फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

US: डॉक्टरों ने जिसे मृत बताया, उसे 24 मिनट बाद ही आया होश; महिला ने शेयर किया नई जिंदगी का दिलचस्प किस्सा

Fri, 15 Dec 2023 08:31 AM IST
श्वेता महतो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन

सार

महिला की पहचान लेखिका लॉरेन कैनेडे के तौर पर की गई है। उन्होंने रेडिट पर चल रहे कार्यक्रम आस्क मी एनीथिंग (मुझसे कुछ भी पूछे) में अपने पुनर्जीवन की घटना का जिक्र किया।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Social Media
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अमेरिका की एक महिला ने अपने पुनर्जीवन का चौंकाने वाला अनुभव साझा किया है। महिला ने बताया कि वह 24 मिनट तक होश खोने के बाद मौत के करीब जाकर पुनर्जीवित हुई है। दरअसल, हृदय की धड़कन रुकने के बाद महिला को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था, लेकिन करीबन आधे घंटे बाद ही उसे होश आ गया जो कि किसी चमत्कार से कम नहीं था। 
विज्ञापन


 महिला ने शेयर किया नई जिंदगी का दिलचस्प किस्सा
महिला की पहचान लेखिका लॉरेन कैनेडे के तौर पर की गई है। उन्होंने रेडिट पर चल रहे कार्यक्रम आस्क मी एनीथिंग (मुझसे कुछ भी पूछे) में अपनी पुनर्जीवन की कहानी का जिक्र किया। लॉरेन ने बताया कि वह अस्पताल में भर्ती थी और दो दिन तक कोमा में थी। उन्होंने इस दौरान अपने पति का भी धन्यवाद किया जिन्होंने लॉरेन को सही समय पर सीपीआर दिया। 

लेखिका ने बताया, 'फरवरी में मुझे मेरे घर पर दिल का दौरा पड़ा था। मेरे पति ने 911 पर फोन किया और मुझे सीपीआर देना शुरू किया। ईएमटी को मुझे पुनर्जीवित करने में 24 मिनट लगा। आईसीयू में नौ दिनों तक रहने के बाद मुझे मानसिक रूप से मृत घोषित कर दिया गया था।'
विज्ञापन


रेडिट के इस शो के दौरान यूजर्स लॉरेन से उनके मौत का अनुभव जानने के लिए बहुत उत्सुक थे। यूजर्स ने कई सारे सवाल भी किए, जिसमें उनसे पूछा गया कि उन्हें जितने टेस्ट करवाए गए उसके बाद क्या हुआ या मरने के बाद उनके साथ क्या हुआ? इन सभी सवालों का जवाब देते हुए लॉरेन ने आगे बताया कि इलेक्ट्रोएन्सेफलोग्राम टेस्ट करने के बाद उन्हें आधे घंटे तक मिर्गी के दौरे का अनुभव हुआ था। 

उन्होंने कहा, 'मेरे पति ने मुझे चार मिनट तक सीपीआर दिया।' उन्होंने आगे कहा कि डॉक्टरों ने उन्हें बताया कि उन्हें दिल का दौरा कोविड की वजह से पड़ा था। स्थानीय मीडिया सूत्र के अनुसार कैनेडी का मामला बहुत दिलचस्प था, लेकिन पुनर्जीवन मिलने के बाद अधिकांश लोग ज्यादा दिन तक नहीं बच पाते हैं। 1982 से 2018 तक 65 में से केवल 18 लोग ही पुनर्जीवित होने के बाद लंबे समय तक जीवित रहे हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें