पूरे पश्चिम एशिया क्षेत्र की स्थिरता और सुरक्षा पर ईरान का फोकस: राजदूत इलाही
सीरिया में राष्ट्रपति बशर अल-असद की सरकार के पतन के बाद भारत में ईरान के राजदूत ईराज इलाही ने बुधवार को कहा कि अभी सीरिया की मौजूदा स्थिति में किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। उन्होंने यह भी कहा कि तेहरान का फोकस सीरिया या ईरान की सुरक्षा पर नहीं बल्कि, पूरे (पश्चिम एशिया) क्षेत्र की स्थिरता और सुरक्षा पर है।
ईरानी खाद्य महोत्सव के दौरान राजदूत इलाही ने भारत और ईरान के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एक नए युग की शुरुआत हो रही है। राजदूत ने यह स्पष्ट किया कि सीरिया में हो रही घटनाओं को लेकर ईरान का मुख्य उद्देश्य सिर्फ उस देश की स्थिति नहीं, बल्कि पूरे पश्चिम एशिया और आसपास के क्षेत्रों की स्थिरता बनाए रखना है। उन्होंने कहा कि किसी भी समस्या का हल सिर्फ उस विशेष देश तक सीमित नहीं हो सकता, बल्कि इसका प्रभाव पूरे क्षेत्र पर पड़ता है।
पीएम मोदी- जिनपिंग की मुलाकात दोनों के संबंधों में नई शुरुआत का संकेत: लियू जियानचाओ
चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) के एक वरिष्ठ मंत्री ने कहा है कि अक्टूबर में रूस में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच हुई सफल बैठक भारत-चीन संबंधों में ‘नई शुरुआत’ का संकेत है। सीपीसी के अंतरराष्ट्रीय विभाग के मंत्री लियू जियानचाओ रूस के कजान में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के इतर मोदी व चिनफिंग के बीच हुई बैठक का जिक्र कर रहे थे। सरकारी मीडिया ने बुधवार को खबर दी कि उन्होंने यह टिप्पणी चीन में भारतीय राजदूत प्रदीप कुमार रावत के साथ बातचीत में की।
उन्होंने कहा कि चीन-भारत संबंधों की फिर से शुरुआत करना दोनों देशों के 2.8 अरब लोगों के मौलिक हितों को पूरा करता है और यह ‘ग्लोबल साउथ’ की आम अपेक्षाओं के अनुरूप है तथा इतिहास की सही दिशा के अनुरूप भी है। लियू ने कहा कि चीन की इच्छा भारत में सभी राजनीतिक दलों के साथ मैत्रीपूर्ण आदान-प्रदान को मजबूत करने, दोनों देशों के नेताओं में अहम मुद्दों पर बनी सहमति को संयुक्त रूप से लागू करने और द्विपक्षीय संबंधों को स्थिर एवं स्वस्थ विकास पथ पर शीघ्र वापस लाने को बढ़ावा देने की है।