लिए अमेरिका से दो दौर की वार्ता की। अमेरिका की ओर से राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके को संबोधित पत्र में कहा गया है कि नया 30 प्रतिशत टैरिफ 1 अगस्त से लागू होगा।
अर्थशास्त्री तलाल रफी ने कहा कि 30 प्रतिशत की वृद्धि से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान होगा और उन्होंने कहा कि श्रीलंका को अमेरिकी निर्यात पर शुल्क कम करने पर सहमत होना चाहिए था। वियतनाम को केवल 20 प्रतिशत कर से छूट मिली है, क्योंकि वे अमेरिकी वस्तुओं पर शुल्क समाप्त करने पर सहमत हो गए हैं।
नाइजीरियाई सुरक्षा बलों ने 30 बंदूकधारियों को मार गिराया
नाइजीरिया में सुरक्षा बलों ने देश के अशांत उत्तर-पश्चिम क्षेत्र में सैकड़ों हथियारबंद लोगों द्वारा कई गांवों पर हमला करने के बाद सैन्य अभियान चलाया। इस दौरान सुरक्षा बलों ने 30 बंदूकधारियों को मार गिराया है। वहां के गृह मामलों के राज्य आयुक्त नासिर मुआज़ू ने एक बयान में इसकी जानकारी दी। मुआजू ने कहा कि मंगलवार शाम गांवों पर हमला करने वाले बंदूकधारियों के खिलाफ किए गए जवाबी हमले में तीन पुलिस अधिकारी और दो सैनिक मारे गए।