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World News: 58 साल बाद नोबेल विजेता लूतुली की मौत की जांच शुरू; हंगरी में LGBTQ परेड पर लगा प्रतिबंध

Mon, 14 Apr 2025 10:19 PM IST
नितिन गौतम वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
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दुनिया की बड़ी सुर्खियां - फोटो : अमर उजाला
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यमन में अमेरिका के हवाई हमले तेज हो गए हैं। हूती विद्रोहियों ने कहा कि यमन की राजधानी सना के पास अमेरिकी हवाई हमलों में छह लोगों की मौत हो गई और 30 लोग घायल हो गए। हूती स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि अब तक हुए हमलों में 120 से अधिक लोगों की मौत हो गई है। हूतियों द्वारा जारी वीडियो फुटेज में दमकलकर्मी भड़की आग पर पानी छिड़कते हुए दिखाई दिए। बचावकर्मियों ने घटनास्थल से एक व्यक्ति को बाहर निकाला। हूती विद्रोहियों ने दावा किया कि राजधानी सना के बानी मातर इलाके में एक सिरेमिक फैक्टरी पर हमला किया गया। 
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नोबेल साहित्य पुरस्कार विजेता मारियो वर्गास लोसा का निधन
नोबेल साहित्य पुरस्कार विजेता और लैटिन अमेरिकी साहित्य के दिग्गज रहे पेरू के लेखक मारियो वर्गास लोसा का 89 वर्ष की आयु में निधन हो गया।  उनके बच्चों अल्वारो, गोंजालो और मोर्गाना ने एक्स पर पोस्ट में लिखा कि हमें बहुत दुख के साथ सूचित करना पड़ रहा है कि हमारे पिता मारियो वर्गास लोसा का आज लीमा में अपने परिवार के बीच निधन हो गया। उनके अवशेषों का अंतिम संस्कार किया जाएगा और कोई सार्वजनिक समारोह नहीं होगा। परिजनों ने कहा कि उनके जाने से उनके रिश्तेदार, मित्र और दुनिया भर के पाठक दुखी होंगे। हम आशा करते हैं कि हमारी तरह उन्हें भी इस बात से सांत्वना मिलेगी कि उन्होंने एक लंबा, साहसिक और फलदायी जीवन जिया और अपने पीछे उन्होंने ऐसे कार्यों का भंडार छोड़ा है जो उनके जाने के बाद भी अमर रहेंगे।

वह द टाइम ऑफ़ द हीरो (ला स्यूदाद वाई लॉस पेरोस) और फीस्ट ऑफ़ द गोट जैसे प्रसिद्ध उपन्यासों के लेखक थे। उपन्यासकार और निबंधकार तथा असंख्य पुरस्कारों के विजेता वर्गास लोसा को कई वर्षों तक दावेदार माने जाने के बाद 2010 में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। वर्गास लोसा ने 1959 में अपनी कहानियों का पहला संग्रह द क्यूब्स एंड अदर स्टोरीज (लॉस जेफेस) प्रकाशित किया। लेकिन वे 1963 में अपने क्रांतिकारी पहले उपन्यास द टाइम ऑफ द हीरो के साथ साहित्यिक मंच पर छा गए, यह एक ऐसी किताब थी जो पेरू की सैन्य अकादमी में उनके अनुभवों पर आधारित थी और जिसने देश की सेना को नाराज कर दिया था।
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इस्राइली सेना ने हमास के नईम मूसा को ढेर किया
इस्राइली रक्षा बल (आईडीएफ) ने हमास के लड़ाके आबिद अल्लाह नईम हदहुद मूसा को मार गिराने का दावा किया है। मूसा हमास के स्नाइपर दस्ते के उप प्रमुख के रूप में काम करता था। नईम को आईडीएफ ने गाजा पट्टी के डेर अल-बलाह क्षेत्र में उस वक्त निशाना बनाया, जब वह अपनी कार से जा रहा था। हमास की तरफ से फिलहाल अभी कोई टिप्पणी नहीं आई है।

