मध्य एशिया में तनाव बढ़ता ही जा रहा है। इस्राइली सेना ने कहा कि उसने शुक्रवार को सीरिया से आने वाले एक संदिग्ध हवाई हमले को नाकाम कर दिया। ब्रिटेन की सीरियन ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स ने इस हमले को ईरान समर्थित इस्लामिक रेजिस्टेंस इन इराक समूह द्वारा लॉन्च किया गया ड्रोन हमला बताया। दूसरी तरफ, इस्राइल ने शुक्रवार शाम उत्तरी गाजा पट्टी में जबालिया शिविर पर हवाई हमला किया, जिसमें 33 फलस्तीनी मारे गए। मरने वालों में 21 महिलाएं शामिल हैं।
इस्राइली सेना ने एक बयान में कहा, 'सीरिया से इस्राइली क्षेत्र की ओर आ रहे एक संदिग्ध हवाई लक्ष्य को इस्राइली क्षेत्र में घुसने से पहले ही वायु सेना ने रोक लिया था।'
युद्ध निगरानीकर्ता ने एक बयान में कहा, 'कब्जे वाले सीरियाई गोलान में इस्राइली हवाई सुरक्षा ने इराक में इस्लामिक प्रतिरोध द्वारा लॉन्च किए गए दो ड्रोनों को निशाना बनाया, जो सीरियाई क्षेत्र के माध्यम से इराक से आ रहे थे।'
इस्राइल दो मोर्चों पर युद्ध लड़ रहा है, एक दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्ला के साथ, दूसरा गाजा में हमास के साथ, जबकि उसे सीरिया, इराक और यमन में ईरान समर्थित आतंकवादियों के हमलों का भी सामना करना पड़ रहा है।
गाजा में बढ़ सकती है मौतों की संख्या
उधर, हमास द्वारा संचालित गाजा सरकार के मीडिया कार्यालय ने एक बयान जारी कर कहा कि इस्राइली हवाई हमले में 33 फलस्तीनियों की मौत हो गई। कई पीड़ितों के मलबे और इमारतों के नीचे फंसे होने के कारण मौतों की संख्या 50 तक पहुंच सकती है। इस्राइल द्वारा की गई बमबारी में 85 से अधिक लोग घायल हुए हैं, इनमें कुछ को गंभीर चोटें आई हैं। कहा कि इस्राइली सेना ने जबालिया शिविर में कई घरों पर बमबारी की। हालांकि, इस्राइली सेना ने अभी तक इस घटना पर कोई टिप्पणी नहीं की है।
इस्राइल गाजा पट्टी में हमास के खिलाफ बड़े पैमाने पर हमला कर रहा है, जो 7 अक्तूबर, 2023 को दक्षिणी इस्राइली सीमा पर हमास के हमले के जवाब में किया जा रहा है, जिसमें लगभग 1200 लोग मारे गए और 250 लोगों को बंदी बनाया गया। गाजा स्थित स्वास्थ्य अधिकारियों ने एक बयान जारी कर कहा, गाजा पट्टी में इस्राइली हमलों में मारे गए फलस्तीनियों की संख्या 42500 हो गई है।
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