चीन ने रविवार को पाकिस्तान का एक रिमोट सेंसिंग सैटेलाइट और अपने दो उपग्रहों को एक साथ अंतरिक्ष में लॉन्च किया। यह प्रक्षेपण उत्तर-पश्चिम चीन के एक वाणिज्यिक एयरोस्पेस इनोवेशन पायलट जोन से लिजियान-1 वाई8 रॉकेट के जरिए किया गया।
इस रॉकेट के साथ पाकिस्तान रिमोट सेंसिंग सैटेलाइट (पीआरएसएस-2), एयरसैट 03 और एयरसैट 04 उपग्रहों को भेजा गया। लॉन्च के बाद तीनों सैटेलाइट्स सफलतापूर्वक तय कक्षा में स्थापित हो गए। यह इस साल पाकिस्तान का तीसरा सैटेलाइट है जिसे चीन ने अंतरिक्ष में भेजा है। इससे पहले जुलाई में पीआरएसएस -1 और जनवरी में पीआरएससी-ई01 सैटेलाइट लॉन्च किए गए थे। चीन पिछले कुछ वर्षों से पाकिस्तान को अंतरिक्ष तकनीक में मदद कर रहा है। 2024 में भी चीन ने पाकिस्तान के लिए एक मल्टी-मिशन कम्युनिकेशन सैटेलाइट लॉन्च किया था। 2018 में भी चीन ने पाकिस्तान के दो उपग्रह- पीआरएसएस-1 और पाक टीईएस-1ए - अंतरिक्ष में भेजे थे। इस कदम से दोनों देशों के बीच अंतरिक्ष क्षेत्र में सहयोग और मजबूत हुआ है।
जहाज पर हमले में बचे लोगों को इक्वाडोर-कोलंबिया भेजेगा अमेरिका
बीते दिनों कैरिबियन में एक संदिग्ध मादक पदार्थ ले जाने वाले जहाज पर अमेरिकी सेना ने हमला किया था। इसमें दो लोग जिंदा बच गए। इन लोगों पर कार्रवाई के संबंध में अमेरिकी अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर शनिवार को बताया कि सैन्य हमले में जीवित बचे दो लोगों को उनके गृह देश इक्वाडोर और कोलंबिया भेजा जाएगा। बता दें कि सेना ने गुरुवार को एक पनडुब्बी जहाज पर हमला कर दोनों को बचा लिया। यह सितंबर से अब तक छठा ऐसा हमला था।
अमेरिका में ट्रंप विरोधी 'नो किंग्स' प्रदर्शन, रिपब्लिकन ने बताया देश के प्रति नफरत...
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व के खिलाफ अमेरिका के कई शहरों में नो किंग्स (No Kings) प्रदर्शन हुए। शनिवार को वाशिंगटन डीसी सहित कई शहरों में प्रदर्शन पर भड़की ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी ने इसे देश के खिलाफ नफरत फैलाने वाली रैलियां करार दिया है। प्रशासन की नीतियों से आक्रोशित प्रदर्शनकारियों के हाथों में
विरोध प्रदर्शन से अधिक देशभक्ति अन्य नहीं और
फासिज्म का विरोध करें जैसे नारे वाले पोस्टर देखे गए। ओरेगन के पोर्टलैंड से प्रेरित मेंढक की पोशाक पहने प्रदर्शनकारियों ने अपने अनोखे अंदाज से लोगों का ध्यान खींचा। इसके अलावा न्यूयॉर्क, बोस्टन और शिकागो की सड़कों पर भी प्रदर्शन हुए। बता दें कि ट्रंप की सत्ता में वापसी के बाद यह तीसरा बड़ा जनआंदोलन है। अमेरिका में सरकारी शटडाउन के बीच हो रहे विरोध-प्रदर्शन के कारण तनाव बढ़ रहा है। देश की कई संघीय सेवाएं ठप हैं। कार्यपालिका, अमेरिकी कांग्रेस और न्यायपालिका के बीच शक्ति संतुलन पर भी बहस हो रही है। इसी बीच राष्ट्रपति ट्रंप ने फॉक्स न्यूज को दिए एक साक्षात्कार में कहा, 'वे मुझे राजा कहते हैं, लेकिन मैं कोई राजा नहीं हूं।' रैलियों के आयोजकों के मुताबिक यह विरोध अमेरिका में अधिनायकवाद के बढ़ते खतरे के खिलाफ जनता को एकजुट करने का प्रयास है।