ईरान के सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत में आठ पाकिस्तानी मजदूरों की हत्या
ईरान के सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत में बलूच अलगाववादियों के हमले में आठ पाकिस्तानी मजदूरों की मौत हो गई। प्रतिबंधित बलूचिस्तान नेशनल आर्मी (बीएनए) के प्रवक्ता ने मीडिया में एक बयान जारी कर आठ पाकिस्तानियों की हत्या की जिम्मेदारी ली है। पाकिस्तानी अंग्रेजी दैनिक डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, वारदात शनिवार को मेहरिस्तान जिले के एक गांव में हुई। ईरानी अधिकारियों ने बताया कि मारे गए मजदूर दक्षिणी पंजाब के बहावलपुर के रहने वाले थे। वे कार मरम्मत की एक दुकान में काम करते थे और वहीं रहते थे। अज्ञात हथियारबंद लोग रात में दुकान में घुसे व मजदूरों के हाथ-पैर बांध दिए। इसके बाद उन्होंने अंधाधुंध गोलीबारी करके उनकी हत्या कर दी और फरार हो गए। ईरानी पुलिस मामले की जांच कर रही है। सिस्तान बलूचिस्तान में पाकिस्तानी मजदूरों पर हमले की यह दूसरी घटना है। पिछले साल जनवरी में हथियारबंद लोगों ने सरवन शहर में नौ पाकिस्तानियों की हत्या कर दी थी, जो ईरान में मोटर मैकेनिक के तौर पर काम करते थे। पाकिस्तान व ईरान के स्थानीय समूह बलूचिस्तान को अलग करने की मांग को लेकर दशकों से सशस्त्र संघर्ष कर रहे हैं। वे सरकार पर अपने समुदाय के उत्पीड़न करने तथा संसाधनों का दोहन कर क्षेत्र की उपेक्षा करने का आरोप लगाते हैं

हंगरी के विपक्षी नेता ने कहा – सत्ता में आए तो देश को फिर से पश्चिमी देशों का भरोसेमंद साथी बनाएंगे 
हंगरी के सबसे बड़े विपक्षी दल सम्मान और स्वतंत्रता पार्टी (टिस्जा) के नेता पीटर मग्यार ने रविवार को राजधानी बुडापेस्ट में एक बड़ी रैली को संबोधित किया। उन्होंने अपने समर्थकों से वादा किया कि अगर वे अगले साल होने वाले चुनावों में प्रधानमंत्री विक्टर ओरबान को हराने में सफल होते हैं, तो हंगरी को उसकी अंतरराष्ट्रीय अलगाव की स्थिति से बाहर निकाल लेंगे। पीटर मजार ने कहा कि उनका मकसद हंगरी को फिर से यूरोपीय संघ (ईयू) और नाटो जैसे संगठनों का  भरोसेमंद सदस्य बनाना है। उन्होंने कहा, 'हम आखिरकार अपने साझा मामलों को व्यवस्थित करेंगे। हमारा देश हंगरी एक बार फिर विश्वसनीय साथी बनेगा।' 

कौन हैं पीटर मजार?
पीटर मजार, हाल ही में बनी विपक्षी पार्टी टिस्जा के नेता हैं और विक्टर ओरबान की सत्ता के लिए अब तक की सबसे गंभीर चुनौती माने जा रहे हैं। ओरबान साल 2010 से सत्ता में हैं और उनकी फिडेस्ज पार्टी ने अब तक हर चुनाव में विपक्ष को हराया है। लेकिन हाल के सर्वेक्षणों में यह सामने आया है कि टिस्जा पार्टी अब फिडेस्ज से ज्यादा लोकप्रिय हो चुकी है। देश की कमजोर होती अर्थव्यवस्था, लगातार महंगाई, स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली और सरकारी भ्रष्टाचार के आरोप इसकी एक बड़ी वजह है।

ओमान के विदेश मंत्री से जयशंकर ने फोन पर की बात, पश्चिम एशिया की स्थिति पर चर्चा
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने रविवार को ओमान के विदेश मंत्री बद्र अलबुसैदी के साथ फोन पर बातचीत की। इस दौरान दोनों नेताओं ने प्रमुख रूप से पश्चिम एशिया की स्थिति पर चर्चा की। जयशंकर ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, आज ओमान के विदेश मंत्री बद्र अलबुसैदी के साथ फोन पर बातचीत की सराहना करता हूं। हमने हाल के क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर चर्चा की। सूत्रों के अनुसार, जयशंकर और अलबुसैदी ने गाजा की स्थिति पर भी विचार-विमर्श किया। यह बातचीत पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव और बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्य के बीच हुई है। दोनों नेताओं के बीच यह संवाद क्षेत्र में शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए भारत और ओमान के बीच सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

नासा ने अंतरिक्ष से दिखाई भारत की विहंगम छवि, रोशनी से जगमग दिखा देश
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने पृथ्वी की रात के समय ली गई चार विहंगम तस्वीरें रविवार को जारी की। इसमें एक तस्वीर भारत की है जिसमें एक ओर तारों से चमकता आसमान है तो दूसरी ओर बिजली की रोशनी से धरती पर मकड़ी के जाले जैसी खूबसूरत आकृति बनती दिख रही है। अंतरिक्ष से ली गई इन तस्वीरों को सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया है। अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के खाते से किए गए पोस्ट में लिखा गया है, जब आप ऊपर तारे, नीचे शहर की रोशनी और पृथ्वी के क्षितिज पर छाई वायुमंडलीय चमक देखते हैं। पोस्ट में पहली तस्वीर मध्यपश्चिम अमेरिका, दूसरी भारत, तीसरी दक्षिण पूर्व एशिया और चौथी कनाडा की है। अमेरिकी तस्वीर में बादलों से आच्छादित नजारा दिख रहा है जबकि दक्षिणपूर्व एशिया में तटीय व अंदरुनी के रंग दिखाई दे रहे हैं। इसी तरह कनाडा की तस्वीर में रात का चमकीला दृश्य है, जिसमें हल्के हरे रंग की ध्रुवीय ज्योति और पृथ्वी की कोमल वक्रता झलकती है। सोशल मीडिया पर इन तस्वीरों को जमकर साझा किया जा रहा है।

गैबॉन के राष्ट्रपति चुनाव में सैन्य नेता ब्राइस ओलिगुई न्गुएमा की जीत
गैबॉन के राष्ट्रपति चुनाव में सैन्य नेता ब्राइस ओलिगुई न्गुएमा की जीत हुई है। उनको चुनाव में 90 फीसदी वोट मिले हैं। न्गुएमा ने कहा कि गैबॉन के लोगों की गरिमा को बहाल करेंगे। मैं लोगों को वही लौटाऊंगा जो उन्होंने आज मुझे दिया है। लोगों से जो चुराया गया है, मैं उनको लौटाना चाहता हूं। 

मलेशिया के पूर्व पीएम अब्दुल्ला अहमद बदावी का निधन

मलेशिया के पूर्व पीएम अब्दुल्ला अहमद बदावी का 85 साल की उम्र में निधन हो गया है। बदावी उम्र संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे और उनका कुआलालंपुर के अस्पताल में इलाज चल रहा था। इलाज के दौरान ही उनका देहांत हो गया। 

6 मई को जर्मनी नए चांसलर के नाम का हो सकता है एलान

जर्मनी की संसद अगले महीने अपने नए नेता का चुनाव कर सकती है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जर्मनी की संसद के निचले सदन की स्पीकर ने अगले महीने की शुरुआत में सत्र बुलाया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, 6 मई को जर्मनी की राजनीतिक पार्टियां गठबंधन के नेता का चुनाव कर सकती हैं। फ्रेडरिक मर्ज जर्मनी के नए चांसलर बन सकते हैं। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद मर्ज जर्मनी के 10वें चांसलर होंगे, जो ओलाफ शोल्ज की जगह लेंगे। 
 

58 साल बाद नोबेल विजेता लूतुली की मौत की जांच शुरू

दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद के समय नोबेल शांति पुरस्कार विजेता अल्बर्ट लूतुली की मौत की जांच 58 साल बाद फिर से शुरू की गई। अभियोजकों के अनुसार, 1967 में तत्कालीन सरकार ने दावा किया था कि उनकी मृत्यु दुर्घटनावश तब हुई। उस दौरान एक ट्रेन ने उन्हें टक्कर मार दी थी। उस समय लूतुली अफ्रीकन नेशनल कांग्रेस (एएनसी) के नेता थे। 1994 में रंगभेद शासन के अंत के बाद इसने दक्षिण अफ्रीका में सरकार बनाई थी। दक्षिण अफ्रीका की मौजूदा सरकार ने रंगभेद-युग के मामलों को फिर से खोलने का फैसला किया है। लूतुली के अलावा रंगभेद-विरोधी कार्यकर्ता और वकील ग्रिफिथ्स मैक्सेंज की 1981 में डरबन में हुई हत्या और 1985 में सुरक्षा बलों की ओर से मारे गए क्रैडॉक फोर कार्यकर्ताओं की मौत की जांच भी हो रही है। गौरतलब है कि लूतुली की मौत के बाद उनके परिवार और अन्य लोगों ने जांच के निष्कर्षों पर सवाल उठाए थे और स्वतंत्र जांच की मांग की थी।
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हंगरी में एलजीबीटीक्यू पर लगा प्रतिबंध

हंगरी में एक बड़ा बदलाव हुआ है। दरअसल वहां संविधान में संशोधन कर एलजीबीटीक्यू समुदाय के सार्वजनिक कार्यक्रमों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह एलजीबीटीक्यू अधिकारों के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। संशोधन में एलजीबीटीक्यू+ समुदायों के सार्वजनिक आयोजनों पर प्रतिबंध को कानूनी रूप दे दिया गया है। इसमें राजधानी बुडापेस्ट में हर साल आयोजित होने लोकप्रिय प्राइड इवेंट भी शामिल है। इसमें हजारों लोग भाग लेते हैं। कानूनी विशेषज्ञों और आलोचकों ने इस फैसले को सरकार की तानाशाही करार दिया है। इस संशोधन को सत्तारूढ़ गठबंधन की प्रस्तावित किया गया था। इसका नेतृत्व प्रधानमंत्री विक्टर ओरबान करते हैं। आलोचकों का आरोप है कि ओरबान अपने 15 साल के शासन में तेजी से निरंकुश रणनीतियां अपना रहे हैं। संशोधन को पार्टी लाइन के साथ 140 मतों का समर्थन मिला, जबकि 21 मत विरोध में पड़े।
 
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