फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अमेरिकी यूनिवर्सिटी की चेतावनी: स्कूल पहुंचे बच्चों को संक्रमण से बचाना चुनौती

Fri, 08 Oct 2021 06:13 AM IST
देव कश्यप अमर उजाला रिसर्च टीम, वाशिंगटन।

सार

अमेरिका की जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के अध्येता डॉ. नीतीश डोगरा का कहना है कि बच्चों के बीच दूरी का अभाव है। बच्चे साफ-सफाई पर पर्याप्त ध्यान नहीं देते। क्लास में क्षमता से अधिक बच्चे हैं। वेंटिलेशन न होने से भी स्थिति बिगड़ सकती है। ऐसे में बच्चों के बीच वायरस फैलने का खतरा है।
 
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कोरोना वायरस के हवा में फैलने से महामारी के बीच स्कूल पहुंचे बच्चों को संक्रमण से बचाने की चुनौती खड़ी हो गई है। अमेरिका की जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के अध्येता डॉ. नीतीश डोगरा के मुताबिक, बचाव के उपाय नाकाफी होने से चिंता बढ़ गई है।

विज्ञापन


डॉ. डोगरा का कहना है कि बच्चों के बीच दूरी का अभाव है। बच्चे साफ-सफाई पर पर्याप्त ध्यान नहीं  देते। क्लास में क्षमता से अधिक बच्चे हैं। वेंटिलेशन न होने से भी स्थिति बिगड़ सकती है। ऐसे में बच्चों के बीच वायरस फैलने का खतरा है।

बच्चे बन सकते हैं वाहक
डॉ. डोगरा बताते हैं कि संक्रमण लक्षण या बिना लक्षण वाला हो सकता है। बच्चे में संक्रमण के लक्षण नहीं हैं, लेकिन तब भी वो वायरस का वाहक बन दूसरों को संक्रमित कर सकता है। कोरोना लंबे समय तक बच्चों को परेशानी में डाल सकता है। बच्चों को वायरस से बचाने के लिए मास्क पहनना अनिवार्य करना होगा।
विज्ञापन


बच्चों को आरामदायक मास्क दें
वैज्ञानिकों का कहना है कि बच्चे नियमित मास्क लगाकर रहें ये संभव नहीं है। ऐसे में ये अभिभावकों की जिम्मेदारी है कि वे उनके लिए आरामदायक और आकर्षक मास्क लाएं जिससे वे पहनने में रुचि दिखाएं। बच्चों को मास्क पहनने का सही तरीका भी बताएं। ये भी बताना जरूरी है कि वे मास्क या चेहरे पर बार-बार हाथ न लगाएं। स्कूल प्रबंधन ये सुनिश्चित करें कि बच्चों के संपर्क में आने वाले शिक्षकों को टीका लगा है।

छोटे बच्चों को लेकर सावधान
डॉ. डोगरा स्पष्ट कहते हैं कि दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों या वो बच्चे जो मास्क खुद नहीं हटा सकते हैं उन्हें मास्क पहनाने से बचना होगा। छोटे बच्चों को मास्क पहनाने वाले अभिभावकों को ध्यान रखना होगा कि बच्चे की सांस तो नहीं फूल रही है। बच्चे की सांस फूल रही है या उसे किसी और तरह की तकलीफ हो रही है तो उसका इस्तेमाल करने से बचें। छोटे बच्चों को बाहर लेकर कम निकलें।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें