पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष दिन-ब-दिन और भयावह होता जा रहा है। अमेरिका और इस्राइल के भीषण हमलों से दहक रहे मोर्चे पर ईरान भी इस्राइल और खाड़ी देशों में मैजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जोरदार पलटवार कर रहा है। मिसाइलों और ड्रोन की गरज के बीच यह संघर्ष अब अपने 23वें दिन में प्रवेश कर चुका है और पूरे क्षेत्र में तनाव चरम पर है। इसी उग्र हालात के बीच एक बार फिर ट्रंप का बड़ा बयान सामने आया है। इस बार ट्रंप ने रविवार को एक राजनीतिक विश्लेषक पर कड़ी नाराज़गी जताई।
इस पूरे विवाद को ऐसे समझा जा सकता है कि बीते दिनों एक राजनीतिक विश्लेषक डेविड सैंगर और मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया कि ट्रंप ईरान के मामले में अपने लक्ष्य हासिल नहीं कर पाए हैं। इस पर ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर पोस्ट में कहा कि अमेरिका ने ईरान को पूरी तरह कमजोर कर दिया है।
ईरान की लीडरशिप खत्म- ट्रंप
ट्रंप ने दावा किया कि ईरान की लीडरशिप खत्म हो चुकी है, उसकी नौसेना और वायुसेना लगभग नष्ट हो चुकी है और अब उसके पास कोई मजबूत रक्षा व्यवस्था नहीं बची है। अपने पोस्ट में ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान अब बातचीत करना चाहता है, लेकिन वह खुद कोई समझौता करने के इच्छुक नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका अपने लक्ष्यों को तय समय से पहले ही हासिल कर रहा है।
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क्या कहती है मीडिया रिपोर्ट? ये समझिए
हालांकि इसके उलट, द न्यू यौर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि ट्रंप भले ही प्रगति का दावा कर रहे हों, लेकिन उनके लक्ष्य समय-समय पर बदलते रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, शुरुआत में अमेरिका का मकसद तेहरान में सत्ता परिवर्तन लाना और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह खत्म करना था। इतना ही नहीं रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि अमेरिका में पेट्रोल की कीमत करीब 4 डॉलर प्रति गैलन पहुंच गई है और अमेरिकी रक्षा विभाग (पेंटागन) ने अपने हथियारों को फिर से भरने के लिए 200 अरब डॉलर की मांग की है।
हालांकि, हाल के बयानों में ट्रंप पहले के बड़े लक्ष्यों से थोड़ा पीछे हटते नजर आए। अब उनका फोकस ईरान की सैन्य ताकत को कमजोर करने और पश्चिम एशिया में अपने सहयोगी देशों, जैसे इस्राइल, यूएई और कतर की रक्षा करने पर ज्यादा है। ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका अपने उद्देश्यों को हासिल करने के बहुत करीब है। साथ ही उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने की जिम्मेदारी अन्य देशों पर छोड़ने की बात कही, हालांकि जरूरत पड़ने पर अमेरिका मदद करेगा।
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जल्द समाप्त होगा ईरान पर अमेरिकी कार्रवाई- ट्रंप
इसके साथ ही एक बार फिर उन्होंने दावा किया कि ईरान समझौता करना चाहता है, लेकिन ईरानी अधिकारियों ने 28 फरवरी के हमलों के बाद बातचीत से इनकार किया है। इसके अलावा, ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि अमेरिका जल्द ही ईरान में अपनी सैन्य कार्रवाई को समाप्त कर सकता है। उन्होंने अपने पांच मुख्य लक्ष्यों का जिक्र किया, जिनमें ईरान की सैन्य ताकत को खत्म करना, उसे परमाणु हथियार बनाने से रोकना और पश्चिम एशिया में अपने सहयोगियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना शामिल है।