शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के शिखर सम्मेलन से पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने मंगलवार को इमरान खान की पार्टी पीटीआई को चेतावनी दी। शरीफ ने कहा कि वे 2014 में हुए धरने की पुनरावृत्ति नहीं होने देंगे। उस समय धरने के चलते चीनी राष्ट्रपति की यात्रा रद्द हो गई थी।
शरीफ ने कहा कि एससीओ के सम्मेलन का आयोजन 15 और 16 अक्तूबर को पाकिस्तान में होने जा रहा है और इस सम्मेलन के लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं की गई हैं। उन्होंने कहा कि अगर पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने धरने को आयोजित किया, तो इससे सम्मेलन की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।
इमरान खान पिछले एक साल से रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद हैं। उन्होंने अपनी पार्टी के सदस्यों से डी-चौक पर रैली आयोजित करने का आह्वान किया है। डी-चौक वह जगह है, जहां 2014 में पीटीआई ने 126 दिन का धरना दिया था, जिसके कारण चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का दौरा रद्द हो गया था। हाल ही में, पीटीआई के समर्थकों और कार्यकर्ताओं की इस्लामाबाद व लाहौर में सुरक्षा कर्मियों से झड़पें हुईं। इस दौरान पार्टी के कई कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया और कुछ के खिलाफ मामले भी दर्ज किए गए।
प्रधानमंत्री शरीफ ने कहा कि जब पाकिस्तान विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है, तब एक पार्टी की ओर से रुकावट पैदा करना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा, पीटीआई ने केलव अराजकता पैदा की है और देश को विभाजित किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी ने अपने शासन के दौरान न तो भ्रष्टाचार खत्म किया और न ही पैसे वापस लिए, जो उनके चुनावी वादों का हिस्सा थे। शरीफ ने कहा, चीन, रूस, भारत और अन्य देशों के शीर्ष अधिकारी इस सम्मेलन में भाग लेने के लिए आ रहे हैं। अगर राजधानी में कोई विरोध होगा, तो इससे सुरक्षा को खतरा होगा। मैं 2014 को नहीं दोहराने दूंगा। यह मेरा देश से वादा है।
इससे पहले शरीफ ने लाहौर में एक आत्मघाती हमले में दो चीनी नागरिकों की हत्या और 17 अन्य के घायल होने की घटना पर दुख जताया। उन्होंने कहा, पाकिस्तान चीन के लोगों के दुख में साझेदार है। उन्होंने चीनी राजदूत को आश्वासन दिया कि हम एससीओ शिखर सम्मेलन के लिए सुरक्षा के सभी प्रबंध करेंगे। प्रधानमंत्री ने कहा, हमने पूरी सुरक्षा व्यवस्था की है, ताकि चीनी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।