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राहत की खबर: डब्ल्यूएचओ ने की पश्चिमी अफ्रीकी देश गिनी में इबोला के खत्म होने की घोषणा

Sun, 20 Jun 2021 12:22 AM IST
Jeet Kumar वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, गिनी

सार

इबोला बीमारी का प्रकोप पश्चिम अफ्रीकी राज्य में इस साल 14 फरवरी को शुरू हुआ था। गिनी में सबसे पहले यह वायरस 2013-2016 में फैला था। 
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सांकेतिक तस्वीर.... - फोटो : twitter
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विस्तार
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विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने शनिवार को गिनी में घातक बीमारी इबोला के खत्म होने की घोषणा की। डब्ल्यूएचओ ने कहा है करीब 14 फरवरी को गिनी इबोला का प्रकोप देखा गया था जिसकी आज खत्म होने की घोषणा कर दी गई। साल 2016 में पश्चिम अफ्रीका में यह घातक वायरस खत्म हो चुका था लेकिन इसके बाद पहली बार गिनी में इस बीमारी को देखा गया था।

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पश्चिम अफ्रीका में 2013-2016 में आई विनाशकारी इबोला महामारी ने गिनी, लाइबेरिया और सिएरा लियोन जैसे गरीब देशों में करीब 11,300 लोग की जान ले ली। गिनी के स्वास्थ्य अधिकारियों ने 14 फरवरी, 2021 को पश्चिम अफ्रीका में बीमारी के प्रकोप की सूचना दी थी।

गिनी में इस प्रकोप की घोषणा के बाद इसके दक्षिणी नजेरेकोर प्रांत में एक स्थानीय समुदाय में तीन मामले सामने आए थे। यहां 16 मामलों की पुष्टि हुई थी और सात संभावित मामले थे। इनमें 11 मरीज बच गए और 12 लोगों की जान चली गई।
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इबोला को खत्म करने में  विश्व स्वास्थ्य संगठन ने काफी तेजी से अभियान चलाया। डब्ल्यूएचओ ने करीब 24 हजार इबोला टीके की खुराक भेजने में मदद की साथ ही 2800 से अधिक फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं सहित उच्च जोखिमवाले करीब 11 हजार लोगों का टीकाकरण किया गया। हालांकि, इबोला का प्रकोप उसी क्षेत्र में फैल गया, जहां पश्चिम अफ्रीका में 11 हजार लोग मारे गए थे।

डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक डॉ टेड्रोस अदनोम घेब्रेयसस ने कहा कि मैं प्रभावित समुदायों, सरकार और गिनी के लोगों, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, भागीदरों और अन्य सभी की सराहना करता हूं, जिनके समर्पित प्रयासों ने इबोला के प्रकोप को रोकना संभव बना दिया। 

डब्ल्यूएचओ के अफ्रीका के क्षेत्रीय निदेशक ने कहा है कि गिनी ने चार महीनों में वायरस को नियंत्रित करने में कामयाबी हासिल की। उन्होंने कहा कि जब यह प्रकोप खत्म हो गया है, हमें संभावित दोबारा फैलने के प्रति सतर्क रहना चाहिए। डब्ल्यूएचओ आगे भी गिनी को मदद देना जारी रखेगा।

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