डोनाल्ड ट्रंप और वोलोदिमीर जेलेंस्की (फाइल)
- फोटो : PTI
ट्रंप और जेलेंस्की की बैठक के बावजूद टॉमहॉक मिसाइलों पर फैसले में देरी, यूक्रेन की जनता में निराशा
यूक्रेन के लोगों ने शनिवार को इस बात पर निराशा जताई कि राष्ट्रपति जेलेंस्की और अमेरिकी समकक्ष ट्रंप की बैठक के बावजूद अमेरिका की ओर से लंबी दूरी तक मार करने की क्षमता वाली टॉमहॉक मिसाइलों की आपूर्ति नहीं की जा रही है। शुक्रवार को व्हाइट हाउस में दोनों की बैठक के बाद भी यूक्रेन को फिलहाल कोई ठोस सहायता नहीं मिली है। अब लोगों को लॉन्ग-रेंज टॉमहॉक मिसाइलें मिलने की संभावना धुंधली लगने लगी है। दरअसल, ट्रंप ने पहले संकेत दिए थे कि अमेरिका यूक्रेन को ये मिसाइलें देने पर विचार कर सकता है, जिससे रूस पर वार्ता के लिए दबाव बनाने में मदद मिलेगी। हालांकि, जेलेंस्की खाली हाथ लौटे। निराश दिख रहे एक यूक्रेनी सैनिक रोमन विन्येचेंको ने कहा, यह 'राजनीतिक खेल' है और यूक्रेन को टॉमहॉक मिसाइलें नहीं मिलेंगी। उन्होंने कहा कि रूस के लगातार ड्रोन और मिसाइल हमलों के बीच यूक्रेन में अत्याधुनिक हथियारों की जरूरत है। इसी बीच रूस ने शुक्रवार रात यूक्रेन के ठिकानों को निशाना बनाकर 164 ड्रोन लॉन्च किए। इसके अलावा 3 मिसाइलें भी दागीं। यूक्रेन के मुताबिक 136 ड्रोन मार गिराए गए। बता दें कि दोनों देशों के बीच संघर्ष फरवरी 2022 में रूस के आक्रमण के बाद शुरू हुआ था। बीते 44 महीने से जारी टकराव के कारण 10 लाख से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। ट्रंप दोनों देशों के बीच संधि कराने के प्रयास कर रहे हैं। पुतिन से हुई बातचीत के बाद दोनों नेता बुडापेस्ट में मुलाकात की योजना बना रहे हैं। इससे शांति वार्ता की उम्मीदें फिर जगी हैं। हालांकि यूक्रेनवासी इसे संदेह की नजर से देख रहे हैं।
भौतिकी के नोबेल विजेता यांग नहीं रहे
प्रसिद्ध चीनी भौतिक विज्ञानी और नोबेल पुरस्कार विजेता चेन निंग यांग का शनिवार को बीजिंग में 103 वर्ष की आयु में निधन हो गया। 1922 में जन्मे यांग 1940 के दशक में अकादमिक अध्ययन के लिए अमेरिका गए और शिक्षण पदों पर रहे। उन्हें 1957 में भौतिकी का नोबेल मिला। 1954 में, उन्होंने भौतिक विज्ञानी रॉबर्ट मिल्स संग मिलकर समीकरणों का एक समूह तैयार किया, जो भौतिकी के लिए आइंस्टीन के सापेक्षता के सिद्धांत जितना ही अहम साबित हुआ।
मोजाम्बिक में नौका डूबने से तीन भारतीयों की मौत
मोजाम्बिक के बेरा बंदरगाह के पास एक लॉन्च नौका पलटने से 3 भारतीय नागरिकों की मौत हो गई है और 5 अन्य लापता बताए गए हैं। यह हादसा उस समय हुआ जब एक तेल टैंकर के चालक दल के सदस्यों को एक नौका द्वारा जहाज में स्थानांतरित किया जा रहा था। भारतीय उच्चायोग ने जानकारी दी है कि हादसे के वक्त नौका में कुल 14 भारतीय नागरिक सवार थे। नौका किन हालात में पलटी, इस पर अभी तक स्पष्टता नहीं है।
ब्रिटिश-सिख महिला से दुष्कर्म, दो गिरफ्तार
इंग्लैंड के वेस्ट मिडलैंड्स क्षेत्र स्थित ओल्डबरी शहर में एक ब्रिटिश सिख महिला के साथ नस्ली रूप से दुष्कर्म के संदेह में दो लोगों, एक पुरुष और एक महिला को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने कहा, ये गिरफ्तारियां उसी काउंटी के हेल्सोवेन में बृहस्पतिवार रात एक महिला के साथ हुए दूसरे दुष्कर्म के सिलसिले में की गई हैं। इनके अलावा ऐसी ही एक अन्य घटना में एक महिला व एक पुरुष संदिग्ध को गिरफ्तार किया गया।
यूनान ने सिनवार समर्थकों के प्रदर्शन पर लगाई रोक
तेल अवीव। यूनान (ग्रीस) की पुलिस ने राजधानी एथेंस में हमास के पूर्व नेता याह्या सिनवार की स्मृति में आहूत प्रदर्शन पर प्रतिबंध लगा दिया। यह कार्यक्रम शुक्रवार की रात एथेंस के सिंटाग्मा स्क्वायर में ग्रीक संसद और अज्ञात सैनिक स्मारक के सामने आयोजित होने वाला था, जिसे ही इसका पता चला सोशल मीडिया में हंगामा मच गया। इसके बाद, पुलिस ने तुरंत हस्तक्षेप कर गैदर फॉर गाजा और स्टैंड विद फिलस्तीन की ओर से आयोजित होने वाले कार्यक्रम पर प्रतिबंध लगा दिया।
हैती के पूर्व सुरक्षा प्रमुख पर संयुक्त राष्ट्र व अमेरिका ने लगाया प्रतिबंध
अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र ने हैती के राष्ट्रपति रहे जोवेनेल मोइज के पूर्व सुरक्षा प्रमुख दिमित्री हेरार्ड और बेल एयर गिरोह के सरगना केम्पेस सनोन पर प्रतिबंध लगा दिया है। आपराधिक गतिविधियों में उनकी भूमिका का पता चलने के बाद शुक्रवार को यह कदम उठाया गया। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने कहा कि इन दोनों ने आपराधिक गिरोहों के एक गठबंधन का समर्थन किया था, जिसे ट्रंप प्रशासन ने इस साल की शुरुआत में एक आतंकवादी संगठन घोषित किया था।
फरार एथलीटों के लिए इंटरपोल रेड नोटिस जारी करेगा श्रीलंका
श्रीलंका उन एथलीटों की गिरफ्तारी के लिए इंटरपोल रेड नोटिस जारी करेगा, जो 2022 राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान बर्मिंघम से भाग गए थे और देश नहीं लौटे। कोलंबो के मुख्य मजिस्ट्रेट कोर्ट को शुक्रवार को यह जानकारी दी गई। कोर्ट ने ब्रिटेन में अवैध रूप से रह रहे 10 एथलीटों पर यात्रा प्रतिबंध लगाया है। श्रीलंका के खेल मंत्रालय की अपराध निवारण यूनिट ने कोर्ट को बताया कि इन एथलीटों के कारण सरकार को लगभग पांच करोड़ श्रीलंकाई रुपये का वित्तीय नुकसान हुआ।
अमेरिका का दावा- फलस्तीनी नागरिकों पर हमले की योजना बना रहा हमास
पश्चिम एशिया में दो साल से अधिक समय से जारी हिंसक संघर्ष के बीच अमेरिकी विदेश विभाग ने चौंकाने वाला दावा किया है। अमेरिका के मुताबिक उसके पास इस बात की पुख्ता सूचना है कि हमास गाजा में फलस्तीनी नागरिकों पर हमला करके संघर्ष विराम का उल्लंघन कर सकता है। अमेरिका ने चेतावनी भरे लहजे में कहा है कि अगर हमास की तरफ से हमला होता है तो यह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पहल पर कराए गए समझौते का 'प्रत्यक्ष और गंभीर उल्लंघन होगा।' अमेरिका इसे रोकने के लिए कदम उठाएगा।
मोरक्को के जेन-जी प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा में सुधार की मांग की, पीएम को हटाने की मांग
उत्तरी अफ्रीकी देश मोरक्को में युवाओं ने भ्रष्टाचार, कमजोर स्वास्थ्य व शिक्षा प्रणाली के खिलाफ फिर प्रदर्शन करते हुए सरकार से प्रधानमंत्री अजीज अखन्नूश को हटाने की मांग की। उन्होंने दिसंबर में होने वाले अफ्रीका कप ऑफ नेशंस और नए स्टेडियमों के बहिष्कार का आह्वान किया। प्रदर्शनकारियों ने नारा लगाया, “स्टेडियम बन गए, अस्पताल कहां हैं?” उनका कहना है कि सरकार खेल ढांचे पर खर्च बढ़ा रही है जबकि जनता की बुनियादी जरूरतें अधूरी हैं। कासाब्लांका और टंगेर समेत कई शहरों में हुए ये प्रदर्शन किंग मोहम्मद VI के भाषण के बाद हुए, जिसमें उन्होंने विरोधों पर सीधी टिप्पणी नहीं की।
ड्रोन की अफवाह के बाद म्यूनिख एयरपोर्ट बंद, फिर खुला
जर्मनी के म्यूनिख हवाई अड्डे को शनिवार रात ड्रोन की सूचना के बाद अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया। इस मामले में जानकारी साझा करते हुए फेडरल पुलिस ने बताया कि, यह हवाई अड्डा आधी रात से पहले फिर से खुल गया। वहीं हवाई अड्डे की तरफ से बताया गया कि रविवार सुबह हवाई यातायात सामान्य रूप से चल रहा था।
हवाई अड्डे ने बताया कि सुरक्षा अधिकारियों और हवाई अड्डे के कर्मचारियों, संघीय पुलिस और हवाई अड्डे सहित कई लोगों ने संदिग्ध गतिविधियों की सूचना दी थी। जो शनिवार रात स्थानीय समयानुसार दो बार आधे-आधे घंटे के लिए लगभग 10 बजे और फिर 11 बजे देखे गए। हवाई अड्डे ने रविवार को कहा कि उड़ानों और यात्रियों पर इसका प्रभाव मामूली था। तीन उड़ानों का मार्ग परिवर्तित किया गया, जिनमें से दो बाद में म्यूनिख में उतरने में सफल रहीं - और एक उड़ान रद्द कर दी गई। इस मामले में पुलिस ने कहा कि उन्हें क्षेत्र में कोई ड्रोन या संदिग्ध व्यक्ति नहीं मिला। यूरोपीय संघ के सदस्य देशों के हवाई क्षेत्र में रहस्यमयी ड्रोन के उड़ान भरने के बाद यह बंद किया जाना नवीनतम घटना है। इस महीने की शुरुआत में, ड्रोन देखे जाने के बाद म्यूनिख हवाई अड्डा 24 घंटे में दो बार बंद कर दिया गया था।
चोरी के बाद लूवर संग्रहालय बंद
फ्रांस की संस्कृति मंत्री ने बताया कि रविवार को लूवर संग्रहालय में चोरी हुई। अधिकारियों की तरफ से जांच के दौरान संग्रहालय को दिन भर के लिए बंद कर दिया गया। रचिदा दाती ने एक्स पर लिखा, 'आज सुबह लूवर संग्रहालय के उद्घाटन के समय एक डकैती हुई।' लूवर ने कहा कि संग्रहालय असाधारण कारणों से बंद रहेगा, हालांकि उन्होंने इस डकैती के बारे में कोई और जानकारी नहीं दी। किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। वहीं दाती ने कहा कि वह घटनास्थल पर मौजूद हैं और जांच चल रही है।
