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Israel: युद्धग्रस्त इस्राइल के दौरे पर अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन को भी था खतरा? पत्रकार का खुलासा

Fri, 20 Oct 2023 12:59 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन

सार

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यह शायद पहली बार था, जब एयर फोर्स वन में ऐसे दिशा निर्देश दिए गए थे। जो बाइडन के होटल में रहने के दौरान हमले की स्थिति में सभी को बंकरों में छिपने और काफिले पर हमले के दौरान गाड़ियों में ही रहने की सलाह दी गई थी। 
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एयर फोर्स वन में सवार होते जो बाइडन - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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बीती 18 अक्तूबर को अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने युद्धग्रस्त इस्राइल का दौरा किया था। इस्राइल और फलस्तीन के आतंकी संगठन हमास के बीच लड़ाई छिड़ी हुई है और दोनों तरफ से लगातार हवाई हमले किए जा रहे हैं। ऐसे हालात में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन का इस्राइली दौरा भी खतरों से खाली नहीं था। न्यूयॉर्क टाइम्स अखबार के पीटर बेकर ने एक लेख लिखा है, इस लेख में पीटर ने जो बाइडन के इस्राइली दौरे और उसके खतरों के बारे में बात की। 
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सुरक्षा के लिए दिए गए दिशा निर्देश
बेकर ने बताया कि जब अमेरिकी राष्ट्रपति का विमान एयर फोर्स वन इस्राइल जाते हुए अटलांटिक सागर के ऊपर था तो उन्हें और राष्ट्रपति के साथ यात्रा कर रहे अन्य पत्रकारों को कई दिशा निर्देश दिए गए कि अगर हमला होता है तो उस स्थिति में क्या करना है। सभी को एक नोटकार्ड भी दिया गया, जिसमें हवाई हमले, काफिले पर हमले आदि की स्थिति में बचने के लिए दिशा निर्देश दिए गए थे। साथ ही कुछ जरूरी फोन नंबर्स थे ताकि संकट की स्थिति में उन नंबर्स पर संपर्क किया जा सके। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यह शायद पहली बार था, जब एयर फोर्स वन में ऐसे दिशा निर्देश दिए गए थे। जो बाइडन के होटल में रहने के दौरान हमले की स्थिति में सभी को बंकरों में छिपने और काफिले पर हमले के दौरान गाड़ियों में ही रहने की सलाह दी गई थी। 

तेल अवीव पर लगातार हो रहे हमले
अमेरिकी राष्ट्रपति का एयर फोर्स वन विमान तेल अवीव के बेन गुरियन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरा। बता दें कि तेल अवीव का यह हवाई अड्डा भी हमास के रॉकेट्स की रेंज में है और यहां संभावित खतरे को देखते हुए ही कई अंतरराष्ट्रीय विमानन कंपनियों ने यहां अपनी परिचालन सेवाएं बंद कर दी हैं। यहां कितना खतरा है, इसका अंदाजा इसी  बात से लगा सकते हैं कि जब जर्मनी के चांसलर ओलाफ शोल्ज और अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने तेल अवीव का दौरा किया तो उस वक्त भी इस्राइल पर हमला हुआ और दोनों नेताओं को बंकर में ले जाना पड़ा था। 
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युद्धग्रस्त देशों का दौरा नहीं करते अमेरिकी राष्ट्रपति
बता दें कि आमतौर पर अमेरिकी राष्ट्रपति युद्धग्रस्त देशों का दौरा नहीं करते हैं। पूर्व में फ्रैंकलिन रूजवेल्ट अमेरिका के पहले राष्ट्रपति थे, जो द्वितीय विश्वयुद्ध के समय कासाब्लांका गए थे। हालांकि यह दौरा पूरी तरह से गुप्त रखा गया था। इसके बाद जॉर्ज डब्लू बुश और बराक ओबामा ने अफगानिस्तान और इराक का दौरा किया था। हालांकि इन दोनों राष्ट्रपतियों का दौरा भी गुप्त रखा गया था। इस साल जो बाइडन ने युद्धग्रस्त यूक्रेन का भी दौरा किया था लेकिन इस दौरे के बारे में भी पहले से कोई जानकारी नहीं दी गई थी। इसके विपरीत जो बाइडन के इस्राइल दौरे का पहले से ही एलान कर दिया गया था। यही वजह है कि यह दौरा अपने आप में बेहद खास है। हालांकि गनीमत रही कि जो बाइडन के इस्राइल में रहने के दौरान तेल अवीव पर कोई हमला नहीं हुआ। 
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