सुरक्षा के लिए बुलेटप्रूफ कोच
इनमें से हर एक डब्बा बुलेटप्रूफ होता है, जो सामान्य रेल कोच की तुलना में कहीं ज्यादा भारी होता है। ज्यादा वजन होने की वजह से इसकी रफ्तार कम होती है। अनुमान के मुताबिक इसकी अधिकतम स्पीड 37 मील प्रति घंटे तक जाती है। 2009 की रिपोर्ट के मुताबिक किम जोंग इल के दौर में 100 सुरक्षा अधिकारी एडवांस्ड ट्रेन में होते थे और उनकी जिम्मेदारी होती थी।
स्टेशन की जांच-पड़ताल करना
इसके अलावा ज्यादा सुरक्षा मुहैया कराने के लिए ट्रेन के ऊपर सैन्य हेलीकॉप्टर और एयरप्लेन भी उड़ान भरते थे। एक और चौंकाने वाली बात ये है कि उत्तर कोरिया में अलग-अलग जगह ऐसे 22 रेलवे स्टेशन बनाए गए हैं जो किम जोंग के
व्यक्तिगत इस्तेमाल के लिए हैं।
ट्रेन की तस्वीरें और वीडियो
उत्तर कोरिया के सरकारी मीडिया ने कभी-कभी ट्रेन के भीतर सवार अपने सबसे बड़े नेता की तस्वीरें और वीडियो जारी किए हैं। साल 2015 में इसी ट्रेन के एक कोच में किम जोंग उन एक लंबी सफेद टेबल पर बैठे नजर आए थे जो एक कॉन्फ्रेंस रूम की तरह दिख रहा था। साल 2011 में जारी इसी तरह के वीडियो में उनके पिता भी इसी तरह बैठे और बात करते दिखे थे। पुराने वीडियो में फ्लैट स्क्रीन टेलीविजन दिखा था और नए वीडियो में लैपटॉप भी नजर आया।
किम जोंग-उन को लेकर 13 नवंबर 2015 को ब्रिटिश अखबार द गार्डियन में रिपोर्ट छपी थी कि जब वो देश के भीतर भी दौरे पर होते हैं तो काफिले में एक मोबाइल टॉयलेट होता है।
क्या किम अपनी जान को लेकर इस कदर
डरे रहते हैं? उत्तर कोरिया में 1997 से 1999 तक भारत के राजदूत रहे जगजीत सिंह सपरा ने इसका जवाब दिया था, ''डर तो है। किम ही नहीं बल्कि उनके पूर्वज भी सुरक्षा को लेकर काफी सतर्क रहते थे। किम जोंग-उन के पिता किम जोंग-इल जब भी मॉस्को और बीजिंग गए तो प्लेन नहीं बल्कि ट्रेन से गए।''
सपरा ने कहा, ''किसी भी देश का शासक प्लेन के बदले ट्रेन से विदेशी दौरा करे, इसी से हम समझ सकते हैं कि वो अपनी सुरक्षा को लेकर कितना सतर्क था। उत्तर कोरिया का हवाई संपर्क केवल चीन से है। वो भी हफ्ते में दो दिन ही बीजिंग से प्योंगयांग फ्लाइट आती है। अगर आपको उत्तर कोरिया जाना है तो पहले
बीजिंग जाना होगा।''
सपरा ने कहा कि किम जोंग-उन के दादा किम इल-सुंग ने एक बार केवल प्लेन से इंडोनेशिया का दौरा किया था। उन्होंने कहा, ''पूरा देश तो अलर्ट पर रहता है। इनका किसी देश से पीस अग्रीमेंट नहीं है। ऐसे में ये अपनी सुरक्षा को लेकर ही डरे रहते हैं। अभी उस देश में जितना शोर है, उसका सीधा संबंध असुरक्षा से है।''