फ्रांसीसी दैनिक ले पेरिसियन ने बताया कि अपराधी दुनिया के सबसे ज्यादा देखे जाने वाले संग्रहालय और पूर्व महल में सीन की ओर मुख वाले हिस्से से घुसे, जहां निर्माण कार्य चल रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि उन्होंने अपोलो गैलरी के लक्षित कमरे तक सीधे पहुंचने के लिए एक मालवाहक लिफ्ट का इस्तेमाल किया। ले पेरिसियन ने कहा कि खिड़कियां तोड़ने के बाद, उन्होंने कथित तौर पर 'नेपोलियन और महारानी के आभूषण संग्रह से नौ आभूषण चुरा लिए।'
लूवर में चोरी और डकैती के प्रयासों का एक लंबा इतिहास रहा है। सबसे प्रसिद्ध घटना 1911 में हुई, जब मोना लिसा अपने फ्रेम से गायब हो गई थी और विन्सेन्जो पेरुग्गिया नाम के एक पूर्व कर्मचारी ने उसे चुरा लिया था। वह संग्रहालय के अंदर छिप गया और पेंटिंग को अपने कोट के नीचे छिपाकर बाहर निकल गया। दो साल बाद इसे फ्लोरेंस में बरामद किया गया - एक ऐसी घटना जिसने लियोनार्डो दा विंची के चित्र को दुनिया की सबसे प्रसिद्ध कलाकृति बनाने में मदद की।
1983 में, लूवर से पुनर्जागरण काल के दो कवच चोरी हो गए और लगभग चार दशक बाद ही बरामद हुए। संग्रहालय के संग्रह में नेपोलियन काल की लूट की विरासत भी मौजूद है, जो आज भी क्षतिपूर्ति पर बहस को जन्म देती है। लूवर में प्राचीन वस्तुओं, मूर्तिकला और चित्रकला से जुड़ी 33,000 से ज्यादा कृतियां हैं - मेसोपोटामिया, मिस्र और शास्त्रीय दुनिया से लेकर यूरोपीय कलाकारों तक। इसके प्रमुख आकर्षणों में मोना लिसा, वीनस डी मिलो और समोथ्रेस की पंखों वाली विजय शामिल हैं। गैलेरी डी'अपोलोन, जहां रविवार को कथित तौर पर चोरी हुई थी, में फ्रांसीसी राजमुकुट के आभूषणों का संग्रह प्रदर्शित है। इस संग्रहालय में प्रतिदिन 30,000 तक आगंतुक आ सकते हैं।
तूफान ने फिलीपींस में मचाई तबाही, एक की मौत; हजारों लोग बेघर
उत्तरी और मध्य फिलीपींस में रविवार को आए एक उष्णकटिबंधीय तूफान ने भारी तबाही मचाई। इसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और 22 हजार से ज्यादा लोगों को बाढ़ और भूस्खलन की आशंका वाले गांवों से सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया। तूफान का नाम फेंगशेन (स्थानीय नाम: रामिल) है। यह रविवार दोपहर के समय मनीला की खाड़ी के ऊपर था और इसकी रफ्तार 65 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई थी, जबकि झोंकों की गति 90 किलोमीटर प्रति घंटा तक दर्ज की गई। मौसम विभाग ने कहा कि यह तूफान रविवार रात को मुख्य फिलीपींस क्षेत्र लुजोन से दूर चला जाएगा। शनिवार को कैपिज प्रांत के रोक्सास सिटी में एक ग्रामीण की डूबने से मौत हो गई। यहां कई गांवों में बाढ़ का पानी बढ़ गया था, जिसे समुद्र की ज्वार ने और भी गंभीर बना दिया।
कतर का दावा- अफगानिस्तान और पाकिस्तान तत्काल युद्धविराम पर सहमत हुए
