हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के एनलिस्ट दमित्री गोरेनबर्ग का कहना है कि रूस ने 2009 में अपनी सेना का आधुनिकीकरण शुरू कर दिया था। रूस सोवियत दौर के हथियारों से मुक्ति पाना चाहता था और उसने इस काम को तेजी से किया। पिछले साल अमेरिकी रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस ने कहा था कि अमेरिका को मुख्य रूप से रूस से खतरा है और टकराने के लिए तैयार रहना चाहिए। अमेरिका की मौजूदगी और उसके सैन्य ठिकाने दुनिया के कई देशों में हैं। इस मामले में रूस उसके सामने कहीं नहीं टिकता है।
रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने इटली के एक अखबार को इंटरव्यू दिया था। इस इंटरव्यू में उन्होंने कहा था, ''आप दुनिया का मानचित्र उठाकर देखिए और उसमें अमेरिकी सैन्य ठिकानों को चिह्नित किजिए। इसी से स्पष्ट हो जाएगा कि रूस और अमेरिका में क्या अंतर है।'' रूस के बारे में कहा जाता है कि वो सेना पर जितनी रकम
खर्च करता है उससे कम दिखाता है। इसके बावजूद दोनों देशों के सैन्य खर्च में बड़ा अंतर है। जो देश दुनिया की सबसे बड़ी आर्थिक ताकत है उसी की सैन्य ताकत भी बेमिसाल है। आर्थिक संपन्नत के मामले में भी अमेरिका और रूस की कोई तुलना नहीं है।
रूस के बारे में कहा जाता है कि उसके पास दुनिया के बेहद प्रभाशाली परमाणु
हथियार हैं और इनमें अमेरिका को नष्ट करने की क्षमता है। हालांकि रक्षा विश्लेषकों का मानना है कि पुतिन कभी अमेरिका पर हमला करने का जोखिम नहीं उठाएंगे क्योंकि यह आत्मघाती कदम साबित होगा। दोनों देशों की सीमाएं मिलती नहीं है इसलिए हमला होगा तो यह बेरिंग जल डमरू मध्य और अलास्का के जरिए होगा। इसका मतलब है कि दोनों देशों को एक दूसरे से सीधे तौर पर खतरा नहीं है।
एयर फोर्स के मोर्चे पर भी अमेरिका की तुलना में रूस पीछे है लेकिन वो अमेरिकी एयर फोर्स के ऑपरेशन पर सर्बिया, इराक, अफगानिस्तान और लीबिया में रणनीतिक रूप से भारी पड़ सकता है। हालांकि कई विश्लेषकों का मानना है कि अब शीत युद्ध का वक्त खत्म हो गया है। अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों का मानना है कि पुतिन का आक्रामक राष्ट्रवाद युद्ध तक नहीं जाएगा। इसी महीने रूसी राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन ने कहा था कि रूस ने एक ऐसी परमाणु मिसाइल तैयार कर ली है जो पूरी दुनिया में कहीं भी मार कर सकती है और हर लक्ष्य को भेद सकती है। पुतिन का दावा है कि इस मिसाइल को रोक पाना असंभव होगा।
रूस के सरकारी टीवी पर पुतिन ने लोगों को एक प्रजेंटेशन भी दिखाया था। इसमें पुतिन ने कहा कि रूस ऐसे ड्रोन भी तैयार कर रहा है जिन्हें पनडुब्बियों से छोड़ा जा सकेगा और वो परमाणु हमला करने में सक्षम होंगे। पुतिन ने आगे कहा था कि रूस की इस नई मिसाइल को यूरोप और एशिया में बिछे अमेरिकी
डिफेंस सिस्टम भी नहीं रोक सकते। पुतिन ने रूसी संसद के दोनों सदनों को करीब दो घंटे तक संबोधित किया था। दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी अपने परमाणु हथियारों के आधुनीकीकरण का आदेश दे चुके हैं।