अमेरिका और यूक्रेन ने बुधवार को एक नए आर्थिक समझौते की घोषणा की। यह समझौता अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा यूक्रेन पर कई सप्ताह से दबाव बनाने के बाद हुआ है। अमेरिका ने यूक्रेन को रूसी आक्रमण से बचाने के लिए दी गई अरबों डॉलर की सैन्य और आर्थिक सहायता की क्षतिपूर्ति की मांग की है।
रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच लंबे समय से यूक्रेनी संसाधनों पर नजरें गड़ाए अमेरिका ने अंतत: पहुंच हासिल कर ली है। यूक्रेन के विशाल खनिज संसाधनों तक अमेरिकी पहुंच देने वाले समझौते पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने हस्ताक्षर किए हैं। अब कई कीव को सैन्य सहायता जारी रखने में अमेरिकी मदद भी मिल सकती है। संभव है कि अब ट्रंप रूस के साथ शांति वार्ता से पीछे हट जाएं।
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यूरोप में चल रही वार्ता के दौरान ट्रंप ने पहले ही कहा था कि यदि जल्द शांति समझौता नहीं हुआ तो अमेरिका वार्ता से हट सकता है। हस्ताक्षर के बाद दोनों पक्षों ने इसे अमेरिका-यूक्रेन पुनर्निवेश निधि का नाम दिया। वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा, यह समझौता रूस को स्पष्ट संकेत देता है कि ट्रंप प्रशासन लंबे समय तक स्वतंत्र व संप्रभु यूक्रेन पर शांति प्रक्रिया के लिए प्रतिबद्ध है। राष्ट्रपति ट्रंप ने यूक्रेन में स्थायी शांति और समृद्धि के लिए दोनों पक्षों की प्रतिबद्धता दिखाने के लिए इस साझेदारी की कल्पना की थी।
चीन से आने वाले कई खनिजों की निर्भरता घटाना है मकसद
अमेरिका चाहता है कि वह चीन जैसे देशों पर कम निर्भर रहे और खुद खनिजों का इस्तेमाल कर सके। फिलहाल अमेरिका को बैटरी के लिए लिथियम और अन्य खनिजों की जरूरत चीन से पूरी करनी होती थी। लेकिन अब वह यूक्रेन से सस्ती दरों पर इनकी आपूर्ति कर सकेगा। यूक्रेन के पास 20 से ज्यादा ऐसे खनिजों के भंडार हैं, जो अमेरिका के लिए रणनीतिक रूप से अहम हैं। इनमें टाइटेनियम- हवाई जहाज के पंख बनाने में काम आता है, लिथियम- बैटरियों में प्रयोग होता है, यूरेनियम- परमाणु ऊर्जा के लिए जरूरी है। यह मसौदा दुर्लभ खनिजों तक सीमित नहीं, बल्कि इसमें गैस और तेल के स्रोत भी शामिल हैं।
पहले रद्द हो चुका था समझौता
यह हस्ताक्षर ऐसे समय में हुआ है जब दो माह पूर्व एक अलग लेकिन समान समझौते पर हस्ताक्षर होने वाले थे, लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस व यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की की ओवल ऑफिस में तनावपूर्ण बैठक में समझौता रद्द हो गया था।
क्या कहता था पहले वाला समझौता?
अमेरिका और यूक्रेन मिलकर एक संयुक्त निवेश फंड बनाएंगे, यूक्रेन अपनी प्राकृतिक संपत्तियों (खनिज, तेल, गैस आदि) से होने वाली आमदनी का 50% इस फंड में डालेगा। यह पैसा यूक्रेन के युद्ध-प्रभावित इलाकों के पुनर्निर्माण में लगेगा और संपत्तियों का मालिकाना हक अमेरिका को नहीं दिया जाएगा।