अफगानिस्तान और पाकिस्तान तत्काल युद्धविराम पर सहमत हो गए हैं। कतर के विदेश मंत्रालय ने रविवार को यह दावा किया है। यह एक हफ्ते से भी अधिक समय से चल रही लड़ाई के बाद हुआ है। इस संघर्ष में दर्जनों लोग मारे गए हैं और सैकड़ों घायल हुए हैं। इस संकट को सुलझाने के लिए अफ़ग़ानिस्तान और पाकिस्तान के प्रतिनिधिमंडल बातचीत के लिए दोहा में थे। इस बातचीत की मध्यस्थता कतर और तुर्किये ने की थी। दोनों सरकारों ने वार्ता का नेतृत्व करने के लिए अपने रक्षा मंत्रियों को भेजा था, जिसके बारे में पाकिस्तान ने कहा कि वार्ता 'अफगानिस्तान से उत्पन्न सीमा पार आतंकवाद को समाप्त करने और सीमा पर शांति और स्थिरता बहाल करने के लिए तत्काल उपायों' पर केंद्रित होगी।
यूरोप के 20 देशों ने अवैध अफगानियों को वापस भेजने के लिए उठाई आवाज
यूरोप के 20 देश यूरोपीय संघ आयोग पर अवैध रूप से रह रहे अफगानियों को वापस भेजने के लिए दबाव बना रहे हैं। आंतरिक मामलों और प्रवासन के आयुक्त मैग्नस ब्रूनर को संबोधित एक पत्र में 20 यूरोपीय देशों ने कहा कि वह उन अफगान नागरिकों को वापस भेजने के तरीके खोजें जो यूरोप में अवैध रूप से रह रहे हैं। इसमें स्वैच्छिक व बलपूर्वक तरीके शामिल हो सकते हैं। बेल्जियम की प्रवासन मंत्री एनेलीन वान बोसुयट के नेतृत्व वाली इस पहल को नॉर्वे व यूरोपीय संघ के 18 अन्य देशों का समर्थन प्राप्त है। इनमें ऑस्ट्रिया, बुल्गारिया, साइप्रस, चेक गणराज्य, एस्टोनिया, फिनलैंड, जर्मनी, ग्रीस, हंगरी, आयरलैंड, इटली, लिथुआनिया, लक्जमबर्ग, माल्टा, नीदरलैंड, पोलैंड, स्लोवाकिया और स्वीडन शामिल हैं।
यमन: हूती विद्रोहियों ने संयुक्त राष्ट्र के 20 कर्मियों को हिरासत में लिया
ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने रविवार को यमन की राजधानी सना में संयुक्त राष्ट्र (यूएन) के एक दफ्तर पर छापा मारकर 20 यूएन कर्मचारियों को हिरासत में ले लिया। इससे एक दिन पहले भी विद्रोहियों ने यूएन की एक अन्य केंद्र पर छापा मारा था। यूएन के यमन स्थित प्रवक्ता जीन आलम ने बताया कि बंदी बनाए गए लोगों में पांच यमनी नागरिक और 15 अंतरराष्ट्रीय कर्मचारी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि पूछताछ के बाद 11 अन्य यूएन कर्मियों को रिहा कर दिया गया है। आलम ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र हूती विद्रोहियों और अन्य पक्षों के संपर्क में है ताकि इस गंभीर स्थिति को जल्द से जल्द सुलझाया जा सके, सभी कर्मचारियों की रिहाई सुनिश्चित हो और सना स्थित यूएन परिसरों पर पूर्ण नियंत्रण बहाल किया जा सके।
खैबर पख्तूनख्वा में मुठभेड़- दो पुलिसकर्मी समेत तीन की मौत
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में रविवार को हुई मुठभेड़ में तीन लोग मारे गए। इनमें से दो पुलिसकर्मी थे। घटना लक्की मरवात जिले के गाजनी खेेल क्षेत्र में पनियाला इलाके में हुई। पुलिस की विशेष टीम संदिग्ध हथियारबंद व्यक्ति की तलाशी लेने गई थी। संदिग्ध ने विरोध किया, जिससे दोनों पक्षों के बीच गोलीबारी हुई। पुलिस ने कहा कि उन्होंने संदिग्ध के साथियों की तलाश शुरू कर दी है।
