पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर पहुंच गया है। अमेरिका और इस्राइल के हमलों के बाद ईरान ने इस्राइल और खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी बमबारी शुरू कर दी है, जिससे पूरे पूरी क्षेत्रीय सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है। ऐसे में अब इस भयावह होते संघर्ष को खत्म करने की दिशा में ईरान की ओर से एक बड़ा बयान सामने आया है। बताया गया है कि ईरान अमेरिका और इस्राइल के साथ युद्ध खत्म करने के लिए बातचीत को तैयार है, लेकिन शर्त साफ है कि ये बातचीत पूरे इज्जत के साथ और बिना किसी दबाव के होगी।
बातचीत की पहल वाला यह बयान ईरान के सर्वोच्च नेता के विशेष प्रतिनिधि अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत के दौरान दी। उन्होंने कहा कि हम युद्ध रोकने और बातचीत करने के लिए तैयार हैं। लेकिन बातचीत इज्जत के साथ होनी चाहिए, किसी के कहने पर नहीं। हम केवल अपने अधिकार के लिए लड़ रहे हैं।
क्या चाहता है ईरान?
अपने बयान में इलाही ने कहा कि ईरान चाहता है कि अमेरिका और इस्राइल भविष्य में हमला न करें और अगर शांति होनी है तो उस समय लगे प्रतिबंध भी हटाने होंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान ने युद्ध शुरू नहीं किया, बल्कि केवल अपनी रक्षा कर रहा है। इलाही ने आरोप लगाया कि अमेरिका ने यह युद्ध शुरू किया और अब उन्हें ही इसे रोकना चाहिए।
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हम केवल अपनी रक्षा कर रहे- इलाही
उन्होंने कहा कि अमेरिका और इस्राइल ने हमला किया, हम केवल अपनी रक्षा कर रहे हैं। उन्होंने शुरू किया है, उन्हें ही इसे रोकना होगा। हम भी तभी युद्ध रोकेंगे। इलाही ने यह भी बताया कि ईरान अमेरिका के साथ पहले ओमान के माध्यम से बातचीत कर रहा था। दोनों पक्षों ने चर्चा की थी और समाधान के करीब थे, लेकिन अचानक अमेरिका और इस्राइल ने हमला कर दिया।
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ट्रंप की प्रतिक्रिया पर भी दिया जवाब
बता दें कि इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के इन प्रस्तावों को बहुत देर बताया और कहा कि ईरान की सेना और मिसाइल क्षमताओं को पूरी तरह नष्ट किए बिना यह युद्ध खत्म नहीं होगा। इस बात के जवाब में इलाही ने कहा कि ईरान शांति चाहता है और राष्ट्रीय एकता को प्राथमिकता दे रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका केवल ईरान नहीं, बल्कि अन्य देशों को भी कमजोर करना चाहता है ताकि अमेरिका अपनी ताकत बनाए रख सके। दूसरी ओर ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने कहा कि देश स्थिर है और कामकाज जारी है। उन्होंने बताया कि हालात असाधारण हैं, लेकिन देश रुका नहीं है। सभी गतिविधियां चल रही हैं और निर्णय जल्दी लिए जा रहे हैं। राष्ट्रीय एकता हमारी सबसे बड़ी ताकत है।