मालदीव की पुलिस ने बुधवार को कहा कि वे कथित वित्तीय तख्तापलट में शामिल लोगों की पहचान कर रहे हैं। राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने दो दिन पहले विपक्ष पर आरोप लगाया था कि वे सरकार को गिराने की कोशिश कर रहे हैं। देश के राष्ट्रीय बैंक ने विदेशी लेन-देन पर रोक लगाने का फैसला किया था।
बैंक ऑफ मालदीव (बीएमएल) ने रविवार को पुराने क्रेडिट कार्ड और नए डेटिब व क्रेडिट कार्ड के लिए विदेशी लेन-देन को रोक दिया था। साथ ही, क्रेडिट कार्ड की सीमा को 100 अमेरिकी डॉलर तक घटा था। हालांकि, कुछ ही घंटों में यह फैसला पलट दिया गया। बैंक ने कहा था कि यह कदम मालदीव के मुद्रा प्राधिकरण (एमएमए) के निर्देशों पर उठाया गया।
'सन न्यूज' पोर्टल के मुताबिक, पुलिस ने सोमवार को एक आपराधिक जांच शुरू की है। आरोप है कि विपक्ष ने राष्ट्रपति मुइज्जू की सरकार को अस्थिर करने का प्रयास किया। पुलिस का कहना है कि विपक्ष ने वित्तीय संकट के डर को बढ़ाने के लिए लोगों को सड़कों पर उतारने की कोशिश की। एक बयान में पुलिस ने कहा कि वे सभी जरूरी जानकारी एकत्र कर रहे हैं और जांच के लिए जरूरी सभी पहलुओं की विस्तृत समीक्षा कर रहे हैं।
पुलिस ने कहा, हम उन लोगों की पहचान कर रहे हैं, जिनके खिलाफ कार्रवाई की जरूरत पड़ सकती है। हम जांच से जुड़े सभी पहलुओं को पूरा कर रहे हैं। राष्ट्रपति मुइज्जू ने सोमवार की रात पीपुल्स नेशनल कांग्रेस (पीएनसी) की बैठक में कहा था कि जैसे ही उन्होंने इस स्थिति के बारे में सुना तो उन्होंने और उनके मंत्रियों ने इसका समाधान ढूंढने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि बैंक का यह फैसला उनके सुझाव के खिलाफ था।
उन्होंने कहा था कि कई लोगों ने सवाल उठाया है कि एक ऐसे बैंक जिसमें सरकार बहुमत हो, उसने सरकार की सलाह के खिलाफ ऐसा फैसला क्यों लिया। हालांकि, ज्यादातर लोगों को पता नहीं है अभी बीएमएल के निदेशकों के बोर्ड में सरकार का बहुमत नहीं है। मुइज्जू को चीन समर्थक नेता माना जाता है। उन्होंने पिछले साल नवंबर में राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली थी।
उन्होंने कहा था, अभी बीएमएल में केवल चार सरकारी निदेशक हैं। बाकी पांच निदेशक सरकार से जुड़े नहीं है। इसलिए, हमारे पास अभी बहुमत नहीं है। हमने दो निदेशकों को नामित किया है, लेकिन उन्हें मौजूदा प्रक्रिया के जरिए नियुक्ति होने में कुछ हफ्ते लगेंगे। हालांकि, अध्यक्ष की अभी तक नियुक्ति नहीं हुई है। लेकिन नाम भेजा जा चुका है।
उन्होंने कहा, हालांकि निजी निदेशकों में से चंपा मोहम्मद मूसा और हुसैन अफीफ ने बहुत मदद की। उनकी मदद और उनके अन्य निदेशकों से बात करने की वजह से और हमारे मंत्रिमंडल की सुबह से की गई मेहनत के चलते, हम शाम तक (बीएमएल) फैसले को बदलने में सफल हो गए। सत्ताधारी पीएनसी पार्टी के प्रमुख मुइज्जू ने आरोप लगाया कि यह एक सोची-समझी साजिश थी। उन्होंने कहा कि पुलिस ने अब इस मामले की जांच शुरू कर दी है। उन्होंने कहा, यहां जो हुआ, उस पर सोचने से कोई भी समझदार व्यक्ति लिंक जोड़ सकता है। जैसा कि शियाम ने कहा कि यह निसंदेह एक अर्थव्यवस्था को पटरी से उतारने का प्रयास था।