पाकिस्तान में पोलियो टीकाकरण अभियान- 430 लाख बच्चों को लगाया टीका
पाकिस्तान में हाल ही में चलाए गए पोलियो अभियान में 43.3 मिलियन से अधिक बच्चों को टीका लगाया गया। पांच साल तक के बच्चों को ये टीका दिया गया। पंजाब में 22.9 मिलियन, सिंध में 10.2 मिलियन, खैबर पख्तूनख्वा में 6.1 मिलियन और बलोचिस्तान में 2.5 मिलियन बच्चों को टीका मिला। नेशनल इमरजेंसी ऑपरेशन्स सेंटर (NEOC) ने माता-पिता से अपील की है कि सभी बच्चों को पोलियो का टीका जरूर दें। पोलियो एक गंभीर बीमारी है, जो जीवनभर लकवा डाल सकती है।
लाहौर हाईकोर्ट में शहबाज-मरियम के खिलाफ याचिका
लाहौर हाईकोर्ट में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज के खिलाफ याचिका दाखिल की गई है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि दोनों ने अपने प्रचार अभियान के लिए सरकारी फंड का गलत इस्तेमाल किया। पीटीआई नेता आलिया हम्जा ने कहा कि इस तरह के कार्य संविधान के नियमों और पारदर्शी शासन के सिद्धांतों के खिलाफ हैं। याचिकाकर्ता ने कोर्ट से मांग की है कि सरकारी विभाग इस मामले की पूरी जानकारी दें और भविष्य में सरकारी फंड का दुरुपयोग रोकने के लिए निर्देश जारी करें।
इस्राइल के लिए जासूसी के आरोप में ईरान ने एक व्यक्ति को दी फांसी
ईरान ने इस्राइल की खुफिया एजेंसी मोसाद के लिए जासूसी करने के दोषी एक व्यक्ति को कोम शहर में फांसी दे दी। आधिकारिक न्यायपालिका की समाचार एजेंसी ने रविवार को यह जानकारी दी। मिजान न्यूज एजेंसी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के जरिये सजा बरकरार रखे जाने और माफी की याचिका खारिज होने के बाद शनिवार सुबह यह सजा दी गई। रिपोर्ट में दोषी व्यक्ति की पहचान नहीं बताई गई है, लेकिन उसे इस्राइल के साथ खुफिया सहयोग का आरोपी बनाया गया था। मिजान ने बताया कि इस व्यक्ति ने अक्तूबर 2023 में इस्राइली खुफिया सेवाओं के साथ संपर्क शुरू किया और चार महीने बाद फरवरी 2024 में गिरफ्तार हुआ। ईरान में इस तरह की फांसी राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए दिए जाने का नियम है। 4 अक्तूबर को भी छह अन्य लोगों को इसी तरह के आरोपों में फांसी दी गई थी।
जापान की एलडीपी और इशिन गठबंधन सरकार बनाने पर सहमत
जापान की लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी और जापान इनोवेशन पार्टी ने गठबंधन सरकार बनाने पर व्यापक रूप से सहमति व्यक्त की है। इससे देश में पहली महिला प्रधानमंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया है। क्योदो समाचार एजेंसी ने के अनुसार, रूढ़िवादी एलडीपी के नेता साने ताकाइची और इशिन नामक छोटे दक्षिणपंथी समूह के प्रमुख हिरोफुमी योशिमुरा सोमवार को अपने गठबंधन को पक्का करने वाले एक समझौते पर हस्ताक्षर करने वाले हैं।