अमेरिका की सेना ने अपने दो लापता नौसेना के जवानों को बचाने के लिए चलाया जा रहा खोज अभियान बंद कर दिया है। अब इन जवानों को मरा हुआ माना जा रहा है। दरअसल, ये जवान उस दौरान लापता हो गए थे, जब अरब सागर में एक जहाज पर चढ़ने और ईरानी निर्मित हथियारों को जब्त करने का अभियान चला रहे थे।
अमेरिकी मध्य कमान ने कहा कि तलाश अभियान को अब राहत अभियान में बदल दिया गया है। जवानों के नाम जारी नहीं किए गए हैं क्योंकि अभी परिवारों को सूचना नहीं पहुंचा सकी है।
सेना ने कहा कि अमेरिका, जापान और स्पेन के जहाजों तथा विमानों ने फ्लीट न्यूमेरिकल मौसम विज्ञान और समुद्र विज्ञान केंद्र, यूएस कोस्ट गार्ड अटलांटिक एरिया कमांड, सैन डिएगो विश्वविद्यालय - स्क्रिप्ट्स इंस्टीट्यूट ऑफ ओशनोग्राफी और नौसेना अनुसंधान कार्यालय की सहायता से लगातार 21,000 वर्ग मील से अधिक की खोज की। 10 दिन से खोज जारी थी।
यूएस सेंट्रल कमांड के प्रमुख जनरल एरिक कुरिल्ला ने कहा, 'हम अपने दो नौसेना जवानों के नुकसान पर शोक व्यक्त करते हैं। हम हमेशा उनके बलिदान का सम्मान करेंगे। हमारी प्रार्थनाएं जवानों के परिवारों, दोस्तों, अमेरिकी नौसेना और पूरे विशेष अभियान समुदाय के साथ हैं।'
अधिकारियों के अनुसार, 11 जनवरी के छापे में यमन में हूती विद्रोहियों को अवैध ईरानी निर्मित हथियार ले जाने वाले एक जहाज को निशाना बनाया गया था। अधिकारियों ने कहा है कि जब टीम जहाज पर चढ़ रही थी, जवानों में से एक भारी समुद्र में चला गया। बाद में टीम का एक साथी उसे बचाने के लिए अंदर चला गया।